{"_id":"611d52788ebc3e79f46efb6d","slug":"anti-snack-venom-available-at-all-phcs-and-chcs-in-the-district-basti-news-gkp405986590","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की सभी पीएचसी व सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की सभी पीएचसी व सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की सभी पीएचसी व सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध
- जिले के भंडारण में उपलब्ध है साढ़े सात सौ वायल वैक्सीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। बारिश का मौसम हो तो सांपों का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण बिलों में पानी भरना होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्प दंश की घटनाएं अत्यधिक होती हैं। जिले में हर दिन औसतन दस लोग सांपों के शिकार हो रहे हैं।
जिले से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक स्वास्थ्य विभाग ने एंटी स्नैक वेनम की उपलब्धता बना रखी है। बावजूद इसके लोग झांड फूंक के चक्कर में जान गंवा देते हैं। यह अलग बात है कि चिकित्सक मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह देते हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्र में अब भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल में भरपूर मात्रा में एंटी स्नैक वेनम वैक्सीन की उपलब्धता है। सीएचसी व पीएचसी में औसतन 25 से तीस वायल वैक्सीन उपलब्ध है। सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि मंडलीय भंडारण में पांच सौ तो सीएमएसडी स्टोर में ढाई सौ वायल एंटी स्नैक वेनम मौजूद है। जरूरत पड़ने पर तत्काल सीएचसी व पीएचसी पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करा दी जाती है। सीएमओ ने बताया कि एंटी स्नैक वेनम अब निजी मेडिकल स्टोरों पर भी उपलब्ध रहती है। ऐसे में जरूरतमंद इसका उपयोग सांप काटने पर तत्काल कर सकते हैं।
सांप काटने पर मरीज में क्या होते हैं लक्षण
जिस व्यक्ति को सांप काट ले उसकी स्थिति नशे में होने जैसी हो जाती है। आंखे बंद होने लगती हैं तो पलक उठाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा सांस फूलना व आवाज लड़खड़ाने लगती है।
विज्ञापन
सांप काटे तो तत्काल मरीज को तत्काल पहुंचाएं अस्पताल
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि जिस व्यक्ति को सांप डस ले, उसके काटे स्थान के ऊपर नीचे रस्सी से बांध दें। इसके बाद घाव को साबुन अथवा डिटाल से खूब रगड़ कर धो दें, जिससे बाहर की ओर लगा जहर साफ हो जाए। इसके बाद जितनी जल्दी हो सके, उसे अस्पताल पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को सांप ने काटा है, उसे यह बताया जाए कि उसे जहरीले सांप ने नहीं काटा है। क्योंकि कभी कभार पानी वाले सांप के काटने से भी मौत हो जाती है। यह जहर से नहीं बल्कि डर वश हार्ट अटैक से मौत होती है। एंटी स्नैक वेनम सभी अस्पतालों पर मौजूद है।
विज्ञापन
- जिले के भंडारण में उपलब्ध है साढ़े सात सौ वायल वैक्सीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले की सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। बारिश का मौसम हो तो सांपों का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण बिलों में पानी भरना होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्प दंश की घटनाएं अत्यधिक होती हैं। जिले में हर दिन औसतन दस लोग सांपों के शिकार हो रहे हैं।
जिले से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक स्वास्थ्य विभाग ने एंटी स्नैक वेनम की उपलब्धता बना रखी है। बावजूद इसके लोग झांड फूंक के चक्कर में जान गंवा देते हैं। यह अलग बात है कि चिकित्सक मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह देते हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्र में अब भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। जिला अस्पताल में भरपूर मात्रा में एंटी स्नैक वेनम वैक्सीन की उपलब्धता है। सीएचसी व पीएचसी में औसतन 25 से तीस वायल वैक्सीन उपलब्ध है। सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि मंडलीय भंडारण में पांच सौ तो सीएमएसडी स्टोर में ढाई सौ वायल एंटी स्नैक वेनम मौजूद है। जरूरत पड़ने पर तत्काल सीएचसी व पीएचसी पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करा दी जाती है। सीएमओ ने बताया कि एंटी स्नैक वेनम अब निजी मेडिकल स्टोरों पर भी उपलब्ध रहती है। ऐसे में जरूरतमंद इसका उपयोग सांप काटने पर तत्काल कर सकते हैं।
विज्ञापन
सांप काटने पर मरीज में क्या होते हैं लक्षण
जिस व्यक्ति को सांप काट ले उसकी स्थिति नशे में होने जैसी हो जाती है। आंखे बंद होने लगती हैं तो पलक उठाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा सांस फूलना व आवाज लड़खड़ाने लगती है।
विज्ञापन
सांप काटे तो तत्काल मरीज को तत्काल पहुंचाएं अस्पताल
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि जिस व्यक्ति को सांप डस ले, उसके काटे स्थान के ऊपर नीचे रस्सी से बांध दें। इसके बाद घाव को साबुन अथवा डिटाल से खूब रगड़ कर धो दें, जिससे बाहर की ओर लगा जहर साफ हो जाए। इसके बाद जितनी जल्दी हो सके, उसे अस्पताल पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को सांप ने काटा है, उसे यह बताया जाए कि उसे जहरीले सांप ने नहीं काटा है। क्योंकि कभी कभार पानी वाले सांप के काटने से भी मौत हो जाती है। यह जहर से नहीं बल्कि डर वश हार्ट अटैक से मौत होती है। एंटी स्नैक वेनम सभी अस्पतालों पर मौजूद है।