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शासनादेश के विरुद्घ कार्य करने वालों पर होगी कार्रवाई
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:33 PM IST
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एक्सईएन से सीडीओ ने मांगा स्पष्टीकरण
बस्ती।
एक साल बाद शुरू हुई शासी निकाय की बैठक से अफसर गायब रहे। जबकि इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित अनिवार्य मानी जाती है। बैठक से गैरहाजिर रहने वाले एक्सईएन नलकूप और सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया।
हालत यह हुई कि बीएसए को बुलाना पड़ा। पूर्व बीएसए की फर्जी रिपोर्ट को लेकर खूब हंगामा हुआ। सदस्यों के निशाने पर सबसे अधिक पीडब्लूडी और वन विभाग के अधिकारी ही रहे। इन अफसरों पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने तक का आरोप लगा। माहौल को गर्म होते देखकर सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय को मोर्चा संभालना पड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में हुई शासी निकाय की बैठक में बेसिक, पीडब्लूडी, वन विभाग का मुद्दा छाया रहा। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह और खादिम हुसैन ने एक साथ पहले बीएसए की फर्जी रिपोर्ट पर हमला बोला और उन्हें बैठक में बुलाने की मांग की गई। इस पर सीडीओ ने कहा कि बीएसए को फौरन बुलाइए और अगर नहीं आते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। किसी तरह हांफते बीएसए सत्येद्र कुमार सिंह पहुंचे, उनके सदन में पहुंचते ही उनसे पूछा गया कि कितने साल हो गए बेसिक शिक्षा समिति की बैठक कराए और क्यों फर्जी रिपोर्ट दी गई। इस पर बीएसए ने कहा कि पूर्व के बीएसए ने रिपोर्ट दी। यह मामला अभी शांत हुआ नहीं था कि दोनों प्रतिनिधि पीडब्लूडी निर्माण खंड एक के एक्सईएन पर हमला बोल दिया। उनसे बस्ती-गनेशपुर, बस्ती-कांटे, कैली रोड और बस्ती-मेहंदावल के खस्ताहाल सड़कों के बारे में पूछा, एक्सईएन के जवाब से सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और विभाग के अफसरों और ठेकेदारों पर सरकारी धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगने लगा। कहा गया कि 40 करोड़ की लागत से बने बस्ती-कांटे मार्ग को बने हुए अभी दो माह भी नहीं बीते कि उसपर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। माहौल गरम होते देखकर सीडीओ ने एक्सईएन से सड़कों को ठीक कराने और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उसके बाद वन विभाग की बारी आई। एक दिन में पांच लाख से अधिक पौधरोपण कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले वन विभाग के अधिकारी से दोनों प्रतिनिधियों ने पूछा कि कितने पौधे जीवित है, इसपर उन्होंने 90 फीसदी पौधे जीवित होने की बात कही। इतना सुनते ही सभी सदस्य वन विभाग पर बेईमानी करने का आरोप लगाने लगे। एक सदस्य ने यहां तक कहा कि डारीडीहा में कई मंत्री, कमिश्नर, डीएम और अन्य अधिकारी 17 बार पौधरोपण कर चुके हैं, मगर एक भी पौधे जीवित नहीं हैं। इसी तरह पूरे जिले में यही हाल है। इस बार भी मोर्चा सीडीओ ने संभाला और डीएफओ से सभी पौधे की जांच करने का निर्देश दिया। इस मौके पर डीएम अरविंद कुमार सिंह, डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, पीडी आरपी सिंह, उपायुक्त मनरेगा अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ गोपालजी ओझा, डीएसटीओ, समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह, दिव्यांग अधिकारी एजाजुल हक खान, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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बस्ती।
एक साल बाद शुरू हुई शासी निकाय की बैठक से अफसर गायब रहे। जबकि इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित अनिवार्य मानी जाती है। बैठक से गैरहाजिर रहने वाले एक्सईएन नलकूप और सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया।
हालत यह हुई कि बीएसए को बुलाना पड़ा। पूर्व बीएसए की फर्जी रिपोर्ट को लेकर खूब हंगामा हुआ। सदस्यों के निशाने पर सबसे अधिक पीडब्लूडी और वन विभाग के अधिकारी ही रहे। इन अफसरों पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने तक का आरोप लगा। माहौल को गर्म होते देखकर सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय को मोर्चा संभालना पड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में हुई शासी निकाय की बैठक में बेसिक, पीडब्लूडी, वन विभाग का मुद्दा छाया रहा। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह और खादिम हुसैन ने एक साथ पहले बीएसए की फर्जी रिपोर्ट पर हमला बोला और उन्हें बैठक में बुलाने की मांग की गई। इस पर सीडीओ ने कहा कि बीएसए को फौरन बुलाइए और अगर नहीं आते हैं, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। किसी तरह हांफते बीएसए सत्येद्र कुमार सिंह पहुंचे, उनके सदन में पहुंचते ही उनसे पूछा गया कि कितने साल हो गए बेसिक शिक्षा समिति की बैठक कराए और क्यों फर्जी रिपोर्ट दी गई। इस पर बीएसए ने कहा कि पूर्व के बीएसए ने रिपोर्ट दी। यह मामला अभी शांत हुआ नहीं था कि दोनों प्रतिनिधि पीडब्लूडी निर्माण खंड एक के एक्सईएन पर हमला बोल दिया। उनसे बस्ती-गनेशपुर, बस्ती-कांटे, कैली रोड और बस्ती-मेहंदावल के खस्ताहाल सड़कों के बारे में पूछा, एक्सईएन के जवाब से सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और विभाग के अफसरों और ठेकेदारों पर सरकारी धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगने लगा। कहा गया कि 40 करोड़ की लागत से बने बस्ती-कांटे मार्ग को बने हुए अभी दो माह भी नहीं बीते कि उसपर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। माहौल गरम होते देखकर सीडीओ ने एक्सईएन से सड़कों को ठीक कराने और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उसके बाद वन विभाग की बारी आई। एक दिन में पांच लाख से अधिक पौधरोपण कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले वन विभाग के अधिकारी से दोनों प्रतिनिधियों ने पूछा कि कितने पौधे जीवित है, इसपर उन्होंने 90 फीसदी पौधे जीवित होने की बात कही। इतना सुनते ही सभी सदस्य वन विभाग पर बेईमानी करने का आरोप लगाने लगे। एक सदस्य ने यहां तक कहा कि डारीडीहा में कई मंत्री, कमिश्नर, डीएम और अन्य अधिकारी 17 बार पौधरोपण कर चुके हैं, मगर एक भी पौधे जीवित नहीं हैं। इसी तरह पूरे जिले में यही हाल है। इस बार भी मोर्चा सीडीओ ने संभाला और डीएफओ से सभी पौधे की जांच करने का निर्देश दिया। इस मौके पर डीएम अरविंद कुमार सिंह, डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव, पीडी आरपी सिंह, उपायुक्त मनरेगा अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ गोपालजी ओझा, डीएसटीओ, समाज कल्याण अधिकारी रणविजय सिंह, दिव्यांग अधिकारी एजाजुल हक खान, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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