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शहर में तीन स्थानों पर लगीं पटाखों की दुकानें
Basti
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। शहर के तीन स्थानों पर पटाखों की दुकानें छोटी दीपावली के दिन सज गईं। आईटीआई परिसर, गोविंदराम सक्सेरिया इंटर कालेज परिसर और पंकज पुलिया पुरानी बस्ती में पटाखों की दुकानें लगाई गई हैं। पहले दिन पटाखों के बिक्री का कारोबार फीका रहा।
इस बार भी उम्मीद की जा रही थी कि पटाखों के दुकानों पर मोदी बम, राहुल बम, सोनिया बम, अखिलेश बम के नाम के पटाखे नजर आएंगे। मगर ऐसा किसी भी दुकान पर नहीं दिखा। पहले की तरह टाइगर, मुर्गा, क्लासिक, मदर, मोरी, उजाला, बुलेट आदि नाम के पटाखे ही दुकानों पर पाए गए। अधिक बिक्री वाले पटाखों में फुलझड़ी, राकेट, चटाई बम आदि शामिल हैं। इस बार स्थानीय पटाखों ने भी पटाखे की दुकानों पर अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है। आईटीआई में पटाखे की दुकान लगाने वाले इकरामुद्दीन और अकरम बताते हैं कि इस बार पटाखों की कीमत में पिछले साल की अपेक्षा 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। छुरछुरी, अनार, राकेट, बुलेट बम, चटाई बम, मिर्ची बम, रस्सी बम, डबल आवाज वाले बम की कीमत में इजाफा हुआ है। दुकानों पर छुरछुरी की कीमत 40 रुपये से लेकर 100 रुपये पैकेट तक है। जबकि फैंसी अनार की कीमत 25 से 50 रुपये, एक जलेबी की कीमत 10 से 30 रुपये तक पहुंच गई है। एक राकेट 20 रुपये से लेकर 80 रुपये तक है। रस्सी बम 15 से 25 रुपये तक बिक रहा है। देसी अनार 40 से 50 रुपये तक है। बुलेट बम आठ रुपये तो डबल आवाज वाला बम 25 रुपये में बिक रहा है। चटाई बम 40 रुपये से लेकर 80 रुपये तक और मिर्ची बम 35 से 50 रुपये पैकेट बिक रहा है। देसी गोला 10 रुपये से 30 रुपये के बीच बिक रहा है।
स्थानीय पटाखे भी बने आकर्षण
गोटवा, नगर, पुरानी बस्ती आदि क्षेत्र में बनने वाले देशी पटाखे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। पटाखों की दुकान पर देशी गोला, सुतली बम, देशी लाइट, देसी अनार जैसे पटाखे बिक रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो इनकी कीमत फैंसी और बाहर से मंगाए गए पटाखों से कम है। इनकी क्वालिटी भी ठीक है, ऐसे में इनके प्रति बच्चों का आकर्षण भी बढ़ा है।
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बच्चों को लुभा रहीं आकर्षक बंदूकें
पटाखों की दुकानों के बीच में कई दुकानें ऐसी हैं, जिन पर केवल पटाखे वाली बंदूकें ही बिक रही हैं। छह इंच की पिस्टल और रिवाल्वर के मॉडल से लेकर दो नाली बंदूक, राइफल की शक्ल वाली बंदूकें बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। कुछ तो एके 47 जैसी दिखने वाली पटाखा बंदूकें भी बच्चों को लुभा रही हैं। रंग बिरंगी बंदूकों को खरीदने के लिए बच्चे अधिक आतुर दिखे।
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इस बार भी उम्मीद की जा रही थी कि पटाखों के दुकानों पर मोदी बम, राहुल बम, सोनिया बम, अखिलेश बम के नाम के पटाखे नजर आएंगे। मगर ऐसा किसी भी दुकान पर नहीं दिखा। पहले की तरह टाइगर, मुर्गा, क्लासिक, मदर, मोरी, उजाला, बुलेट आदि नाम के पटाखे ही दुकानों पर पाए गए। अधिक बिक्री वाले पटाखों में फुलझड़ी, राकेट, चटाई बम आदि शामिल हैं। इस बार स्थानीय पटाखों ने भी पटाखे की दुकानों पर अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है। आईटीआई में पटाखे की दुकान लगाने वाले इकरामुद्दीन और अकरम बताते हैं कि इस बार पटाखों की कीमत में पिछले साल की अपेक्षा 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। छुरछुरी, अनार, राकेट, बुलेट बम, चटाई बम, मिर्ची बम, रस्सी बम, डबल आवाज वाले बम की कीमत में इजाफा हुआ है। दुकानों पर छुरछुरी की कीमत 40 रुपये से लेकर 100 रुपये पैकेट तक है। जबकि फैंसी अनार की कीमत 25 से 50 रुपये, एक जलेबी की कीमत 10 से 30 रुपये तक पहुंच गई है। एक राकेट 20 रुपये से लेकर 80 रुपये तक है। रस्सी बम 15 से 25 रुपये तक बिक रहा है। देसी अनार 40 से 50 रुपये तक है। बुलेट बम आठ रुपये तो डबल आवाज वाला बम 25 रुपये में बिक रहा है। चटाई बम 40 रुपये से लेकर 80 रुपये तक और मिर्ची बम 35 से 50 रुपये पैकेट बिक रहा है। देसी गोला 10 रुपये से 30 रुपये के बीच बिक रहा है।
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स्थानीय पटाखे भी बने आकर्षण
गोटवा, नगर, पुरानी बस्ती आदि क्षेत्र में बनने वाले देशी पटाखे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। पटाखों की दुकान पर देशी गोला, सुतली बम, देशी लाइट, देसी अनार जैसे पटाखे बिक रहे हैं। दुकानदारों की मानें तो इनकी कीमत फैंसी और बाहर से मंगाए गए पटाखों से कम है। इनकी क्वालिटी भी ठीक है, ऐसे में इनके प्रति बच्चों का आकर्षण भी बढ़ा है।
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बच्चों को लुभा रहीं आकर्षक बंदूकें
पटाखों की दुकानों के बीच में कई दुकानें ऐसी हैं, जिन पर केवल पटाखे वाली बंदूकें ही बिक रही हैं। छह इंच की पिस्टल और रिवाल्वर के मॉडल से लेकर दो नाली बंदूक, राइफल की शक्ल वाली बंदूकें बच्चों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। कुछ तो एके 47 जैसी दिखने वाली पटाखा बंदूकें भी बच्चों को लुभा रही हैं। रंग बिरंगी बंदूकों को खरीदने के लिए बच्चे अधिक आतुर दिखे।