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Basti News: कांवड़ियों के लिए जगह-जगह भंडारा, चिकित्सा शिविर भी आयोजित
Mon, 21 Jul 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 21 Jul 2025 01:47 AM IST
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हर्रैया। कांवड़ियों का जत्था हाईवे पर पहुंचते ही सेवादार भी उमड़ पड़े हैं। कांवड़ियों के लिए जगह-जगह भंडारा लग रहा है। शनिवार की आधी रात से कांवड़िये हर्रैया तक पहुंचने लगे हैं। महुघाट से संसारीपुर चौराहे तक प्रशासन की तरफ से विशेष चौकसी बरती जा रही है। जगह-जगह पुलिस तैनात है। हाईवे से जुड़े संपर्क मार्गाें और कट पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। हर्रैया थाना परिसर में खोया पाया शिविर लगा है। कांवड़ियों के विश्राम के लिए टेंट, सोफा आदि की व्यवस्था है। सामाजिक संगठन एवं जनप्रतिनिधियों की तरफ से भी पंडाल आदि लगाए गए हैं। यहां शिवभक्तों को जलपान, भोजन, पानी के साथ मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। पैरों की थकान दूर करने के लिए गर्म पानी तक की व्यवस्था की जा रही है। मुरादीपुर चौराहे पर कसौधन समाज व नगर पंचायत अध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से भंडारा व चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। कस्बे की बैजनाथ धर्मशाला पर व्यवसायी जगन्नाथ गुप्ता 35 साल से लगातार भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। संसारीपुर चौराहे पर मनोरमा चैरिटेबल ट्रस्ट ने भंडारे के साथ चिकित्सा शिविर का आयोजन किया है।
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कस्बे में सजी कांवड़ ड्रेस की दुकानें
कस्बे में कांवड़ ड्रेस की दुकानें सजी हुई है। केसरिया रंग के कपड़े, पटका, गमछा की बिक्री बढ़ी हुई है। कांवड़ियों का हुजूम इन दुकानों पर पहुंच रहा है। कपड़ा कारोबारी भी गेरूआ पोशाक की बिक्री से खुश है। उनका कहना है कि इस उत्सव में एक सप्ताह तक गेरूआ कपड़ों की डिमांड बढ़ जाती है। इससे अच्छी खासी कमाई भी जाती है।
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इन शिवालयों में भी होगा जलाभिषेक
श्रावण मास के तेरस के दिन अयोध्या से कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्त भद्रेश्वरनाथ के अलावा अन्य शिवालयों पर भी जलाभिषेक करते हैं। कप्तानगंज क्षेत्र के तिलकपुर, थान्हा खास के थानेश्वर महादेव मंदिर, महराजगंज के दुखछोर नाथ मंदिर, पांडुलघाट व औरतोंदा शिव मंदिर, बस्ती में कड़र खास, देवरिया शिवमंदिर सहित दर्जनों शिवालयों पर कांवड़िएं जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
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कांवड़ियों से भर गया कस्बा
विक्रमजोत। अयोध्या से लेकर विक्रमजोत कस्बे तक शिवभक्तों का डेरा जमा हुआ है। कुछ विश्राम के लिए ढाबा, स्कूल, चौक, चौराहे पर रूक रहे हैं तो कुछ आगे की यात्रा के लिए निकल रहे हैं। रविवार को समूचा कस्बा कांवड़ियों से भरा रहा है। हाईवे भगवामय नजर आया। कांवड़िये पेड़ों की छांव में विश्राम कर रहे हैं। यहां चौकड़ी टोल प्लाजा पर कांवड़ियों से वाहन का टोल वसूलने पर कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। क्षेत्र के केशवपुर, खतमसराय, पटखापुर, विक्रमजोत, नई बजार खेसुआ, रेडवल, छावनी आदि जगहों पर सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोंगों, व्यापारियों व क्षेत्रीय विधायक के संयोजन से भंडारा एवं शिविरों का आयोजन किया गया है।
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कस्बे में सजी कांवड़ ड्रेस की दुकानें
कस्बे में कांवड़ ड्रेस की दुकानें सजी हुई है। केसरिया रंग के कपड़े, पटका, गमछा की बिक्री बढ़ी हुई है। कांवड़ियों का हुजूम इन दुकानों पर पहुंच रहा है। कपड़ा कारोबारी भी गेरूआ पोशाक की बिक्री से खुश है। उनका कहना है कि इस उत्सव में एक सप्ताह तक गेरूआ कपड़ों की डिमांड बढ़ जाती है। इससे अच्छी खासी कमाई भी जाती है।
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इन शिवालयों में भी होगा जलाभिषेक
श्रावण मास के तेरस के दिन अयोध्या से कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्त भद्रेश्वरनाथ के अलावा अन्य शिवालयों पर भी जलाभिषेक करते हैं। कप्तानगंज क्षेत्र के तिलकपुर, थान्हा खास के थानेश्वर महादेव मंदिर, महराजगंज के दुखछोर नाथ मंदिर, पांडुलघाट व औरतोंदा शिव मंदिर, बस्ती में कड़र खास, देवरिया शिवमंदिर सहित दर्जनों शिवालयों पर कांवड़िएं जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
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कांवड़ियों से भर गया कस्बा
विक्रमजोत। अयोध्या से लेकर विक्रमजोत कस्बे तक शिवभक्तों का डेरा जमा हुआ है। कुछ विश्राम के लिए ढाबा, स्कूल, चौक, चौराहे पर रूक रहे हैं तो कुछ आगे की यात्रा के लिए निकल रहे हैं। रविवार को समूचा कस्बा कांवड़ियों से भरा रहा है। हाईवे भगवामय नजर आया। कांवड़िये पेड़ों की छांव में विश्राम कर रहे हैं। यहां चौकड़ी टोल प्लाजा पर कांवड़ियों से वाहन का टोल वसूलने पर कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। क्षेत्र के केशवपुर, खतमसराय, पटखापुर, विक्रमजोत, नई बजार खेसुआ, रेडवल, छावनी आदि जगहों पर सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोंगों, व्यापारियों व क्षेत्रीय विधायक के संयोजन से भंडारा एवं शिविरों का आयोजन किया गया है।