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पुरानी पेशन बहाली की मांग, 21 संगठनों का धरना

Wed, 05 Sep 2018 11:54 PM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:54 PM IST
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पुरानी पेशन बहाली की मांग, 21 संगठनों का धरना
पुरानी पेशन बहाली की मांग, 21 संगठनों का धरना
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डीएम को ज्ञापन देकर मांगा हक
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पुरानी पेंशन नीति बहाली की मांग पर 21 कर्मचारी, शिक्षक संगठनों ने संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। बुधवार को आयोजित धरने के बाद डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल, पीएम व सीएम को संबोधित ज्ञापन दिया गया।

शिक्षक नेता उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है। मात्र एक बार जन प्रतिनिधि चुने जाने पर सांसद, विधायकों के आजीवन पेंशन का प्रावधान है, किन्तु पूरा जीवन खपा देने वाले सरकारी कर्मचारियों से उनकी पेंशन का अधिकार छीन लेना पूरी तरह से सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार से देशव्यापी आंदोलन को देखते हुए पुरानी पेंशन नीति बहाल करने की मांग की। संयोजक सुनील कुमार पांडेय, रामस्वारथ चौधरी, अनिरुद्ध त्रिपाठी, केके तिवारी, चन्द्र प्रकाश पांडेय, शैल शुक्ल, बब्बन पांडेय, शिवशंकर कुमार, राजकुमार सिंह, अभिषेक उपाध्याय, चन्द्रभान चौरसिया, महेश कुमार, अतुल कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र विचार करें। पेंशन उनका अधिकार है और उन्हें मिलना चाहिए। मनीष कुमार, राम प्रकाश शुक्ल, मंजू गुप्ता, गौरीशंकर, हेरम्बनाथ त्रिपाठी, दिवाकर सिंह, राघवेन्द्र सिंह, विजय प्रकाश चौधरी आदि ने कहा कि पेंशन के सवाल पर समूचे देश के कर्मचारी एकजुट हैं। सरकार को हठवादिता की जगह समस्या का त्वरित हल निकालना चाहिए। इस मौके पर प्रमोद पासवान, राजेश चौधरी, शारदा प्रसाद चतुर्वेदी, आरपी सिंह, रेखा देवी, सोमईराम आजाद, दिनेश वर्मा, कन्हैयालाल भारती, राजेश कुमार पाण्डेय, त्रिलोकीनाथ, मारूफ अहमद, इन्द्रमणि मिश्र आदि मौजूद रहे।
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