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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की सजा
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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष की सजा
- कोर्ट ने 31 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्पेशल कोर्ट पास्को एक्ट के न्यायाधीश बृजेेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी मनोज चौधरी को बीस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन पर कोर्ट ने 31 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजक वंदना चौधरी, अखिलेेश दूबे व कमलेश चौधरी ने न्यायालय को बताया कि मुंडेरवा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने आरोप लगाया कि 22 अक्तूबर 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री शाम साढ़े पांच बजे शौच के लिए खेत में गई थी। उसे अकेला पाकर अभियुक्त मनोज ने दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में नाबालिग से दुष्कर्म व धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने साक्ष्यों सहित न्यायालय में अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क व साक्ष्यों के आधार पर कारावास की सजा सुनाई।
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- कोर्ट ने 31 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्पेशल कोर्ट पास्को एक्ट के न्यायाधीश बृजेेश मणि त्रिपाठी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी मनोज चौधरी को बीस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन पर कोर्ट ने 31 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजक वंदना चौधरी, अखिलेेश दूबे व कमलेश चौधरी ने न्यायालय को बताया कि मुंडेरवा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने आरोप लगाया कि 22 अक्तूबर 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री शाम साढ़े पांच बजे शौच के लिए खेत में गई थी। उसे अकेला पाकर अभियुक्त मनोज ने दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में नाबालिग से दुष्कर्म व धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने साक्ष्यों सहित न्यायालय में अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क व साक्ष्यों के आधार पर कारावास की सजा सुनाई।
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