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गेहूं खरीद न करने वाले पुराने 21 क्रय केंद्र सूची से बाहर
Fri, 15 Mar 2019 11:10 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Fri, 15 Mar 2019 11:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना में इस बार शासन पहली अप्रैल से गेहूं खरीद कराएगा। खरीद को पारदर्शी व गुणवत्तापरक बनाने की कवायद अभी से शुरू हो गई है। इस बार वे 21 केंद्र गेहूं नहीं खरीद सकेंगे जो पिछले सीजन में क्रय केंद्र तो बने, मगर एक छटांक गेहूं भी एफसीआई को डिलिवरी नहीं दी। इन केंद्रों को सूची से बाहर कर दिया गया है। हालांकि, अब तक केवल 55 क्रय केंद्रों की स्वीकृति मिल सकी है, जबकि 33 की नई सूची भी विभाग को मिली है, मगर अभी इनके सत्यापन के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि, पीसीएफ के अब तक निर्धारित 37 केंद्रों के लिए 45,500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दे दिया गया है, मगर इसके लिए 33 नए केंद्रों की सूची भी पीसीएफ ने क्रय केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव के लिए भेजा है। इसके अलावा पीसीयू और अन्य क्रय एजेंसियां भी क्रय केंद्र खोलने के लिए अपनी सूची भेजी हैं, फिलहाल, इन पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
खरीद को लेकर संभागीय खाद्य नियंत्रक विभाग के जिला विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि पिछले वर्ष जो लक्ष्य था उसी के आसपास इस बार भी खरीद का लक्ष्य निर्धारित होने की उम्मीद है। पिछली खरीद में 146 केंद्र थे, मगर इस बार 21 केंद्रों को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिन्होंने गेहूं की डिलिवरी नहीं की थी। बताया कि व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए तैयारी की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा। केंद्रों को पहली अप्रैल से सक्रिय कर दिया जाएगा।
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कूटरचित कर गेहूं बेचना पड़ा महंगा, पांच पर मुकदमा दर्ज
सल्टौआ। सहकारी संघ सल्टौआ में कूटरचित कर गेहूं बेचने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ सोनहा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को सहायक विकास अधिकारी सहकारिता रमाकांत शुक्ल की तहरीर पर केस दर्ज हुआ है।
सोनहा पुलिस को दी तहरीर में सहायक विकास अधिकारी ने आरोप लगाया है कि गेहूं समर्थन मूल्य के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में सावित्री पत्नी दयाशंकर, दयाशंकर निवासी हथिनास, रामसागर यादव निवासी मझारी, शैलजा पुत्री निरहु तथा परशुराम निवासी विशुनपुरा ने सहकारी संघ सल्टौआ के केंद्र प्रभारी से धोखाधड़ी करके गेहूं बेच दिया। वादी रमाकांत शुक्ल ने बताया इन लोगों के पास खेत कम होने के बावजूद जांच में अधिक गेहूं बेचना पाया गया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्र ने बताया तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की आगे की कार्रवाई कर रही है।
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इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि, पीसीएफ के अब तक निर्धारित 37 केंद्रों के लिए 45,500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दे दिया गया है, मगर इसके लिए 33 नए केंद्रों की सूची भी पीसीएफ ने क्रय केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव के लिए भेजा है। इसके अलावा पीसीयू और अन्य क्रय एजेंसियां भी क्रय केंद्र खोलने के लिए अपनी सूची भेजी हैं, फिलहाल, इन पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।
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खरीद को लेकर संभागीय खाद्य नियंत्रक विभाग के जिला विपणन अधिकारी गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि पिछले वर्ष जो लक्ष्य था उसी के आसपास इस बार भी खरीद का लक्ष्य निर्धारित होने की उम्मीद है। पिछली खरीद में 146 केंद्र थे, मगर इस बार 21 केंद्रों को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिन्होंने गेहूं की डिलिवरी नहीं की थी। बताया कि व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए तैयारी की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा। केंद्रों को पहली अप्रैल से सक्रिय कर दिया जाएगा।
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कूटरचित कर गेहूं बेचना पड़ा महंगा, पांच पर मुकदमा दर्ज
सल्टौआ। सहकारी संघ सल्टौआ में कूटरचित कर गेहूं बेचने के मामले में पांच लोगों के खिलाफ सोनहा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। शुक्रवार को सहायक विकास अधिकारी सहकारिता रमाकांत शुक्ल की तहरीर पर केस दर्ज हुआ है।
सोनहा पुलिस को दी तहरीर में सहायक विकास अधिकारी ने आरोप लगाया है कि गेहूं समर्थन मूल्य के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में सावित्री पत्नी दयाशंकर, दयाशंकर निवासी हथिनास, रामसागर यादव निवासी मझारी, शैलजा पुत्री निरहु तथा परशुराम निवासी विशुनपुरा ने सहकारी संघ सल्टौआ के केंद्र प्रभारी से धोखाधड़ी करके गेहूं बेच दिया। वादी रमाकांत शुक्ल ने बताया इन लोगों के पास खेत कम होने के बावजूद जांच में अधिक गेहूं बेचना पाया गया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्र ने बताया तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की आगे की कार्रवाई कर रही है।