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आशा कर्मियों की हड़ताल समाप्त
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:18 PM IST
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जिले में आशा कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मंगलवार को सीएमओ के लिखित आश्वासन पर आशा कार्यकत्री कल्याण सेवा ने हड़ताल खत्म करके काम पर लौटने का निर्णय लिया। सीएमओ व आशा के बीच 11 सूत्रीय मांगों में पांच मांगों पर सहमति बन गई।
सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ सीएल कनौजिया को वार्ता के लिए भेजा। यूआईपी कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच चली वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बन गई। समझौते के अनुसार प्रतिमाह मानदेय, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने पर रुकने की व्यवस्था, नसबंदी कराने पर तीन सौ अतिरिक्त, खाता में प्रधान के साथ साथ आशा का भी नाम होगा। आशा की मृत्यु पर परिवार को वरीयता दी जाएगी। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी शुक्ला व जिलाध्यक्ष नीलम शुक्ला के बीच हुआ। साप्तहिक टीकाकरण बुधवार व शनिवार से शुरु हो जाएगा। इस मौके पर संजू चौधरी, पूनम सिंह, अर्चना सिंह, अन्नपूर्णा आदि मौजूद रही।
इससे पहले मंगलवार को दिन में जनपद के सभी 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर आशा और संगिनियों का प्रदर्शन जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। परशुरामपुर प्रतिनिधि के मुताबिक आशा और संगिनियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परशुरामपुर के गेट पर धरना दिया। आशाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारी मांगों को न मानकर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। रात दिन काम करने के बाद भी हम लोगों के भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार जरा भी संवेदनशील नहीं है। अगर हम लोगों की मांगें नही मांगी गईं तो मजबूरन सड़क पर प्रदर्शन करना होगा। इस दौरान प्रभा पांडेय, कांती तिवारी, गीता त्रिपाठी, पार्वती सिंह. सुमन वर्मा, रंजना, सुनीता देवी, रीतादेवी, ऊषा वर्मा, सावित्री त्रिपाठी, सरस्वती देवी, रूची तिवारी आदि उपस्थित रहीं।
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बभनान प्रतिनिधि के मुुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर पर दिन -रात धरना दे रहीं आशा और संगिनी ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इनकी समस्या सुनने पहुंचे ब्लॉक प्रमुख अरविंद सिंह को पीड़ा सुनाई और समर्थन करने को कहा। ब्लॉक प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि हर संभव साथ दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला गुप्ता व उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता के नेतृत्व में आशाओं ने मांग पत्र दिया। उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी तो पूरे प्रदेश की आशा आने वाले विधान सभा चुनाव में विरोध करेगी। इस दौरान सुनीता, कलावती, फातमा बानो, कृष्णावती यादव, मालती देवी, संध्या, मोहनी सिंह, मंजू पांडे, सरोज, करूणा, नीशा, शीला, रीता देवी आदि रहीं ।
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सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ सीएल कनौजिया को वार्ता के लिए भेजा। यूआईपी कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच चली वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बन गई। समझौते के अनुसार प्रतिमाह मानदेय, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने पर रुकने की व्यवस्था, नसबंदी कराने पर तीन सौ अतिरिक्त, खाता में प्रधान के साथ साथ आशा का भी नाम होगा। आशा की मृत्यु पर परिवार को वरीयता दी जाएगी। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी शुक्ला व जिलाध्यक्ष नीलम शुक्ला के बीच हुआ। साप्तहिक टीकाकरण बुधवार व शनिवार से शुरु हो जाएगा। इस मौके पर संजू चौधरी, पूनम सिंह, अर्चना सिंह, अन्नपूर्णा आदि मौजूद रही।
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इससे पहले मंगलवार को दिन में जनपद के सभी 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर आशा और संगिनियों का प्रदर्शन जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। परशुरामपुर प्रतिनिधि के मुताबिक आशा और संगिनियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परशुरामपुर के गेट पर धरना दिया। आशाओं ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारी मांगों को न मानकर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। रात दिन काम करने के बाद भी हम लोगों के भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार जरा भी संवेदनशील नहीं है। अगर हम लोगों की मांगें नही मांगी गईं तो मजबूरन सड़क पर प्रदर्शन करना होगा। इस दौरान प्रभा पांडेय, कांती तिवारी, गीता त्रिपाठी, पार्वती सिंह. सुमन वर्मा, रंजना, सुनीता देवी, रीतादेवी, ऊषा वर्मा, सावित्री त्रिपाठी, सरस्वती देवी, रूची तिवारी आदि उपस्थित रहीं।
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बभनान प्रतिनिधि के मुुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर पर दिन -रात धरना दे रहीं आशा और संगिनी ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इनकी समस्या सुनने पहुंचे ब्लॉक प्रमुख अरविंद सिंह को पीड़ा सुनाई और समर्थन करने को कहा। ब्लॉक प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि हर संभव साथ दिया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्ष प्रमिला गुप्ता व उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता के नेतृत्व में आशाओं ने मांग पत्र दिया। उपाध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी तो पूरे प्रदेश की आशा आने वाले विधान सभा चुनाव में विरोध करेगी। इस दौरान सुनीता, कलावती, फातमा बानो, कृष्णावती यादव, मालती देवी, संध्या, मोहनी सिंह, मंजू पांडे, सरोज, करूणा, नीशा, शीला, रीता देवी आदि रहीं ।