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दिल्ली जाने दिया जाए या जेल भेजा जाए
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दिल्ली जाने दिया जाए या जेल भेजा जाए
रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता शनिवार रात छोड़े जाने के बाद सदर तहसील में धरने पर बैठे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पुलिस लाइंस से रविवार देर रात छोड़ दिया था। इसके बाद से कार्यकर्ता सदर तहसील में धरने पर बैठ गए। सोमवार को दिनभर धरना चला। इसमें कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें रोक रखा है। उनकी मांग है कि या तो उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए या जेल भेज दिया जाए। वहीं प्रशासन रोकने जैसी किसी बात से इन्कार कर रहा है।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद पटेल, मंडल अध्यक्ष सुभाष किसान ने कहा कि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस लेकर एमएसपी की कानूनी गारंटी दे। उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल गन्ना मूल्य घोषित कर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराए। भाकियू जिलाध्यक्ष जयराम चौधरी, राम मनोहर, मातेन्द चौधरी, डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि सदर तहसील में हुए धरने में बंधु चौधरी, हरिपाल, रामचन्दर सिंह, शिवशंकर पाण्डेय, राजेन्द्र, नायब चौधरी, केशवराम वर्मा, राम कृष्ण, घनश्याम, फूलचन्द, श्याम नरायन सिंह, घनश्याम, नाटे चौधरी, राम सुरेमन, त्रिवेनी, शिवमूरत, रामनरेश चौधरी सहित अन्य किसान, मजदूर, भाकियू नेता शामिल रहे।
रोकने से एसडीएम ने किया इन्कार
एसडीएम सदर आशाराम वर्मा ने भाकियू कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने की बात से इन्कार किया है। उनका कहना है कि रोके जाने का कोई औचित्य नहीं है। केंद्र सरकार से किसानों की मांग को लेकर यहां आंदोलन कर रहे हैं तो करें। कहा, दिल्ली जाने के लिए हर नागरिक स्वतंत्र है।
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रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता शनिवार रात छोड़े जाने के बाद सदर तहसील में धरने पर बैठे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पुलिस लाइंस से रविवार देर रात छोड़ दिया था। इसके बाद से कार्यकर्ता सदर तहसील में धरने पर बैठ गए। सोमवार को दिनभर धरना चला। इसमें कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें रोक रखा है। उनकी मांग है कि या तो उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए या जेल भेज दिया जाए। वहीं प्रशासन रोकने जैसी किसी बात से इन्कार कर रहा है।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद पटेल, मंडल अध्यक्ष सुभाष किसान ने कहा कि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस लेकर एमएसपी की कानूनी गारंटी दे। उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल गन्ना मूल्य घोषित कर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराए। भाकियू जिलाध्यक्ष जयराम चौधरी, राम मनोहर, मातेन्द चौधरी, डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि सदर तहसील में हुए धरने में बंधु चौधरी, हरिपाल, रामचन्दर सिंह, शिवशंकर पाण्डेय, राजेन्द्र, नायब चौधरी, केशवराम वर्मा, राम कृष्ण, घनश्याम, फूलचन्द, श्याम नरायन सिंह, घनश्याम, नाटे चौधरी, राम सुरेमन, त्रिवेनी, शिवमूरत, रामनरेश चौधरी सहित अन्य किसान, मजदूर, भाकियू नेता शामिल रहे।
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रोकने से एसडीएम ने किया इन्कार
एसडीएम सदर आशाराम वर्मा ने भाकियू कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने की बात से इन्कार किया है। उनका कहना है कि रोके जाने का कोई औचित्य नहीं है। केंद्र सरकार से किसानों की मांग को लेकर यहां आंदोलन कर रहे हैं तो करें। कहा, दिल्ली जाने के लिए हर नागरिक स्वतंत्र है।
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