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भीषण कटान देख बाढ़ खंड के अफसर बांध छोड़कर भागे
basti
Updated Tue, 16 Aug 2016 11:31 PM IST
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बाढ़
- फोटो : ramesh mishra
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कुदरहा/विक्रमजोत। सोमवार को जब कुदरहा क्षेत्र में लोग राष्ट्रीय पर्व के उल्लास में डूबे थे तभी आई एक खबर से अफसरों के भी होश उड़ गए। स्लोप कटने के बाद नदी बांध को ही काटने लगी। बाढ़ खंड के अफसर वहां से हट गए। सूचना पर एसडीएम सदर भारी फोर्स के साथ पहुंचे। किसी तरह नियंत्रण मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। मंगलवार शाम पांच बजे जलस्तर 92.540 मीटर था जो कि खतरे के निशान से 19 सेमी नीचे है।
घाघरा नदी ने सोमवार दोपहर अचानक रौद्र रूप अख्तियार कर लिया। देखते ही देखते पिपरपाती एवं मटियरिया के मध्य घाघरा तटबंध पर 30 मीटर की लंबाई में कटान शुरू हो गया। इसी दौरान हवाओं से कटान तेज हो गया। बंधे का स्लोप कटने के बाद बंधा कटने लगा। इससे घबराकर कर बाढ़ खंड के अधिकारी मोर्चा छोड़कर भागने लगे। गांवों के लोग भी बंधे पर पहुंच गए।बांध कटने की खबर पाकर एसडीएम सदर के साथ कई थानों की फोर्स भी पहुंच गई फिर से बचाव कार्य शुरू हुआ। देर शाम तक कटान रुक गया। तटबंध को लेकर गांव के लोग भयभीत हैं। बताया जाता है कि पिपरपाती के पास सोमवार दोपहर करीब सवा दो बजे हवा से पानी का बहाव बहुत तेज हो गया। लहरें उठने लगीं, जिससे कटान की गति बढ़ गई। वीडी बांध के स्पर संख्या पांच और छह के बीच दो मीटर स्लोप देखते ही देखते कट गया। इतना ही नहीं मेन बंधे में करीब 30 मीटर लंबाई में आधा मीटर कटान हो गया। स्पर संख्या छह और सात के बीच भी बांध 20 मीटर लंबाई में करीब आधा मीटर कटा है। स्पर नंबर छह करीब पंद्रह मीटर कट कर बह गया। नदी के ताबड़तोड़ कटान के आगे बेबस अधिशासी अभियंता राजीव सिंह, अवर अभियंता जितेंद्र कुमार, खलील अहमद, हरि गोबिंद यादव मय मेट बंधा छोड़कर भाग लिए। पेशे से वकील मटियारिया ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि पंकज यादव ने बताया कि जिला अधिकारी सहित तमाम अधिकारियों को फोन किया। करीब 3:45 बजे उप जिलाधिकारी बस्ती राम प्रसाद बांध पर पहुंचे। उप जिलाधिकारी के फोन करने पर सुरक्षा के बीच बाढ़ खंड के अधिकारी बांध पर लौटे। साथ में तहसीलदार बस्ती राम कैलास सरोज, नायब तहसीलदार अखिलेश सिंह, कानूनगो जनार्दन मिश्र सहित लेखपाल राम बहाल पांडेय, राम जीत, जयराम गौतम, राम जियावन पांडेय पहुंचे। साथ ही पुलिस क्षेत्राधिकारी कलवारी, एसओ कलवारी, चौकी प्रभारी कुदरहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रॉलियों से बोल्डर, ईंट रोड़े, मिट्टी के बोरे कटान पर डाला जाने लगा। करीब साढ़े पांच बजे कटान का बेग कुछ कम हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तटबंध कटने की खबर से बंधे के उत्तर बसे 34 गांव में अब भी भय व्याप्त है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक मंगलवार शाम पांच बजे जलस्तर 92.540 मीटर पर घाघरा खतरे के निशान से 19 सेमी. नीचे बह रही है। कई स्थानों भरथापुर, कल्याणपुर, कठवनियां, रानीपुर समेत कई स्थानों पर कटान जारी है। लोलपुर-विक्रमजोत बांध के ठोकर एक और दो कटान नियंत्रण में हैं जबकि कल्याणपुर और भरथा पुर के बगीचे के कई पेड़ नदी की धारा में बह गए। बाढ़ कार्य खंड के अवर अभियंता निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
