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2.50 करोड़ की माड्यूलर ओटी पर उपेक्षा का ताला
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2.50 करोड़ के माड्यूलर ओटी पर उपेक्षा का ताला
बस्ती। संसाधनों की कमी व उपेक्षा के कारण जिला अस्पताल में स्थापित माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर एक वर्ष बाद भी नहीं चल सका है। उपेक्षा के चलते इसका रंग-रोगन भी नहीं हो रहा है। नतीजतन हाईजेनिक ओटी में गुणवत्तायुक्त ऑपरेशन की मंशा धरी की धरी रह गई है। 2.50 करोड़ की लागत से तैयार ऑपरेशन थियेटर पर उपेक्षा का ताला लटक रहा है।
वर्ष 2012-13 में जिला अस्पताल में अत्याधुनिक संसाधनों से लैस माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर निर्माण का फैसला हुआ। इसी वर्ष इसका निर्माण भी शुरू हो गया। तमाम विवादों की जांच के बाद निर्माण पूरा हुआ और वर्ष 2020 में निर्माण इकाई ने इसे जिला अस्पताल को हस्तांतरित किया। हस्तांतरण के बाद इसमें अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाने थे, मगर तमाम पत्राचार के बाद भी कुछ नहीं हो सका। इसके बाद इसमें प्रशासन ने कोरोना टीकाकरण का कार्य शुरू करा दिया। नतीजतन जिस उद्देश्य से हाईजेनिक ओटी का निर्माण हुआ था, वह अधूरा रह गया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने इसे अब कोरोना टीकाकरण से मुक्त करा लिया है, मगर अब भी इस पर ताला लटक रहा है।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि माड्यूलर ओटी संचालन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसके लिए अलग से स्टाफ व संसाधनों की आवश्यकता है। इसके अलावा शासन से सी-आर्म्स मशीन भी मांगी गई है। यहां की सड़क के लिए भी प्रशासन से बातचीत की जा रही है। ओटी चलाने की व्यवस्था की जा रही है। तकनीकी दिक्कतें दूर कर इसके संचालन की पहल की जाएगी।
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बस्ती। संसाधनों की कमी व उपेक्षा के कारण जिला अस्पताल में स्थापित माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर एक वर्ष बाद भी नहीं चल सका है। उपेक्षा के चलते इसका रंग-रोगन भी नहीं हो रहा है। नतीजतन हाईजेनिक ओटी में गुणवत्तायुक्त ऑपरेशन की मंशा धरी की धरी रह गई है। 2.50 करोड़ की लागत से तैयार ऑपरेशन थियेटर पर उपेक्षा का ताला लटक रहा है।
वर्ष 2012-13 में जिला अस्पताल में अत्याधुनिक संसाधनों से लैस माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर निर्माण का फैसला हुआ। इसी वर्ष इसका निर्माण भी शुरू हो गया। तमाम विवादों की जांच के बाद निर्माण पूरा हुआ और वर्ष 2020 में निर्माण इकाई ने इसे जिला अस्पताल को हस्तांतरित किया। हस्तांतरण के बाद इसमें अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाने थे, मगर तमाम पत्राचार के बाद भी कुछ नहीं हो सका। इसके बाद इसमें प्रशासन ने कोरोना टीकाकरण का कार्य शुरू करा दिया। नतीजतन जिस उद्देश्य से हाईजेनिक ओटी का निर्माण हुआ था, वह अधूरा रह गया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने इसे अब कोरोना टीकाकरण से मुक्त करा लिया है, मगर अब भी इस पर ताला लटक रहा है।
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जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि माड्यूलर ओटी संचालन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसके लिए अलग से स्टाफ व संसाधनों की आवश्यकता है। इसके अलावा शासन से सी-आर्म्स मशीन भी मांगी गई है। यहां की सड़क के लिए भी प्रशासन से बातचीत की जा रही है। ओटी चलाने की व्यवस्था की जा रही है। तकनीकी दिक्कतें दूर कर इसके संचालन की पहल की जाएगी।
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