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कत्थक गुरू बिरजू महाराज के निधन पर जताया शोक
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‘बिरजू महाराज के योगदान को सदैव याद किया जाएगा’
कत्थक गुरु के निधन पर जताया शोक
सक्सेरिया इंटर कॉलेज के संगीत कक्ष में आयोजित हुई शोकसभा
बस्ती। कत्थक को विश्व मानचित्र पर प्रतिष्ठित करने वाले साधक बिरजू महाराज के निधन से शोक की लहर है। सोमवार को आर्ट ऑफ बस्ती के सचिव मास्टर शिव के संयोजन में सक्सेरिया इंटर के संगीत कक्ष में शोक सभा कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
बिरजू महराज के शिष्य रह चुके मास्टर शिव ने कहा कि देश ने एक महान साधक खो दिया है। बिरजू महाराज के योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिरजू महाराज ने विभिन्न प्रकार की नृत्यावलियों जैसे गोवर्धन लीला, माखन चोरी, मालती-माधव, कुमार संभव व फाग बहार इत्यादि की रचना की। सत्यजीत रॉय की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ के लिए भी इन्होंने उच्च कोटि की दो नृत्य नाटिकाएं रचीं। इन्हें ताल वाद्यों की विशिष्ट समझ थी, जैसे तबला, पखावज, ढोलक, नाल और तार वाले वाद्य वायलिन, स्वर मंडल व सितार इत्यादि के सुरों का भी उन्हें गहरा ज्ञान था। उन्होंने संगीत भारती, भारतीय कला केंद्र में अध्यापन किया व दिल्ली में कत्थक केंद्र के प्रभारी भी रहे। इन्होंने हजारों संगीत प्रस्तुतियां देश में और देश के बाहर दीं। बिरजू महाराज ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए। उन्हें प्रतिष्ठित ‘संगीत नाटक अकादमी’, ‘पद्म विभूषण’ मिला। मध्य प्रदेश सरकार सरकार की ओर से उन्हें ‘कालिदास सम्मान’ से भी नवाजा गया। इस मौके पर राजेश आर्य, डॉ. शैलजा सतीश, हाशिम अहमद, शुभम गुप्ता, अश्विनी सिंह, अभिषेक मिश्र, राधे तिवारी, शाद अहमद शाद, सुकृति चंद्र, रत्नेश, कमलेश यादव, प्रमोद, शुभम आर्य, प्रिंस गुप्ता, आरोही, नैतिक मिश्र, नितिन सिंह, अमन यादव, पद्मेश दूबे, शिवम गौड़, राम आशीष, विशाल गौड़ आदि मौजूद रहे।
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कत्थक गुरु के निधन पर जताया शोक
सक्सेरिया इंटर कॉलेज के संगीत कक्ष में आयोजित हुई शोकसभा
बस्ती। कत्थक को विश्व मानचित्र पर प्रतिष्ठित करने वाले साधक बिरजू महाराज के निधन से शोक की लहर है। सोमवार को आर्ट ऑफ बस्ती के सचिव मास्टर शिव के संयोजन में सक्सेरिया इंटर के संगीत कक्ष में शोक सभा कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
बिरजू महराज के शिष्य रह चुके मास्टर शिव ने कहा कि देश ने एक महान साधक खो दिया है। बिरजू महाराज के योगदान को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिरजू महाराज ने विभिन्न प्रकार की नृत्यावलियों जैसे गोवर्धन लीला, माखन चोरी, मालती-माधव, कुमार संभव व फाग बहार इत्यादि की रचना की। सत्यजीत रॉय की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ के लिए भी इन्होंने उच्च कोटि की दो नृत्य नाटिकाएं रचीं। इन्हें ताल वाद्यों की विशिष्ट समझ थी, जैसे तबला, पखावज, ढोलक, नाल और तार वाले वाद्य वायलिन, स्वर मंडल व सितार इत्यादि के सुरों का भी उन्हें गहरा ज्ञान था। उन्होंने संगीत भारती, भारतीय कला केंद्र में अध्यापन किया व दिल्ली में कत्थक केंद्र के प्रभारी भी रहे। इन्होंने हजारों संगीत प्रस्तुतियां देश में और देश के बाहर दीं। बिरजू महाराज ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए। उन्हें प्रतिष्ठित ‘संगीत नाटक अकादमी’, ‘पद्म विभूषण’ मिला। मध्य प्रदेश सरकार सरकार की ओर से उन्हें ‘कालिदास सम्मान’ से भी नवाजा गया। इस मौके पर राजेश आर्य, डॉ. शैलजा सतीश, हाशिम अहमद, शुभम गुप्ता, अश्विनी सिंह, अभिषेक मिश्र, राधे तिवारी, शाद अहमद शाद, सुकृति चंद्र, रत्नेश, कमलेश यादव, प्रमोद, शुभम आर्य, प्रिंस गुप्ता, आरोही, नैतिक मिश्र, नितिन सिंह, अमन यादव, पद्मेश दूबे, शिवम गौड़, राम आशीष, विशाल गौड़ आदि मौजूद रहे।
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