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60 हजार क्विंटल चावल की वसूली को बढ़ा दबाव

Thu, 14 Mar 2019 11:22 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Thu, 14 Mar 2019 11:22 PM IST
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60 thousand quintal rice in pending
चावल
बस्ती। धान खरीद के बाद उसे राइस मिलों को कुटाई के लिए दिया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत पीसीएफ से संबद्ध नौ राइस मिलों को सहकारी समितियों ने 2.97 लाख क्विंटल धान इन राइस मिलों को दिया। इन राइस मिलों ने अधिकांश धान की कुटाई कर वापस कर दिया, मगर अब भी इन राइस मिलों में 89,552 क्विंटल धान का छह हजार एमटी यानी 60 हजार क्विंटल चावल फंसा है। इसे लेकर पीसीएफ के जिम्मेदार राइस मिलों पर दबाव बढ़ा दिए हैं। चावल दबाए बैठी राइस मिलों के संचालकों को 31 मार्च तक हर हाल में जमा करने के निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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इस बार पीसीएफ ने न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में 44 केंद्रों के माध्यम से 2.97 लाख क्विंटल धान की खरीद की थी। इस धान की कुटाई के लिए पीसीएफ ने संस्था से संबद्ध नौ राइस मिलों को संपूर्ण धान की डिलिवरी दे दी। इसके बाद धीरे-धीरे राइस मिलों ने अधिकांश चावल का संप्रदान कर दिया, मगर अब भी 89552 क्विंटल धान के सापेक्ष करीब 60 हजार क्विंटल चावल की डिलिवरी एफसीआई को नहीं मिल पाई है। शासन के निर्देश पर विभागीय जिम्मेदारों ने इस सरकारी चावल की वसूली के लिए राइस मिलों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शासन के निर्देशों के क्रम में बकाया चावल की डिलिवरी 31 मार्च तक हर हाल में किया जाए। इन स्थितियों को देखते हुए राइस मिलों को भी शासन की मंशा के अनुरूप डिलिवरी का निर्देश दिया है। जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित कुमार चौधरी ने राइस मिलों पर बकाया की पुष्टि करते हुए कहा कि राइस मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा में सरकारी चावल की डिलिवरी कर दें। अन्यथा की दशा में उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा।
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