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सूना रहा तहसील दिवस
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:19 PM IST
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मकसद खोता जा रहा तहसील दिवस
बस्ती। आम जन की सुविधा के लिए शुरू किया गया तहसील दिवस अपना मकसद खोता जा रहा है। जिन शिकायतों का निस्तारण 21 दिन में हो जाना चाहिए वह कई माह में भी नहीं हो रहा। फरियादी हर बार पुराने फरियाद को लेकर जा रहे हैं। अधिकारी जल्द न्याय का भरोसा दिलाकर अपने काम में व्यस्त हो जाते हैं। यही स्थित कमोवेश हर तहसील दिवस में देखने को मिलता है।
तहसील दिवसों में आए प्रार्थना पत्र को लेकर स्थानीय अधिकारी कितना संवेदनशील रहते हैं, इसका अंदाजा फरियादियों का बार-बार एक ही फरियाद को लेकर आना रहता है। मौके पर न्याय देने के मामले में भी अधिकारी सफल नहीं हो रहे हैं। शिकायतों के समय से निस्तारण न होने को लेकर कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह अफसरों को फटकार लगा चुके हैं, बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार को आयोजित बस्ती सदर, हर्रैया, भानपुर और रूधौली में आयोजित तहसील दिवसों में शिकायतों के निस्तारण को लेकर जो स्थित रही वह कमोवेश हर तहसील दिवस में रहती है। कुल लगभग 300 मामले आए, जिनमें से मौके पर मात्र 40 का ही निस्तारण हुआ। यहां तक कि डीएम की अध्यक्षता वाले हर्रैया तहसील दिवस में 19 का ही मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि कुल 83 मामले डीएम के सामने आए। इस तहसील दिवस की हालत यह रही कि यहां पर डीएम और एसपी दो घंटे विलंब से पहुंचे।
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बस्ती। आम जन की सुविधा के लिए शुरू किया गया तहसील दिवस अपना मकसद खोता जा रहा है। जिन शिकायतों का निस्तारण 21 दिन में हो जाना चाहिए वह कई माह में भी नहीं हो रहा। फरियादी हर बार पुराने फरियाद को लेकर जा रहे हैं। अधिकारी जल्द न्याय का भरोसा दिलाकर अपने काम में व्यस्त हो जाते हैं। यही स्थित कमोवेश हर तहसील दिवस में देखने को मिलता है।
तहसील दिवसों में आए प्रार्थना पत्र को लेकर स्थानीय अधिकारी कितना संवेदनशील रहते हैं, इसका अंदाजा फरियादियों का बार-बार एक ही फरियाद को लेकर आना रहता है। मौके पर न्याय देने के मामले में भी अधिकारी सफल नहीं हो रहे हैं। शिकायतों के समय से निस्तारण न होने को लेकर कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह अफसरों को फटकार लगा चुके हैं, बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार को आयोजित बस्ती सदर, हर्रैया, भानपुर और रूधौली में आयोजित तहसील दिवसों में शिकायतों के निस्तारण को लेकर जो स्थित रही वह कमोवेश हर तहसील दिवस में रहती है। कुल लगभग 300 मामले आए, जिनमें से मौके पर मात्र 40 का ही निस्तारण हुआ। यहां तक कि डीएम की अध्यक्षता वाले हर्रैया तहसील दिवस में 19 का ही मौके पर निस्तारण हुआ, जबकि कुल 83 मामले डीएम के सामने आए। इस तहसील दिवस की हालत यह रही कि यहां पर डीएम और एसपी दो घंटे विलंब से पहुंचे।
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