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तीन दिन लटका रहा पीडीएस का उठान
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तीन दिन लटका रहा पीडीएस का उठान
- कांटा खराब होने पर सीडब्लूसी के प्रबंधक ने नहीं की वैकल्पिक व्यवस्था
- डिप्टी आरएमओ के पत्र से सामने आया प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में (एफसीआई) भारतीय खाद्य निगम के सेंट्रल वेयर हाउस के प्रबंधक मनमाने ढंग से व्यवस्था संचालित कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब सीडब्लूसी से पीडीएस खाद्यान्न की निकासी के लिए गाड़ियां पहुंची, मगर यहां तौल का कांटा खराब मिला। सीडब्लूसी के प्रबंधक ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। नतीजतन तीन दिनों तक पीडीएस का उठान रुका रहा। इसे लेकर खाद्य एवं रसद विभाग के जिम्मेदारों ने आरएफसी के अलावा शासन को पत्र लिखा है।
जिले में पीडीएस खाद्यान्न उठान एफसीआई के सेंट्रल वेयर हाउस से होता है। यह कार्य खाद्य रसद विभाग के विपणन शाखा के ठेकेदार करते हैं। खाद्यान्न आरएफसी के गोदाम पर पहुंचता है। जहां से कोटेदार इसे उठाकर राशनकार्ड धारकों तक पहुंचाते हैं। इन दिनों माह में दो बार खाद्यान्न का वितरण किया जा हा है। ऐसे में जब 20 जनवरी को गाड़ियां खाद्यान्न लेने पहुंची तो वहां कांटा खराब मिला। कांटा खराब होने के कारण तौल बाधित हो गया। यह क्रम तीन दिनों तक चला, जिससे जिला पूर्ति अधिकारी ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों दी। हालांकि मौके पर जानकारी के बाद तत्काल डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी पहुंच गए, उन्होंने निकट स्थित निजी कांटा पर तौल का सुझाव दिया, मगर प्रबंधक ने उनकी एक न सुनी। नतीजतन वे लौट आए। डिप्टी आरएमओ त्रिपाठी ने आरएफसी को पत्र लिखकर बताया है कि तीन दिनों तक कांटा खराब होने के कारण कई गोदाम बंद रहे। यही नहीं इस दौरान पीडीएस का दो हजार मीट्रिक टन तथा 25 सौ से तीन हजार एमटी सीएमआर यानी सरकारी चावल की लोडिंग, अनलोडिंग बाधित हुई।
आरएफसी को लिखे पत्र में डिप्टी आरएमओ ने एफसीआई में सर्वर खराब होने पर ऑफलाइन खाद्यान्न निर्गमन करने तथा सीडब्लूसी के प्रबंधक की मनमानी की जानकारी दी है। इस पत्र को उन्होंने शासन से लेकर जिले के अफसरों को भी भेजा है।
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‘कोई नुकसान नहीं हुआ’
सीडब्लूसी प्रबंधक राहुल चौहान ने तीन दिनों तक कांटा खराब होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरएफसी को इसकी जानकारी दी गई थी। अब सब कुछ है। किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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सूबे के उठान में फिसड्डी आठ जिलों में बस्ती
सीडब्लूसी के मनमाने पन के चलते उठान में बाधा आने से प्रधानमंत्री गरीब खाद्यान्न अन्न योजना की उठान में फिसड्डी आठ जिलों में बस्ती भी शामिल है। यहां अब तक मात्र 53 प्रतिशत उठान हो सका है। जबकि शासन का निर्देश है कि प्रत्येक दशा में 28 जनवरी तक प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत उठान हो जाए, मगर तीन दिनों तक उठान न होने से स्थिति खराब हो गई है। इसकी पुष्टि डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने की है।
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- कांटा खराब होने पर सीडब्लूसी के प्रबंधक ने नहीं की वैकल्पिक व्यवस्था
- डिप्टी आरएमओ के पत्र से सामने आया प्रकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में (एफसीआई) भारतीय खाद्य निगम के सेंट्रल वेयर हाउस के प्रबंधक मनमाने ढंग से व्यवस्था संचालित कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब सीडब्लूसी से पीडीएस खाद्यान्न की निकासी के लिए गाड़ियां पहुंची, मगर यहां तौल का कांटा खराब मिला। सीडब्लूसी के प्रबंधक ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। नतीजतन तीन दिनों तक पीडीएस का उठान रुका रहा। इसे लेकर खाद्य एवं रसद विभाग के जिम्मेदारों ने आरएफसी के अलावा शासन को पत्र लिखा है।
जिले में पीडीएस खाद्यान्न उठान एफसीआई के सेंट्रल वेयर हाउस से होता है। यह कार्य खाद्य रसद विभाग के विपणन शाखा के ठेकेदार करते हैं। खाद्यान्न आरएफसी के गोदाम पर पहुंचता है। जहां से कोटेदार इसे उठाकर राशनकार्ड धारकों तक पहुंचाते हैं। इन दिनों माह में दो बार खाद्यान्न का वितरण किया जा हा है। ऐसे में जब 20 जनवरी को गाड़ियां खाद्यान्न लेने पहुंची तो वहां कांटा खराब मिला। कांटा खराब होने के कारण तौल बाधित हो गया। यह क्रम तीन दिनों तक चला, जिससे जिला पूर्ति अधिकारी ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों दी। हालांकि मौके पर जानकारी के बाद तत्काल डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी पहुंच गए, उन्होंने निकट स्थित निजी कांटा पर तौल का सुझाव दिया, मगर प्रबंधक ने उनकी एक न सुनी। नतीजतन वे लौट आए। डिप्टी आरएमओ त्रिपाठी ने आरएफसी को पत्र लिखकर बताया है कि तीन दिनों तक कांटा खराब होने के कारण कई गोदाम बंद रहे। यही नहीं इस दौरान पीडीएस का दो हजार मीट्रिक टन तथा 25 सौ से तीन हजार एमटी सीएमआर यानी सरकारी चावल की लोडिंग, अनलोडिंग बाधित हुई।
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आरएफसी को लिखे पत्र में डिप्टी आरएमओ ने एफसीआई में सर्वर खराब होने पर ऑफलाइन खाद्यान्न निर्गमन करने तथा सीडब्लूसी के प्रबंधक की मनमानी की जानकारी दी है। इस पत्र को उन्होंने शासन से लेकर जिले के अफसरों को भी भेजा है।
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‘कोई नुकसान नहीं हुआ’
सीडब्लूसी प्रबंधक राहुल चौहान ने तीन दिनों तक कांटा खराब होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरएफसी को इसकी जानकारी दी गई थी। अब सब कुछ है। किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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सूबे के उठान में फिसड्डी आठ जिलों में बस्ती
सीडब्लूसी के मनमाने पन के चलते उठान में बाधा आने से प्रधानमंत्री गरीब खाद्यान्न अन्न योजना की उठान में फिसड्डी आठ जिलों में बस्ती भी शामिल है। यहां अब तक मात्र 53 प्रतिशत उठान हो सका है। जबकि शासन का निर्देश है कि प्रत्येक दशा में 28 जनवरी तक प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत उठान हो जाए, मगर तीन दिनों तक उठान न होने से स्थिति खराब हो गई है। इसकी पुष्टि डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने की है।