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घाघरा नदी ने सोमवार दोपहर अचानक रौद्र रूप अख्तियार कर लिया। देखते ही देखते पिपरपाती एवं मटियरिया के मध्य घाघरा तटबंध पर 30 मीटर की लंबाई में कटान शुरू हो गया। इसी दौरान हवाओं से कटान तेज हो गया। बंधे का स्लोप कटने के बाद बंधा कटने लगा। इससे घबराकर कर बाढ़ खंड के अधिकारी मोर्चा छोड़कर भागने लगे। गांवों के लोग भी बंधे पर पहुंच गए।बांध कटने की खबर पाकर एसडीएम सदर के साथ कई थानों की फोर्स भी पहुंच गई फिर से बचाव कार्य शुरू हुआ। देर शाम तक कटान रुक गया। तटबंध को लेकर गांव के लोग भयभीत हैं। बताया जाता है कि पिपरपाती के पास सोमवार दोपहर करीब सवा दो बजे हवा से पानी का बहाव बहुत तेज हो गया। लहरें उठने लगीं, जिससे कटान की गति बढ़ गई। वीडी बांध के स्पर संख्या पांच और छह के बीच दो मीटर स्लोप देखते ही देखते कट गया। इतना ही नहीं मेन बंधे में करीब 30 मीटर लंबाई में आधा मीटर कटान हो गया। स्पर संख्या छह और सात के बीच भी बांध 20 मीटर लंबाई में करीब आधा मीटर कटा है। स्पर नंबर छह करीब पंद्रह मीटर कट कर बह गया। नदी के ताबड़तोड़ कटान के आगे बेबस अधिशासी अभियंता राजीव सिंह, अवर अभियंता जितेंद्र कुमार, खलील अहमद, हरि गोबिंद यादव मय मेट बंधा छोड़कर भाग लिए। पेशे से वकील मटियारिया ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि पंकज यादव ने बताया कि जिला अधिकारी सहित तमाम अधिकारियों को फोन किया। करीब 3:45 बजे उप जिलाधिकारी बस्ती राम प्रसाद बांध पर पहुंचे। उप जिलाधिकारी के फोन करने पर सुरक्षा के बीच बाढ़ खंड के अधिकारी बांध पर लौटे। साथ में तहसीलदार बस्ती राम कैलास सरोज, नायब तहसीलदार अखिलेश सिंह, कानूनगो जनार्दन मिश्र सहित लेखपाल राम बहाल पांडेय, राम जीत, जयराम गौतम, राम जियावन पांडेय पहुंचे। साथ ही पुलिस क्षेत्राधिकारी कलवारी, एसओ कलवारी, चौकी प्रभारी कुदरहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रॉलियों से बोल्डर, ईंट रोड़े, मिट्टी के बोरे कटान पर डाला जाने लगा। करीब साढ़े पांच बजे कटान का बेग कुछ कम हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, तटबंध कटने की खबर से बंधे के उत्तर बसे 34 गांव में अब भी भय व्याप्त है।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक मंगलवार शाम पांच बजे जलस्तर 92.540 मीटर पर घाघरा खतरे के निशान से 19 सेमी. नीचे बह रही है। कई स्थानों भरथापुर, कल्याणपुर, कठवनियां, रानीपुर समेत कई स्थानों पर कटान जारी है। लोलपुर-विक्रमजोत बांध के ठोकर एक और दो कटान नियंत्रण में हैं जबकि कल्याणपुर और भरथा पुर के बगीचे के कई पेड़ नदी की धारा में बह गए। बाढ़ कार्य खंड के अवर अभियंता निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
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