{"_id":"65-52887","slug":"Basti-52887-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीप पर्व आज, रोशनी से नहाए शहर और गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीप पर्व आज, रोशनी से नहाए शहर और गांव
Basti
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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बस्ती। मंगलवार को शाम होते ही चारो ओर रोशनी से नहा उठेगा। कार्तिक अमावस्या के पर्व के लिए जोरदार तैयारियां की गई हैं। प्रकाश पर्व दीपावली को यादगार बनाने के लिए हर वर्ग के लोग जुटे हुए हैं। इसका नमूना छोटी दीपावली यानी सोमवार को ही देखने को मिल गया। जिस ओर देखो खुशियाली और प्रकाश दिख रहा है। बुराई पर अच्छाई की जीत के जश्न रूप में मनाए जाने वाले इस त्योहार पर लोग सारे गम भूलकर खुशियां मना रहे हैं। त्योहार के लिए लोगों ने धनतेरस और यमचतुर्दशी को दिन भर खूब खरीददारी की। मिठाई, पटाखे, कपडे़ और घर से सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। गांधीनगर में इतनी भीड़ रही कि वाहन तो दूर पैदल चलने में कठिनाई आ रही थी। घरों और प्रतिष्ठानों की साफ सफाई पहले ही हो चुकी है। सड़क की पटरियों पर खील लाई की दुकानें सजी हुई हैं।
शुभ मुहूर्त में जलाएं दीए
बस्ती। दीपावली पर भी पूजन वंदन करके तैयारी हो चुकी है। दीपावली के दिन तमाम सिद्धयां जाग्रत की जाती हैं तांत्रिक भी कर्मकांड करते हैं। पंडित जय प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक, शुभ मुहूर्त और लगभन में किया गया पूजा पाठ का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस बार चित्रा नक्षत्र में दीपावली आ रही है। प्रदोष काल के बाद स्वाती नक्षत्र लगेगा। प्रीतियोग में चंद्रमा तुला राशि में होंगे। शाम 05 बजकर 26 मिनट से 2.24 मिनट के बीच प्रदोष काल होगा। इस बीच दीपावली का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। कार्तिक मास अमावस्या पर मंगलवार को प्रदोषकाल अर्धरात्रि व्यापिनी होने से महत्व और भी बढ़ गया है। ऐसा होने से मंत्र जाप, सिद्धि व तांत्रिक प्रयोग के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। ऐसे में शाम 5 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक सबसे उत्तम योग है। रात 12.05 से 2.19 तक पूजा पाठ या सिद्धि के लिए उत्तम है।
दीपावली पूजन का मुहूर्त
सुबह 9 बजकर 18 मिनट से 10.38 तक चर बेला
10.39 बजे से 12 बजे तक लाभ बेला
12 बजे से 1.21 बजे तक अमृत बेला
2.43 से 4.03 बजे तक शुभ बेला
शाम 5.37 बजे से 7.33 बजे तक शुभ
8.43 बजे से 10.22 बजे तक शुभ
नरक चतुर्दशी किया गया यम को तर्पण
छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी पर हनुमान जयंती का आयोजन भी पूरे धूमधाम से हुआ। लोगों ने यम के निमित्त पूजन और तर्पण किया। इससे पहले रविवार की रात लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाओं की पट्किा खुल गई। वहां भी पूजा पाठ शुरू हो गई है।
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गांधीनगर के सीताराम मंदिर में हनुमान जयंती पर अखंड पाठ का आयोजन किया गया। सोमवार को हवन कराया गया। यम चतुर्दशी पर स्नान से पहले शरीर में तिल का तेल मालिश का विधान है। माना जाता है कि इस दिन तेल में लक्ष्मी का निवास होता है। इसके बाद यम को तर्पण दिया गया।
ऐसे करें आराध्यों की आराधना
विष्णु प्रिया मां लक्ष्मी का पूजन का सर्वाधिक अनुकूल समय प्रदोष काल है। ज्योतिषाचार्य पंडित जय प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक, अमावस्या को घर के मुखिया को स्नान करके लाल और पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। एक थाल में पांच बडे़ दीपक और दूसरी थाली में अक्षत, पुष्प, मिठाई, गुड़, रखकर भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए। उस समय ‘ऊं गं गणपतये नम:’ का जाप करते हुए पूजा की सामग्री उन्हें अर्पित करनी चाहिए। इसके बाद महाकाली, महासरस्वती, महालक्ष्मी और कुबेर का आह्वान करके दीप प्रज्वलित कर देना चाहिए। दीपक जलाते समय ‘ऊं दीपावल्ये नम:’ का जप करना चाहिए। मगर ध्यान रहे कि दीपक से दीपक कदापि न जलाएं।
