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गठबंधन की बिसात पर पस्त हुए सपा के सिपाही
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गठबंधन की बिसात पर पस्त हुए सपा के सिपाही
मंडल की संसदीय राजनीति अब बसपा के हवाले
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। संसदीय चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में भाजपा को शिकस्त देने के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के हालिया गठबंधन ने मंडल की राजनीति में खलबली मचा दी है।
बृहस्पतिवार को जारी हुई दोनों पार्टियों की उम्मीदवारी सूची में बस्ती मंडल की तीनों लोकसभा सीटें बसपा की झोली में जा गिरी हैं। याद दिलाते चलें कि पिछले संसदीय चुनाव में बस्ती सीट पर समाजवादी पार्टी के बृज किशोर सिंह डिंपल ने भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी को कड़ी टक्कर दी थी। जबकि बसपा के उम्मीदवार राम प्रसाद चौधरी तीसरे स्थान पर थे। खलीलाबाद और डुमरियागंज संसदीय सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर रही लेकिन यहां भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने दमदार प्रदर्शन किया था। संसदीय चुनाव में भाजपा के पक्ष में बही बयार विधानसभा चुनाव में ऐसी आंधी बनी कि मंडल की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी कमल खिल गया। जब से संसदीय चुनाव 2019 को लेकर प्रदेश स्तर पर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है तब से मंडल की तीनों सीटों को लेकर हर रोज कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन बस्ती, डुमरियागंज और संतकबीरनगर की सीट बसपा खाते में जाएगी, इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था। राजधानी में हुई सपा-बसपा की संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने उम्मीदवारी सूची जारी की तो बस्ती मंडल के सपा दिग्गजों में खास प्रतिक्रिया भी नहीं रही। उम्मीदवारी का सपना संजोए सपा नेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रत्याशियों के समर्थक भी मायूस नजर आ रहे हैं। सपा खेमे में चर्चा अभी शुरू हो गई है कि पूरे मंडल में सपा को एक भी सीट नहीं मिलने का असर संगठन पर भी पड़ेगा।
हालांकि, सपा के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए दिल बड़ा करना पड़ता है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने क्यों निर्णय लिया है वह इसी परिप्रेक्ष्य में है। हम पार्टी के सिपाही हैं जो निर्णय आया है उसे पूरी शक्ति से निभाएंगे। इस बाबत समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय शिरोधार्य है। भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए सपा और बसपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे।
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मंडल की संसदीय राजनीति अब बसपा के हवाले
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। संसदीय चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में भाजपा को शिकस्त देने के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के हालिया गठबंधन ने मंडल की राजनीति में खलबली मचा दी है।
बृहस्पतिवार को जारी हुई दोनों पार्टियों की उम्मीदवारी सूची में बस्ती मंडल की तीनों लोकसभा सीटें बसपा की झोली में जा गिरी हैं। याद दिलाते चलें कि पिछले संसदीय चुनाव में बस्ती सीट पर समाजवादी पार्टी के बृज किशोर सिंह डिंपल ने भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी को कड़ी टक्कर दी थी। जबकि बसपा के उम्मीदवार राम प्रसाद चौधरी तीसरे स्थान पर थे। खलीलाबाद और डुमरियागंज संसदीय सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर रही लेकिन यहां भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने दमदार प्रदर्शन किया था। संसदीय चुनाव में भाजपा के पक्ष में बही बयार विधानसभा चुनाव में ऐसी आंधी बनी कि मंडल की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी कमल खिल गया। जब से संसदीय चुनाव 2019 को लेकर प्रदेश स्तर पर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है तब से मंडल की तीनों सीटों को लेकर हर रोज कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन बस्ती, डुमरियागंज और संतकबीरनगर की सीट बसपा खाते में जाएगी, इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था। राजधानी में हुई सपा-बसपा की संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने उम्मीदवारी सूची जारी की तो बस्ती मंडल के सपा दिग्गजों में खास प्रतिक्रिया भी नहीं रही। उम्मीदवारी का सपना संजोए सपा नेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रत्याशियों के समर्थक भी मायूस नजर आ रहे हैं। सपा खेमे में चर्चा अभी शुरू हो गई है कि पूरे मंडल में सपा को एक भी सीट नहीं मिलने का असर संगठन पर भी पड़ेगा।
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हालांकि, सपा के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण मिश्र ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए दिल बड़ा करना पड़ता है। राष्ट्रीय नेतृत्व ने क्यों निर्णय लिया है वह इसी परिप्रेक्ष्य में है। हम पार्टी के सिपाही हैं जो निर्णय आया है उसे पूरी शक्ति से निभाएंगे। इस बाबत समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय शिरोधार्य है। भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए सपा और बसपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे।
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