{"_id":"65-97100","slug":"Basti-97100-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार से दो-दो हाथ करेंगे लेखपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार से दो-दो हाथ करेंगे लेखपाल
Basti
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। प्रदेश व्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को लेखपाल संघ की तहसीलवार बैठक हुई। सदर तहसील की अध्यक्षता अशोक कुमार तिवारी और संचालन विजय बहादुर श्रीवास्तव ने किया।
बैठक में बताया गया कि लेखपाल संघ 27 जुलाई 2014 से तहसील दिवस और समाधान दिवस में आए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण का बहिष्कार करता आ रहा है। सरकार की उदासीनता को देखकर प्रांतीय कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि 30 नवंबर तक लेखपाल सभी प्रकार के आवेदनों के निस्तारण का बहिष्कार करेंगे। जन शिकायत हो या जन सूचना किसी मामले का निपटारा लेखपाल नहीं करेंगे। यहां तक कि जाति, आय, निवास, हिस्सा, हैसियत, जमानत, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र सूखा राहत एवं निर्वाचन से जुड़े काम भी नहीं करेंगे। जिन लेखपालों के पास अतिरिक्त प्रभार है, उसे राजस्व निरीक्षकों को सौंप देंगे। अगर 30 नवंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो पहली दिसंबर से लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में लेखपालों की अनियमित रूप से रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्धता समाप्त करने की मांग की गई। लेखपालों के अधिकांश पद रिक्त होने के बावजूद लेखपालों को उनके हलके से मुक्त कर कंप्यूटर कक्ष में संबद्ध किए जाने पर नाराजगी जताई गई। लेखपालों को हलकों में तैनात करने की मांग की गई। इस मौके पर गंगाप्रसाद श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव, हरिओम श्रीवास्तव, जुगुल किशोर वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, अतुल राज वर्मा, अयोध्या प्रसाद यादव, सुरेश यादव, शिवमूरत, रामसिंगार, रवींद्र प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, जमील अहमद, सुरेंद्र नाथ उपाध्याय, शंकर, महेंद्रप्रताप सिंह, उमेश कुमार, राकेश कुमार, रामजी आदि मौजूद रहे।
लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार लौटाए
बस्ती। जिले के लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों से संबंधित बस्ते को तहसील प्रशासन को सौंपना शुरू कर दिया है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि पहले चरण में शुक्रवार को रुधौली तहसील के 13 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों का बस्ता तहसीलदार को सौंप दिया। उसके बाद सभी लेखपालों ने तहसीलदार को लिखकर दे दिया कि अब उनका उन हल्कों से कोई मतलब नहीं रह गया। इन क्षेत्रों से संबंधित किसी भी सरकारी कार्य के लिए वे लोग 17 अक्टूबर से जिम्मेदार नहीं रहेंगेे। बताया कि बस्ती सदर, हर्रैया और भानपुर तहसीलों के 140 लेखपाल अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों का बस्ता तहसील प्रशासन को 21 अक्टूबर को सौंप देंगे। इसके बाद जिले के 322 लेखपाल सिर्फ अपने हल्के का सिर्फ भूलेख संबंधित कार्य करेंगे। बताया कि लेखपालों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक तहसीलों में पांच सदस्यों वाली दो-दो संघर्ष समिति का गठन किया गया है, इसके अतिरिक्त मुख्यालय पर एक टीम गठित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में बताया गया कि लेखपाल संघ 27 जुलाई 2014 से तहसील दिवस और समाधान दिवस में आए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण का बहिष्कार करता आ रहा है। सरकार की उदासीनता को देखकर प्रांतीय कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि 30 नवंबर तक लेखपाल सभी प्रकार के आवेदनों के निस्तारण का बहिष्कार करेंगे। जन शिकायत हो या जन सूचना किसी मामले का निपटारा लेखपाल नहीं करेंगे। यहां तक कि जाति, आय, निवास, हिस्सा, हैसियत, जमानत, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र सूखा राहत एवं निर्वाचन से जुड़े काम भी नहीं करेंगे। जिन लेखपालों के पास अतिरिक्त प्रभार है, उसे राजस्व निरीक्षकों को सौंप देंगे। अगर 30 नवंबर तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो पहली दिसंबर से लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में लेखपालों की अनियमित रूप से रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्धता समाप्त करने की मांग की गई। लेखपालों के अधिकांश पद रिक्त होने के बावजूद लेखपालों को उनके हलके से मुक्त कर कंप्यूटर कक्ष में संबद्ध किए जाने पर नाराजगी जताई गई। लेखपालों को हलकों में तैनात करने की मांग की गई। इस मौके पर गंगाप्रसाद श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव, हरिओम श्रीवास्तव, जुगुल किशोर वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, अतुल राज वर्मा, अयोध्या प्रसाद यादव, सुरेश यादव, शिवमूरत, रामसिंगार, रवींद्र प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, जमील अहमद, सुरेंद्र नाथ उपाध्याय, शंकर, महेंद्रप्रताप सिंह, उमेश कुमार, राकेश कुमार, रामजी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार लौटाए
बस्ती। जिले के लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों से संबंधित बस्ते को तहसील प्रशासन को सौंपना शुरू कर दिया है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि पहले चरण में शुक्रवार को रुधौली तहसील के 13 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों का बस्ता तहसीलदार को सौंप दिया। उसके बाद सभी लेखपालों ने तहसीलदार को लिखकर दे दिया कि अब उनका उन हल्कों से कोई मतलब नहीं रह गया। इन क्षेत्रों से संबंधित किसी भी सरकारी कार्य के लिए वे लोग 17 अक्टूबर से जिम्मेदार नहीं रहेंगेे। बताया कि बस्ती सदर, हर्रैया और भानपुर तहसीलों के 140 लेखपाल अतिरिक्त प्रभार वाले क्षेत्रों का बस्ता तहसील प्रशासन को 21 अक्टूबर को सौंप देंगे। इसके बाद जिले के 322 लेखपाल सिर्फ अपने हल्के का सिर्फ भूलेख संबंधित कार्य करेंगे। बताया कि लेखपालों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक तहसीलों में पांच सदस्यों वाली दो-दो संघर्ष समिति का गठन किया गया है, इसके अतिरिक्त मुख्यालय पर एक टीम गठित की गई है।
विज्ञापन