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शहर में जाम से लोग हलकान
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:15 PM IST
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जिला अस्पताल चौराहे पर लगा रहा घंटो जाम।
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महीने भर से जाम का हाट प्वाइंट बने जिला अस्पताल चौराहे पर बुधवार को भी लोग करीब तीन घंटे तक जूझते रहे । कई दिशाओं से वाहन आकर ऐसे उलझे कि घंटों फंसे पड़े रहे। हालात ऐसे बने कि बस-ट्रक, एंबुलेंस, कार ही नहीं बाइक और साइकिल सवार भी जाम से बाहर निकलने में असहाय दिखे। इस दौरान अस्पताल से रेफर मरीज लेकर लखनऊ जाने वाला एंबुलेंस भी जाम में फंसा सायरन बजाता रहा। आसपास के लोग बताते हैं कि ऐसा कोई दिन नहीं है, जिस दिन दो-तीन घंटे जाम न लगता हो। इसमें फंसी पब्लिक में अक्सर झगड़े हो जाते हैं। बावजूद इसके न ट्रैफिक पुलिस उपाय कर रही है, न ही कोतवाली संज्ञान ले रहा।
अब तक रोडवेज, कंपनीबाग, रौता चौराहा, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार, रेलवे स्टेशन गेट जैसी जगह जाम के लिए बदनाम रहा। गांधीनगर भी इसमें शुमार था। इधर चुनाव के क्रम में प्रशासन ने अतिक्रमण से रोड खाली करा दिया था, जिसके बाद उन स्थानों पर हालत सुधर गई। लेकिन इधर कुछ हफ्तों से अस्पताल चौराहा जाम का मेन प्वाइंट बन गया। जो भी उधर से गुजरता है, वह जाम में फंसकर व्यवस्था को कोसते दिखता है। ट्रैक्टर-ट्राली लेकर जाम में फंसे मुंडेरवा के रमेश चौधरी, महसों स्कूल बस लेकर जा रहे इंद्रजीतआदि ने बताया कि मजबूरी न हो तो आने की हिम्मत नहीं पड़ती।
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अब तक रोडवेज, कंपनीबाग, रौता चौराहा, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार, रेलवे स्टेशन गेट जैसी जगह जाम के लिए बदनाम रहा। गांधीनगर भी इसमें शुमार था। इधर चुनाव के क्रम में प्रशासन ने अतिक्रमण से रोड खाली करा दिया था, जिसके बाद उन स्थानों पर हालत सुधर गई। लेकिन इधर कुछ हफ्तों से अस्पताल चौराहा जाम का मेन प्वाइंट बन गया। जो भी उधर से गुजरता है, वह जाम में फंसकर व्यवस्था को कोसते दिखता है। ट्रैक्टर-ट्राली लेकर जाम में फंसे मुंडेरवा के रमेश चौधरी, महसों स्कूल बस लेकर जा रहे इंद्रजीतआदि ने बताया कि मजबूरी न हो तो आने की हिम्मत नहीं पड़ती।
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