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तीन लोगों की हत्या का पर्दाफाश : पहले सोनू को मारा फिर अन्य दोनों की हत्या कर दी
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हत्यारोपितों के पास से बरामद रुपये व अन्य सामान।
- फोटो : BASTI
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तीन लोगों की हत्या का पर्दाफाश : पहले सोनू को मारा फिर अन्य दोनों की हत्या कर दी
बस्ती। चौकड़ी टोल प्लाजा क्रास करने के बाद तक मुख्य चालक अजीत सिंह व विनोद कुमार सिंह अपने-अपने ट्रकों में सो रहे थे। बाद में अजीत सिंह व अरुण यादव ने राजकुमार गौतम को कस्बा छावनी के आगे नई बाजार के पास रोक लिया। बकौल आईजी, उन्होंने सोनू मौर्या को टायर पंचर बताकर नीचे उतारा। वहीं पर धारदार हथियार से गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने गाड़ी के केबिन में सो रहे राजकुमार गौतम एवं व्यापारी मोहम्मद असलम की भी चाकू व रॉड से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अजीत सिंह ट्रक स्वयं चलाकर घटनास्थल से करीब साढ़े तीन किमी आगे पहुंचा। वहां सड़क किनारे ट्रक खड़ा करके सभी अपनी-अपनी गाड़ी से चले गए। इस घटना की जानकारी अजीत सिंह की गाड़ी के सह चालक शील कुमार को थी। वह भी षड़यंत्र में शामिल था, जबकि दूसरे चालक विनोद कुमार सिंह की संलिप्तता नहीं पाई गई।
शनिवार कि सुबह पचवस गांव के मॉर्निंग वाक पर निकले कुछ युवकों ने जब झाड़ियों के पास एक शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो शव की शिनाख्त खलासी सोनू मौर्या निवासी मीरपुर भरौचा, थाना असीबन, जिला उन्नाव के रूप में हुई। उसके पास से मिले कागजात से पता चला कि वह एक ट्रक का खलासी है। कागजात से ट्रक के मालिक मनोज कुमार का मोबाइल नंबर मिला। उनसे बात हुई तो मनोज ने जीपीएस से ट्रक की लोकेशन निकाल कर पुलिस को बताया। छावनी थाना क्षेत्र के गोडसड़ा के ढाबे के पास पुलिस पहुंची तो वहां ट्रक मिला। ट्रक में चालक राजकुमार और आलू कारोबारी असलम का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। छानबीन में सामने आया कि ये सभी परसौनी बिहार में आलू बेचकर कानपुर के लिए जा रहे थे। तीनों की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेत कर की गई थी।
तीन हत्याओं का दूसरे ही दिन पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक छावनी विकास यादव, थानाध्यक्ष हर्रैया सर्वेश राय, स्वाट प्रभारी विनोद यादव, सर्विलांस प्रभारी जितेंद्र सिंह, एसआई श्याम मोहन त्रिपाठी, अजय सिंह, हेड कांस्टेबल महेंद्र यादव, मनोज राय, मनिंद्र प्रताप चंद, रणजीत, देवेंद्र, अभिषेक तिवारी, रमेश गुप्ता, रवि शंकर शामिल रहे। इसके अलावा हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, जनार्दन प्रजापति, संतोष यादव, सर्वेश नायक, सत्येंद्र सिंह, अजय यादव, सौरभ सिंह, विजय कुमार यादव, दिनेश यादव, कृष्णानंद तिवारी, सूरज यादव, आनंद राय और सर्विलांस सेल की भी भूमिका रही।
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बस्ती। चौकड़ी टोल प्लाजा क्रास करने के बाद तक मुख्य चालक अजीत सिंह व विनोद कुमार सिंह अपने-अपने ट्रकों में सो रहे थे। बाद में अजीत सिंह व अरुण यादव ने राजकुमार गौतम को कस्बा छावनी के आगे नई बाजार के पास रोक लिया। बकौल आईजी, उन्होंने सोनू मौर्या को टायर पंचर बताकर नीचे उतारा। वहीं पर धारदार हथियार से गले पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने गाड़ी के केबिन में सो रहे राजकुमार गौतम एवं व्यापारी मोहम्मद असलम की भी चाकू व रॉड से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अजीत सिंह ट्रक स्वयं चलाकर घटनास्थल से करीब साढ़े तीन किमी आगे पहुंचा। वहां सड़क किनारे ट्रक खड़ा करके सभी अपनी-अपनी गाड़ी से चले गए। इस घटना की जानकारी अजीत सिंह की गाड़ी के सह चालक शील कुमार को थी। वह भी षड़यंत्र में शामिल था, जबकि दूसरे चालक विनोद कुमार सिंह की संलिप्तता नहीं पाई गई।
शनिवार कि सुबह पचवस गांव के मॉर्निंग वाक पर निकले कुछ युवकों ने जब झाड़ियों के पास एक शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो शव की शिनाख्त खलासी सोनू मौर्या निवासी मीरपुर भरौचा, थाना असीबन, जिला उन्नाव के रूप में हुई। उसके पास से मिले कागजात से पता चला कि वह एक ट्रक का खलासी है। कागजात से ट्रक के मालिक मनोज कुमार का मोबाइल नंबर मिला। उनसे बात हुई तो मनोज ने जीपीएस से ट्रक की लोकेशन निकाल कर पुलिस को बताया। छावनी थाना क्षेत्र के गोडसड़ा के ढाबे के पास पुलिस पहुंची तो वहां ट्रक मिला। ट्रक में चालक राजकुमार और आलू कारोबारी असलम का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। छानबीन में सामने आया कि ये सभी परसौनी बिहार में आलू बेचकर कानपुर के लिए जा रहे थे। तीनों की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेत कर की गई थी।
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तीन हत्याओं का दूसरे ही दिन पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक छावनी विकास यादव, थानाध्यक्ष हर्रैया सर्वेश राय, स्वाट प्रभारी विनोद यादव, सर्विलांस प्रभारी जितेंद्र सिंह, एसआई श्याम मोहन त्रिपाठी, अजय सिंह, हेड कांस्टेबल महेंद्र यादव, मनोज राय, मनिंद्र प्रताप चंद, रणजीत, देवेंद्र, अभिषेक तिवारी, रमेश गुप्ता, रवि शंकर शामिल रहे। इसके अलावा हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, जनार्दन प्रजापति, संतोष यादव, सर्वेश नायक, सत्येंद्र सिंह, अजय यादव, सौरभ सिंह, विजय कुमार यादव, दिनेश यादव, कृष्णानंद तिवारी, सूरज यादव, आनंद राय और सर्विलांस सेल की भी भूमिका रही।
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