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जागरूकता से रुकेगी मानव तस्करी:एडीजे
Basti
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हर्रैया तहसील के प्राथमिक विद्यालय तिलकपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अपर जिला जज विवेक त्रिपाठी ने की।
अपर जिला जज ने कहा कि बाल अपराध और मानव तस्करी रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। बच्चों की अच्छी परवरिश कर उन्हें इस योग्य बनाएं कि वह आगे चलकर देश और समाज के लिए कुछ कर सकें। बच्चों की तस्करी दंडनीय अपराध है। इसकी जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को रिपोर्ट करें। कहा कि तीन लाख बच्चे देश में भिक्षावृत्ति को मजबूर हैं। इसे रोकने की जरूरत है।
इसी क्रम में सिविल जज सीनियर डिविजन आलोक द्विवेदी ने विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जाने वाली सेवाओं और निशुल्क कानूनी सहायता पर चर्चा की। कहा कि सबको न्याय दिलाना विधि साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का उद्देश्य है। अपने अधिकारों को जानने के साथ कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करें।
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अपर सिविल जज सीनियर डिविजन सैफ अहमद ने ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं का लिंगानुपात घट रहा है। इस समय भारत वर्ष में एक हजार पुरुषों पर 927 महिलाएं हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों में समता और स्वतंत्रता पर प्रकाश डाला। तहसीलदार हर्रैया हरिश्चंद्र सिंह ने आम आदमी बीमा और किसान दुर्घटना बीमा की जानकारी दी। कहा कि दुर्घटना होने पर थाने पर मुकदमा जरूर दर्ज कराएं।
शिविर को मीडियेटर रविशरण सिंह, विजय तिवारी, कौशल किशोर श्रीवास्तव, रघुवंश लाल और स्वामीनाथ चौहान ने भी संबोधित किया। संचालन अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान अंबिका मिश्र, प्रधानाध्यापिका चंद्रावती पांडेय, सुभाष मिश्र, आशीष, अवनीश, रामकल्प, राजमंगल, उर्मिला, गुड्डी, मीरा आदि मौजूद रहे।
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अपर जिला जज ने कहा कि बाल अपराध और मानव तस्करी रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। बच्चों की अच्छी परवरिश कर उन्हें इस योग्य बनाएं कि वह आगे चलकर देश और समाज के लिए कुछ कर सकें। बच्चों की तस्करी दंडनीय अपराध है। इसकी जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को रिपोर्ट करें। कहा कि तीन लाख बच्चे देश में भिक्षावृत्ति को मजबूर हैं। इसे रोकने की जरूरत है।
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इसी क्रम में सिविल जज सीनियर डिविजन आलोक द्विवेदी ने विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जाने वाली सेवाओं और निशुल्क कानूनी सहायता पर चर्चा की। कहा कि सबको न्याय दिलाना विधि साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का उद्देश्य है। अपने अधिकारों को जानने के साथ कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करें।
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अपर सिविल जज सीनियर डिविजन सैफ अहमद ने ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं का लिंगानुपात घट रहा है। इस समय भारत वर्ष में एक हजार पुरुषों पर 927 महिलाएं हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों में समता और स्वतंत्रता पर प्रकाश डाला। तहसीलदार हर्रैया हरिश्चंद्र सिंह ने आम आदमी बीमा और किसान दुर्घटना बीमा की जानकारी दी। कहा कि दुर्घटना होने पर थाने पर मुकदमा जरूर दर्ज कराएं।
शिविर को मीडियेटर रविशरण सिंह, विजय तिवारी, कौशल किशोर श्रीवास्तव, रघुवंश लाल और स्वामीनाथ चौहान ने भी संबोधित किया। संचालन अधिवक्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान अंबिका मिश्र, प्रधानाध्यापिका चंद्रावती पांडेय, सुभाष मिश्र, आशीष, अवनीश, रामकल्प, राजमंगल, उर्मिला, गुड्डी, मीरा आदि मौजूद रहे।