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Basti News: परिक्षेत्र के 45 हजार लोगों से चुनाव की शांति को खतरा
Fri, 29 Mar 2024 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:49 AM IST
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- 25 हजार पाबंद, 210 पर गुंडा एक्ट,दो सौ पर गैंगस्टर
- आईजी ने तीनों जिले के एसपी को दिए दिशा निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष माहौल में कराने की दिशा में पुलिस हर संभव कदम उठा रही है। परिक्षेत्र के तीनों जिले के 45 हजार 358 लोगों की चालानी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इन सभी से चुनाव में शांतिभंग होने का खतरा है। इसमें से करीब 25 हजार लोगों को सीआरपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया जा चुका है। जबकि 210 पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। वहीं, यूपी गैंगस्टर अधिनियम के तहत 39 केस में 200 लोगों पर कार्रवाई प्रचलित है। इसके साथ ही करीब 800 लोग ऐसे चिह्नित हैं, जो चुनाव के दौरान खास तौर पर निगरानी में रहेंगे। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि रेंज में सी-प्लान एप को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए हर गांव व क्षेत्र से दस-दस संभ्रांत लोगों को एप पर जोड़ने की कार्रवाई भी अंतिम दौर में है। इस एप के माध्यम से पुलिस किसी भी समय गांव के लोगों से सीधा संवाद कर सकेगी।बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले के हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया जा रहा है।
विधानसभा, पंचायत और निकाय चुनावों में बूथों पर मारपीट करने वाले, मतदाताओं को धमकी देने, शराब या अन्य प्रलोभन देने के अलावा फर्जी मतदान कराने के कई मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने छानबीन में पाया था कि कुछ ऐसे तत्व गांव-मोहल्लों में मौजूद हैं जो राजनैतिक दल या प्रत्याशी के उकसाने और लाभान्वित कर देने के बाद माहौल को खराब करते हैं। ऐसे लोगों को पहले से चिन्हित करने को कहा गया है। इसके अलावा आपराधिक छवि के लोगों पर पाबंद करने की कार्रवाई भी तेज करने को कहा गया है।
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16 हजार लोग हुए थे पाबंद
- विधानसभा चुनाव और 2019 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में करीब 16 हजार लोगों को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया था। इनमें ज्यादातर के विरुद्ध जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के तहत पाबंद करने के अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके पीछे पुलिस का मकसद था कि मतदान व चुनाव प्रचार के दौरान कोई हिंसक वारदात न होने पाए। साथ ही मतदाताओं पर कोई जोर-जबरदस्ती न कर सके।
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- आईजी ने तीनों जिले के एसपी को दिए दिशा निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष माहौल में कराने की दिशा में पुलिस हर संभव कदम उठा रही है। परिक्षेत्र के तीनों जिले के 45 हजार 358 लोगों की चालानी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इन सभी से चुनाव में शांतिभंग होने का खतरा है। इसमें से करीब 25 हजार लोगों को सीआरपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया जा चुका है। जबकि 210 पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। वहीं, यूपी गैंगस्टर अधिनियम के तहत 39 केस में 200 लोगों पर कार्रवाई प्रचलित है। इसके साथ ही करीब 800 लोग ऐसे चिह्नित हैं, जो चुनाव के दौरान खास तौर पर निगरानी में रहेंगे। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि रेंज में सी-प्लान एप को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए हर गांव व क्षेत्र से दस-दस संभ्रांत लोगों को एप पर जोड़ने की कार्रवाई भी अंतिम दौर में है। इस एप के माध्यम से पुलिस किसी भी समय गांव के लोगों से सीधा संवाद कर सकेगी।बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले के हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया जा रहा है।
विधानसभा, पंचायत और निकाय चुनावों में बूथों पर मारपीट करने वाले, मतदाताओं को धमकी देने, शराब या अन्य प्रलोभन देने के अलावा फर्जी मतदान कराने के कई मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने छानबीन में पाया था कि कुछ ऐसे तत्व गांव-मोहल्लों में मौजूद हैं जो राजनैतिक दल या प्रत्याशी के उकसाने और लाभान्वित कर देने के बाद माहौल को खराब करते हैं। ऐसे लोगों को पहले से चिन्हित करने को कहा गया है। इसके अलावा आपराधिक छवि के लोगों पर पाबंद करने की कार्रवाई भी तेज करने को कहा गया है।
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16 हजार लोग हुए थे पाबंद
- विधानसभा चुनाव और 2019 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में करीब 16 हजार लोगों को पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत पाबंद किया था। इनमें ज्यादातर के विरुद्ध जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के तहत पाबंद करने के अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों, हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके पीछे पुलिस का मकसद था कि मतदान व चुनाव प्रचार के दौरान कोई हिंसक वारदात न होने पाए। साथ ही मतदाताओं पर कोई जोर-जबरदस्ती न कर सके।
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