{"_id":"57b89f634f1c1b8f636ebeb2","slug":"4-hours-are-in-judicial-custody-so","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहे एसओ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहे एसओ
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी अशोक कुमार सिंह ने अदालत के बुलाने पर समय से गवाही देने नहीं पहुंचने पर पूर्व एसओ कप्तानगंज को चार घंटे न्यायिक हिरासत में रखा। कोर्ट ने अपराध के अल्पीकरण मामले में एसओ गजेंद्र राय से पूछताछ की।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पढ़नी गांव की श्यामादेवी का पुत्र शैलेंद्र कुमार 29 सितंबर 2013 को घर के बाहर सो रहा था आरोप है कि गांव की रजनी कहार ने शैलेंद्र पर तेजाब फेंक दिया। जिससे उसका चेहरा और सीना जल गया। तत्कालीन एसओ गजेंद्र राय के समक्ष घायल की मां श्यामादेवी ने दलित होने का जिक्र करते हुए तहरीर दी थी। आरोप है कि एसओ ने मुकदमे में धारा का अल्पीकरण कर दिया। विवेचना में सीओ ने भी धाराओं का अल्पीकरण कर दिया।
30 मई 16 को न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने एसओ से जानना चाहा कि 10 साल की सजा के प्रावधान होने के बाद भी धारा 3(2)5 क्यों नहीं लगाई। एफआईआर के समय 3(1)10 क्यों लगाया। अदालत के सवालों से परेशान गवाह गजेंद्र राय कोर्ट में आने से आनाकानी करने लगे। तब कोर्ट ने तीन अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को निर्देश दिया। एसपी देवरिया ने आदेश के अनुपालन में एसओ भाटपार रानी गजेंद्र राय को कोर्ट हाजिर होने का निर्देश दिया। तब एसओ ने कोर्ट में हाजिर होकर एनबीडब्लू वापस लेने को अर्जी दी। कोर्ट ने चार घंटे अभिरक्षा में लेकर शेष जिरह पूरी की। वारंट रिकॉल कर रिहा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पढ़नी गांव की श्यामादेवी का पुत्र शैलेंद्र कुमार 29 सितंबर 2013 को घर के बाहर सो रहा था आरोप है कि गांव की रजनी कहार ने शैलेंद्र पर तेजाब फेंक दिया। जिससे उसका चेहरा और सीना जल गया। तत्कालीन एसओ गजेंद्र राय के समक्ष घायल की मां श्यामादेवी ने दलित होने का जिक्र करते हुए तहरीर दी थी। आरोप है कि एसओ ने मुकदमे में धारा का अल्पीकरण कर दिया। विवेचना में सीओ ने भी धाराओं का अल्पीकरण कर दिया।
विज्ञापन
30 मई 16 को न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने एसओ से जानना चाहा कि 10 साल की सजा के प्रावधान होने के बाद भी धारा 3(2)5 क्यों नहीं लगाई। एफआईआर के समय 3(1)10 क्यों लगाया। अदालत के सवालों से परेशान गवाह गजेंद्र राय कोर्ट में आने से आनाकानी करने लगे। तब कोर्ट ने तीन अगस्त को उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को निर्देश दिया। एसपी देवरिया ने आदेश के अनुपालन में एसओ भाटपार रानी गजेंद्र राय को कोर्ट हाजिर होने का निर्देश दिया। तब एसओ ने कोर्ट में हाजिर होकर एनबीडब्लू वापस लेने को अर्जी दी। कोर्ट ने चार घंटे अभिरक्षा में लेकर शेष जिरह पूरी की। वारंट रिकॉल कर रिहा कर दिया।
विज्ञापन