डिजाइनर दीए से जगमगाएगा कोना-कोना
यद्यपि पारंपरिक दीया का रिवाज कम होता जा रहा है मगर इस बार डिजाइर दीया का खूब क्रेज रहा। छोटी से लेकर बड़ी साइज के मिट्टी के बने दीयों को आकर्षक डिजाइनर सांचे में ढाला गया है।
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शुभ मुहूर्त में जलाएं दीए
बस्ती। दीपावली पर भी पूजन वंदन करके तैयारी हो चुकी है। दीपावली के दिन तमाम सिद्धयां जाग्रत की जाती हैं तांत्रिक भी कर्मकांड करते हैं। पंडित जय प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक, शुभ मुहूर्त और लगभन में किया गया पूजा पाठ का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस बार चित्रा नक्षत्र में दीपावली आ रही है। प्रदोष काल के बाद स्वाती नक्षत्र लगेगा। प्रीतियोग में चंद्रमा तुला राशि में होंगे। शाम 05 बजकर 26 मिनट से 2.24 मिनट के बीच प्रदोष काल होगा। इस बीच दीपावली का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। कार्तिक मास अमावस्या पर मंगलवार को प्रदोषकाल अर्धरात्रि व्यापिनी होने से महत्व और भी बढ़ गया है। ऐसा होने से मंत्र जाप, सिद्धि व तांत्रिक प्रयोग के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। ऐसे में शाम 5 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक सबसे उत्तम योग है। रात 12.05 से 2.19 तक पूजा पाठ या सिद्धि के लिए उत्तम है।
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दीपावली पूजन का मुहूर्त
सुबह 9 बजकर 18 मिनट से 10.38 तक चर बेला
10.39 बजे से 12 बजे तक लाभ बेला
12 बजे से 1.21 बजे तक अमृत बेला
2.43 से 4.03 बजे तक शुभ बेला
शाम 5.37 बजे से 7.33 बजे तक शुभ
8.43 बजे से 10.22 बजे तक शुभ
नरक चतुर्दशी किया गया यम को तर्पण
छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी पर हनुमान जयंती का आयोजन भी पूरे धूमधाम से हुआ। लोगों ने यम के निमित्त पूजन और तर्पण किया। इससे पहले रविवार की रात लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाओं की पट्किा खुल गई। वहां भी पूजा पाठ शुरू हो गई है।
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गांधीनगर के सीताराम मंदिर में हनुमान जयंती पर अखंड पाठ का आयोजन किया गया। सोमवार को हवन कराया गया। यम चतुर्दशी पर स्नान से पहले शरीर में तिल का तेल मालिश का विधान है। माना जाता है कि इस दिन तेल में लक्ष्मी का निवास होता है। इसके बाद यम को तर्पण दिया गया।
ऐसे करें आराध्यों की आराधना
विष्णु प्रिया मां लक्ष्मी का पूजन का सर्वाधिक अनुकूल समय प्रदोष काल है। ज्योतिषाचार्य पंडित जय प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक, अमावस्या को घर के मुखिया को स्नान करके लाल और पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। एक थाल में पांच बडे़ दीपक और दूसरी थाली में अक्षत, पुष्प, मिठाई, गुड़, रखकर भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए। उस समय ‘ऊं गं गणपतये नम:’ का जाप करते हुए पूजा की सामग्री उन्हें अर्पित करनी चाहिए। इसके बाद महाकाली, महासरस्वती, महालक्ष्मी और कुबेर का आह्वान करके दीप प्रज्वलित कर देना चाहिए। दीपक जलाते समय ‘ऊं दीपावल्ये नम:’ का जप करना चाहिए। मगर ध्यान रहे कि दीपक से दीपक कदापि न जलाएं।
डिजाइनर दीए से जगमगाएगा कोना-कोना
यद्यपि पारंपरिक दीया का रिवाज कम होता जा रहा है मगर इस बार डिजाइर दीया का खूब क्रेज रहा। छोटी से लेकर बड़ी साइज के मिट्टी के बने दीयों को आकर्षक डिजाइनर सांचे में ढाला गया है।