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Basti News: गोपनीय ढंग से हुई आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियां
Tue, 20 May 2025 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 20 May 2025 11:54 PM IST
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बस्ती। जिला महिला अस्पताल में आउटसोर्स से की गई सात नियुक्तियां सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि यह नियुक्तियां गोपनीय ढंग से की गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि अवकाश के दिन चयनित लोगों को ज्वाइनिंग लेटर दिया गया है।
अप्रैल में नियुक्त आया शांति देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद चयन में अनियमितता का मामला तूल पकड़ने लगा है। मृतका के भाई का यह बयान कि नौकरी के स्थायीकरण के लिए उनकी बहन ने किसी को मोटी रकम रिश्वत में दी थी।
इसी के बाद वह अवसाद में रहने लगी थी। इसके बाद आउटसोर्स से हुई सात नियुक्तियों पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों के अनुसार, नियुक्ति के लिए अधिकृत एक आउटसोर्स एजेंसी ने तीन चौकीदार, तीन वार्ड आया और एक चालक के पद पर गोपनीय ढंग से नियुक्ति कर दी है। बताया जा रहा है कि अवकाश के दिन चयनित लोगों में ज्वाइनिंग लेटर वितरित किया गया है।
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इसमें मृत वार्ड आया शांति देवी का भी नाम शामिल था। नियुक्ति से पहले अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से अनुमति ही नहीं ली, सिर्फ एजेंसी से ही कर्मचारियों की डिमांड करके खानापूर्ति कर ली गई। इसमें अस्पताल के कुछ बाबुओं की आउटसोर्स एजेंसी से मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
वार्ड आया शांति की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इन कर्मियों से नियुक्ति और स्थायीकरण के नाम पर वसूली की भी बात सामने आ चुकी है।
इसी के बाद अस्पताल प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी में हड़कंप की स्थिति है। बिना किसी सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के हुई इन नियुक्तियों पर अब सवाल उठ रहे हैं।
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अप्रैल में नियुक्त आया शांति देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद चयन में अनियमितता का मामला तूल पकड़ने लगा है। मृतका के भाई का यह बयान कि नौकरी के स्थायीकरण के लिए उनकी बहन ने किसी को मोटी रकम रिश्वत में दी थी।
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इसी के बाद वह अवसाद में रहने लगी थी। इसके बाद आउटसोर्स से हुई सात नियुक्तियों पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों के अनुसार, नियुक्ति के लिए अधिकृत एक आउटसोर्स एजेंसी ने तीन चौकीदार, तीन वार्ड आया और एक चालक के पद पर गोपनीय ढंग से नियुक्ति कर दी है। बताया जा रहा है कि अवकाश के दिन चयनित लोगों में ज्वाइनिंग लेटर वितरित किया गया है।
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इसमें मृत वार्ड आया शांति देवी का भी नाम शामिल था। नियुक्ति से पहले अस्पताल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से अनुमति ही नहीं ली, सिर्फ एजेंसी से ही कर्मचारियों की डिमांड करके खानापूर्ति कर ली गई। इसमें अस्पताल के कुछ बाबुओं की आउटसोर्स एजेंसी से मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
वार्ड आया शांति की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इन कर्मियों से नियुक्ति और स्थायीकरण के नाम पर वसूली की भी बात सामने आ चुकी है।
इसी के बाद अस्पताल प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी में हड़कंप की स्थिति है। बिना किसी सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के हुई इन नियुक्तियों पर अब सवाल उठ रहे हैं।