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पालिका अध्यक्ष और ईओ को नोटिस भेजा
Basti
Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। एक तरफ जहां पुलिस शहर में कहीं भी कूड़ा करकट फेंक कर शहर को गंदा करने वालों पर सख्ती कर रही है, वहीं एक अधिवक्ता ने नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ को नोटिस भेजकर आवास विकास कॉलोनी सहित अन्य मोहल्ले के नागरिकाें को बंदरों, कुत्तों, सांड़ाें और सुअराें से निजात दिलाने की पहल की है। अधिवक्ता ने नोटिस दिया है कि अगर दस दिन के अंदर कार्रवाई नहीं शुरू हुई तो न्यायालय में वाद दाखिल करेंगे। हालांकि नगर पालिका अध्यक्ष ने अब तक नोटिस न मिलने की बात कही है।
समाज में व्याप्त सामाजिक समस्याआें से निपटने की पहल शुरू हो चुकी है। एक तरफ जहां जिले की पुलिस कई दिनाें से शहर से लेकर गांव तक कहीं भी कूड़ा करकट फेंक कर गंदगी करने वालाें के खिलाफ अभियान चला रखा है। वहीं आवास विकास कॉलोनी निवासी अधिवक्ता गोपेंद्र गुप्ता अग्रहरि ने नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ को नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि मोहल्लाें में इन दिनों सड़काें, गलियों, रास्तों, सार्वजनिक कॉलोनियों और पार्कों में बंदराें, साड़, सुअर तथा आवारा कुत्ताें की भरमार है। सुबह होते ही बंदरों का झुंड कॉलोनियों में घुस कर व्यापक क्षति कर रहे हैं। लोगाें का घराें से निकलना मुश्किल हो गया है। यदि कोई घर से निकलने की हिम्मत करता है तो बंदर काट लेते हैं। बंदरों के हमले से कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा शहर में खुलेआम घूम रहे सुअर जानलेवा बीमारियां फैला रहे हैं। सुअर और साड़ आते जाते राहगीरों पर हमले कर देते हैं। आए दिन लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। नागर पालिका की ओर से इन पर अंकुश का कोई उपाय नहीं किया जाता है।
पांच बिंदुओं पर भेजे नोटिस में अधिवक्ता ने अध्यक्ष और ईओ को चेतावनी दी है कि यदि नोटिस के दस दिन के भीतर बंदराें, आवारा कुत्ताें, साड़, सुअरों पर अंकुश लगाकर शहरियों को इनके आतंक से मुक्त नहीं कराया जाता है, तो वे मजबूर होकर सक्षम न्यायालय की शरण लेंगे।
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इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि अभी अधिवक्ता की ओर से भेजा गया नोटिस मिला नहीं है। जहां तक बंदराें पर अंकुश लगाने की बात है तो यह काम वन विभाग का है। कुत्तों पर नियंत्रण के लिए पालिका के पास नगर निगमों जैसी कोई सुविधा नहीं है और न ही कोई फंड मिलता है। वैसे नगर पालिका की ओर से पूर्व में छुट्टा सांड़ाें को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। इसे फिर चलाया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद जवाब दिया जाएगा।
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समाज में व्याप्त सामाजिक समस्याआें से निपटने की पहल शुरू हो चुकी है। एक तरफ जहां जिले की पुलिस कई दिनाें से शहर से लेकर गांव तक कहीं भी कूड़ा करकट फेंक कर गंदगी करने वालाें के खिलाफ अभियान चला रखा है। वहीं आवास विकास कॉलोनी निवासी अधिवक्ता गोपेंद्र गुप्ता अग्रहरि ने नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ को नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि मोहल्लाें में इन दिनों सड़काें, गलियों, रास्तों, सार्वजनिक कॉलोनियों और पार्कों में बंदराें, साड़, सुअर तथा आवारा कुत्ताें की भरमार है। सुबह होते ही बंदरों का झुंड कॉलोनियों में घुस कर व्यापक क्षति कर रहे हैं। लोगाें का घराें से निकलना मुश्किल हो गया है। यदि कोई घर से निकलने की हिम्मत करता है तो बंदर काट लेते हैं। बंदरों के हमले से कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा शहर में खुलेआम घूम रहे सुअर जानलेवा बीमारियां फैला रहे हैं। सुअर और साड़ आते जाते राहगीरों पर हमले कर देते हैं। आए दिन लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। नागर पालिका की ओर से इन पर अंकुश का कोई उपाय नहीं किया जाता है।
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पांच बिंदुओं पर भेजे नोटिस में अधिवक्ता ने अध्यक्ष और ईओ को चेतावनी दी है कि यदि नोटिस के दस दिन के भीतर बंदराें, आवारा कुत्ताें, साड़, सुअरों पर अंकुश लगाकर शहरियों को इनके आतंक से मुक्त नहीं कराया जाता है, तो वे मजबूर होकर सक्षम न्यायालय की शरण लेंगे।
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इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि अभी अधिवक्ता की ओर से भेजा गया नोटिस मिला नहीं है। जहां तक बंदराें पर अंकुश लगाने की बात है तो यह काम वन विभाग का है। कुत्तों पर नियंत्रण के लिए पालिका के पास नगर निगमों जैसी कोई सुविधा नहीं है और न ही कोई फंड मिलता है। वैसे नगर पालिका की ओर से पूर्व में छुट्टा सांड़ाें को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। इसे फिर चलाया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद जवाब दिया जाएगा।