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Basti News: जेआरडी मेमोरियल अवार्ड के लिए बस्ती चयनित
Sat, 16 Dec 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:10 AM IST
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बस्ती। जिले को जेआरडी मेमोरियल अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। यह अवार्ड महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले 20 सूचकांक के आधार पर सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए जिले को मिला है। जिले के डीएम अंद्रा वामसी को 18 दिसंबर को नई दिल्ली में अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
यह जानकारी डीएम अंद्रा वामसी ने दी है। बताया कि अवार्ड किशोरी स्वास्थ्य, पेयजल, सफाई एवं स्वच्छता, जनन स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, महिला संबंधी अपराध, परिवार नियोजन, प्रजनन स्तर में महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर दिया गया है।
अवार्ड का निर्धारण राष्ट्रीय परिवार, स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2015-16) के सापेक्ष (2019-21) एवं नमूना पंजीकरण प्रणाली के आधार पर किया गया है। इसमें जनपद का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
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ये हैं प्रमुख उपलब्धियां
-महिलाओं में एनिमिया (15 से 49 वर्ष) की 55.7 प्रतिशत से घटकर 39.9 प्रतिशत हुई है तथा किशोरी बालिकाओं में इस आयुवर्ग में एनिमिया का प्रतिशत 58.9 से घटकर 41.1 हो गया है।
- संपूर्ण टीकाकरण 57.5 से बढकर 73.8 प्रतिशत तथा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग 48.9 प्रतिशत से घटकर 35.9 प्रतिशत हो गया है।
-परिवार नियोजन में अंतराल पद्धति 18.71 प्रतिशत से बढकर 47.6 प्रतिशत तथा गर्भनिरोधक प्रचलन दर 18.3 प्रतिशत से बढकर 72 प्रतिशत हो गया है।
-परिवार नियोजन की अपूरित आवश्यकताएं 29.9 प्रतिशत से घटकर 11.1 प्रतिशत, जबकि बाल विवाह का प्रतिशत 28.3 से घटकर 15.9 हो गया है।
-जनपद में किशोरी प्रसव की दर 1.3 प्रतिशत से घटकर 1.0 प्रतिशत, उच्च जन्म क्रम (3 या अधिक बच्चे) 4.6 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत हो गया है। प्रसव पूर्व देख-रेख (कम से कम चार दौरे) 19.8 प्रतिशत से बढकर 31.5 प्रतिशत जबकि जन्म के 48 घण्टो के भीतर प्रसवोत्तर देख-रेख 50.6 प्रतिशत से बढकर 83.8 हो गया है।
-मातृ स्वास्थ्य के लिए औसत व्यक्तिगत व्यय 4428 से घटकर 2062 हुआ है जबकि सुरक्षित प्रसव दर 76.6 प्रतिशत से बढकर 92 प्रतिशत तथा संस्थागत प्रसव 60.5 प्रतिशत से बढकर 79.2 प्रतिशत हो गया है। बेहतर घरेलू स्वच्छता सुविधाए 18.7 प्रतिशत से बढकर 64.2 प्रतिशत, महिलाओं में माहवारी स्वच्छता उत्पाद का उपयोग 35.4 प्रतिशत से बढकर 73.3 प्रतिशत हो गया है।
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यह जानकारी डीएम अंद्रा वामसी ने दी है। बताया कि अवार्ड किशोरी स्वास्थ्य, पेयजल, सफाई एवं स्वच्छता, जनन स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, महिला संबंधी अपराध, परिवार नियोजन, प्रजनन स्तर में महत्वपूर्ण प्रगति के आधार पर दिया गया है।
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अवार्ड का निर्धारण राष्ट्रीय परिवार, स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2015-16) के सापेक्ष (2019-21) एवं नमूना पंजीकरण प्रणाली के आधार पर किया गया है। इसमें जनपद का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
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ये हैं प्रमुख उपलब्धियां
-महिलाओं में एनिमिया (15 से 49 वर्ष) की 55.7 प्रतिशत से घटकर 39.9 प्रतिशत हुई है तथा किशोरी बालिकाओं में इस आयुवर्ग में एनिमिया का प्रतिशत 58.9 से घटकर 41.1 हो गया है।
- संपूर्ण टीकाकरण 57.5 से बढकर 73.8 प्रतिशत तथा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग 48.9 प्रतिशत से घटकर 35.9 प्रतिशत हो गया है।
-परिवार नियोजन में अंतराल पद्धति 18.71 प्रतिशत से बढकर 47.6 प्रतिशत तथा गर्भनिरोधक प्रचलन दर 18.3 प्रतिशत से बढकर 72 प्रतिशत हो गया है।
-परिवार नियोजन की अपूरित आवश्यकताएं 29.9 प्रतिशत से घटकर 11.1 प्रतिशत, जबकि बाल विवाह का प्रतिशत 28.3 से घटकर 15.9 हो गया है।
-जनपद में किशोरी प्रसव की दर 1.3 प्रतिशत से घटकर 1.0 प्रतिशत, उच्च जन्म क्रम (3 या अधिक बच्चे) 4.6 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत हो गया है। प्रसव पूर्व देख-रेख (कम से कम चार दौरे) 19.8 प्रतिशत से बढकर 31.5 प्रतिशत जबकि जन्म के 48 घण्टो के भीतर प्रसवोत्तर देख-रेख 50.6 प्रतिशत से बढकर 83.8 हो गया है।
-मातृ स्वास्थ्य के लिए औसत व्यक्तिगत व्यय 4428 से घटकर 2062 हुआ है जबकि सुरक्षित प्रसव दर 76.6 प्रतिशत से बढकर 92 प्रतिशत तथा संस्थागत प्रसव 60.5 प्रतिशत से बढकर 79.2 प्रतिशत हो गया है। बेहतर घरेलू स्वच्छता सुविधाए 18.7 प्रतिशत से बढकर 64.2 प्रतिशत, महिलाओं में माहवारी स्वच्छता उत्पाद का उपयोग 35.4 प्रतिशत से बढकर 73.3 प्रतिशत हो गया है।