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घाघरा लाल निशान से 15 सेमी ऊपर
Basti
Updated Fri, 12 Jul 2013 05:30 AM IST
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हर्रैया। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक बार फिर घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इस समय घाघरा खतरे के निशान से लगभग 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे माझा क्षेत्र 180 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। प्रशासन ने बीडी बांध पर बढ़ रहे दबाव के कारण अलर्ट जारी कर 10 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
घाघरा नदी का पानी तांडव मचाने को बेताब है। प्रति घंटे आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है। पिछले 15 दिनों के भीतर दूसरी बार माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ी है। बीडी बांधा के पास बसे माझा किताअव्वल, सहजौरा पाठक, सीतारामपुर माझा, अशोकपुर माझा, माझा गनपतपुर, अइलिया, बधुवापार, बाघानाला, बघमरवा, चिरगहदन, बानेपुर, गोकुल, जुग्गाराय सहित माझा क्षेत्र के सभी गांवों के लोगों को बाढ़ की आशंका सता रही है। घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। 15 दिन पूर्व जब नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी तो बानेपर गांव के पास कटान शुरू हो गया था। मगर पानी के उतरने के साथ ही इसकी मरम्मत कराकर ठीक करा दिया गया। अब एक बार फिर घाघरा के जलस्तर में वृद्धि लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। नदी के पानी से पहले ही मौसमी सब्जी और गन्ने की खेती बर्बाद हो गई है। धान की बेहन नष्ट हो चुकी है। पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। माझा दलपतपुर गांव के चारों तरफ नदी का पानी फैल गया है। आने-जाने के सभी रास्तों पर पानी भर गया है। मगर प्रशासन की ओर से अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
तहसीलदार विपिन कुमार सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर तो बढ़ रहा है, मगर खतरे जैसी कोई बात नहीं है। राजस्व निरीक्षकों और हल्का लेखपालों को बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे मौजूद रहने को कहा गया है। अभी तक किसी भी गांव के जलमग्न होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
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कठिनइया में बाढ़ से बढ़ीं मुश्किलें
मुंडेरवा। कई दिनों की बारिश के चलते मुंडेरवा कस्बे से सटे कठिनइया नदी उफना गई है। नदी में पानी बढ़ने से उमरी अहरा, जगदीशपुर, मुंडेरवा, किठुरी, कुम्हिया, अरईल, ससना खंता, रामपुर, मुड़ाडिहा, सिकरा सहित आसपास गांवों के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। फसल पानी के चलते बरबाद हो रही है। वहीं लोगों को जलभराव के संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं एनएच 28 पर भी इसका असर पड़ा है। एनएच 28 में एक-एक फीट गड्ढा हो गया है।
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घाघरा नदी का पानी तांडव मचाने को बेताब है। प्रति घंटे आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है। पिछले 15 दिनों के भीतर दूसरी बार माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ी है। बीडी बांधा के पास बसे माझा किताअव्वल, सहजौरा पाठक, सीतारामपुर माझा, अशोकपुर माझा, माझा गनपतपुर, अइलिया, बधुवापार, बाघानाला, बघमरवा, चिरगहदन, बानेपुर, गोकुल, जुग्गाराय सहित माझा क्षेत्र के सभी गांवों के लोगों को बाढ़ की आशंका सता रही है। घाघरा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। 15 दिन पूर्व जब नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी तो बानेपर गांव के पास कटान शुरू हो गया था। मगर पानी के उतरने के साथ ही इसकी मरम्मत कराकर ठीक करा दिया गया। अब एक बार फिर घाघरा के जलस्तर में वृद्धि लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। नदी के पानी से पहले ही मौसमी सब्जी और गन्ने की खेती बर्बाद हो गई है। धान की बेहन नष्ट हो चुकी है। पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। माझा दलपतपुर गांव के चारों तरफ नदी का पानी फैल गया है। आने-जाने के सभी रास्तों पर पानी भर गया है। मगर प्रशासन की ओर से अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
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तहसीलदार विपिन कुमार सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर तो बढ़ रहा है, मगर खतरे जैसी कोई बात नहीं है। राजस्व निरीक्षकों और हल्का लेखपालों को बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे मौजूद रहने को कहा गया है। अभी तक किसी भी गांव के जलमग्न होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
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कठिनइया में बाढ़ से बढ़ीं मुश्किलें
मुंडेरवा। कई दिनों की बारिश के चलते मुंडेरवा कस्बे से सटे कठिनइया नदी उफना गई है। नदी में पानी बढ़ने से उमरी अहरा, जगदीशपुर, मुंडेरवा, किठुरी, कुम्हिया, अरईल, ससना खंता, रामपुर, मुड़ाडिहा, सिकरा सहित आसपास गांवों के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। फसल पानी के चलते बरबाद हो रही है। वहीं लोगों को जलभराव के संकट से जूझना पड़ रहा है। वहीं एनएच 28 पर भी इसका असर पड़ा है। एनएच 28 में एक-एक फीट गड्ढा हो गया है।