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60 लाख खर्च के बाद भी उपयोग में नहीं आ पाए सार्वजनिक शौचालय
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60 लाख खर्च करने के बावजूद सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल नहीं
बभनान (बस्ती)। नगर पंचायत में 60 लाख रुपये की लागत से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। ये शौचालय अभी तक इस्तेमाल में भी नहीं आए और जर्जर होने शुरू हो गए हैं। निर्माण के बाद से सभी पर ताला लटक रहा है।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत की ओर से दो साल पहले विभिन्न वार्डों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। बाबा बागेश्वर नगर, पटेल नगर, लोहिया नगर, भगतसिंह नगर वार्ड में पांच सीटर और सुभाष नगर वार्ड में 10 सीटर शौचालय बनावाए गए हैं। पांच सीटर प्रति शौचालयों के निर्माण में साढ़े छह लाख रुपये और 10 सीटर शौचालय पर 16 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। शौचालय पूर्ण रुप से तैयार कर ठेकेदार ने नगर पंचायत को हस्तांरित कर दिया है। सभी का सत्यापन कराकर नगर पंचायत को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। निर्माण के बाद से सभी पर ताला लगा हुआ है। इस्तेमाल न होने के कारण ये शौचालय जर्जर हो रहे हैं। अधिशासी अधिकारी रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शौचालयों की देखभाल के लिए अभी तक कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाई है। जिस कारण इन पर ताला लट रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद सभी इस्तेमाल में आ जाएंगे।
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बभनान (बस्ती)। नगर पंचायत में 60 लाख रुपये की लागत से सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। ये शौचालय अभी तक इस्तेमाल में भी नहीं आए और जर्जर होने शुरू हो गए हैं। निर्माण के बाद से सभी पर ताला लटक रहा है।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत की ओर से दो साल पहले विभिन्न वार्डों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। बाबा बागेश्वर नगर, पटेल नगर, लोहिया नगर, भगतसिंह नगर वार्ड में पांच सीटर और सुभाष नगर वार्ड में 10 सीटर शौचालय बनावाए गए हैं। पांच सीटर प्रति शौचालयों के निर्माण में साढ़े छह लाख रुपये और 10 सीटर शौचालय पर 16 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। शौचालय पूर्ण रुप से तैयार कर ठेकेदार ने नगर पंचायत को हस्तांरित कर दिया है। सभी का सत्यापन कराकर नगर पंचायत को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। निर्माण के बाद से सभी पर ताला लगा हुआ है। इस्तेमाल न होने के कारण ये शौचालय जर्जर हो रहे हैं। अधिशासी अधिकारी रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शौचालयों की देखभाल के लिए अभी तक कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाई है। जिस कारण इन पर ताला लट रहा है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद सभी इस्तेमाल में आ जाएंगे।
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