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Basti News: बुजुर्गों का आशा और सीएचओ रखेंगे ख्याल, किया प्रशिक्षित
Sat, 28 Dec 2024 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:06 AM IST
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बस्ती। बुजुर्गों का ख्याल अब संबंधित क्षेत्र में तैनात एएनएम रखेंगी। ढलती उम्र में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के रोकथाम में सीएचओ और आशा अहम भूमिका निभाएंगी। गंभीर बीमारियों से जुड़े रोगों से बचाव के लिए सीएचओ और स्टाफ नर्स को पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में तरह-तरह के टिप्स दिए जा रहे हैं।
शुक्रवार को प्रशिक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ ही भूलने की बीमारी आम बात हो गई है। समय से यदि स्क्रीनिंग करके उसका उपचार शुरू हो जाए तो इस बीमारी पर काफी हद तक अंकुश पाया जा सकता है। सीएचसी बहादुरपुर की कल्पना मिश्रा और पीएचसी बनकटी की स्मिता ने प्रशिक्षण में कई बिंदुओं पर जानकारी दी। डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल ने बताया कि जानकारी के अभाव में मरीजों की कई बीमारियां गंभीर हो जाती हैं। समय से स्क्रीनिंग हो इसके लिए सीएचओ को ट्रेनिंग दी जा रही है। आशा ऐसे रोगियों को चिह्नित कर सीएचओ के पास लाएंगी। स्क्रीनिंग के दौरान गंभीर लक्षण मिलने पर उन्हें हॉयर सेंटर रेफर किया जाएगा। बताया कि गंभीर या दीर्घकालिक बीमारी एक ऐसी स्थिति है जो कम से कम एक साल तक चलती है और जिसके लिए लगातार चिकित्सा की जरूरत होती है। ऑटोइम्यून रोग, मधुमेह, कैंसर, मिर्गी, हृदय रोग, एचआईवी/एड्स, हाइपोथायरायडिज्म, मल्टीपल स्केलेरोसिस, दर्द के लक्षण मिलने पर स्क्रीनिंग करके उपचार कराने की विधि बताई गई। जिले में 267 सीएचओ तैनात हैं। समूह वार सभी को पांच दिनों तक प्रशिक्षित किया जाएगा।
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शुक्रवार को प्रशिक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ ही भूलने की बीमारी आम बात हो गई है। समय से यदि स्क्रीनिंग करके उसका उपचार शुरू हो जाए तो इस बीमारी पर काफी हद तक अंकुश पाया जा सकता है। सीएचसी बहादुरपुर की कल्पना मिश्रा और पीएचसी बनकटी की स्मिता ने प्रशिक्षण में कई बिंदुओं पर जानकारी दी। डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल ने बताया कि जानकारी के अभाव में मरीजों की कई बीमारियां गंभीर हो जाती हैं। समय से स्क्रीनिंग हो इसके लिए सीएचओ को ट्रेनिंग दी जा रही है। आशा ऐसे रोगियों को चिह्नित कर सीएचओ के पास लाएंगी। स्क्रीनिंग के दौरान गंभीर लक्षण मिलने पर उन्हें हॉयर सेंटर रेफर किया जाएगा। बताया कि गंभीर या दीर्घकालिक बीमारी एक ऐसी स्थिति है जो कम से कम एक साल तक चलती है और जिसके लिए लगातार चिकित्सा की जरूरत होती है। ऑटोइम्यून रोग, मधुमेह, कैंसर, मिर्गी, हृदय रोग, एचआईवी/एड्स, हाइपोथायरायडिज्म, मल्टीपल स्केलेरोसिस, दर्द के लक्षण मिलने पर स्क्रीनिंग करके उपचार कराने की विधि बताई गई। जिले में 267 सीएचओ तैनात हैं। समूह वार सभी को पांच दिनों तक प्रशिक्षित किया जाएगा।
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