{"_id":"5cfbfb0abdec220774415968","slug":"156001766717-basti-news127","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम की मार, अस्पताल में बीमारों की भीड़ बढ़ी-","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम की मार, अस्पताल में बीमारों की भीड़ बढ़ी-
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम की मार, अस्पताल में मरीज बढ़े
फोटो
900 की जगह 1500 से 2000 पहुंच रही ओपीडी
वायरल, उल्टी-दस्त व डायरिया से पीड़ित ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। आग उगल रहे मौसम से हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हैं। वायरल, उल्टी-दस्त और डायरिया की चपेट में आकर लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालात यह कि सामान्य दिनों में जहां 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे, वहीं अब इनकी संख्या 1500 से 2000 तक पहुंच रही है। जिला अस्पताल के डॉक्टर इसे मौसम का प्रभाव बता रहे हैं।
शनिवार को ‘अमर उजाला’ की टीम जिला अस्पताल की ओपीडी की पड़ताल की। सबसे ज्यादा मरीज वायरल, उल्टी-दस्त और डायरिया के मिले। हाथ में दर्द से परेशान उर्मिला ने बताया कि उसने नौ नंबर कक्ष में बैठने वाले डॉक्टर को दिखाया है, मगर ठीक से देखा भी नहीं और बाहर की दवाएं लिख दी। ओपीडी में डॉ. रामजी सोनी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज और फिजीशियन कक्ष के सामने भारी भीड़ थी। डाक्टरों ने बताया कि अधिकांश रोगी वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और डायरिया के आ रहे हैं। तीखी धूप के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक-एक दिन में दो-दो सौ मरीज देख रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे राम सुभग, दिलसान, रतिभान, जगेसर आदि ने बताया कि यहां डॉक्टर फीस तो नहीं लेते, मगर इतनी दवाएं बाहर से लिख देते हैं कि खरीदने में जेब खाली हो जाती है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टरों के पास बैठे बाहरी व्यक्ति ही पर्ची लिखते हैं। यह कौन लोग हैं, इसे डॉक्टर ही बता सकते हैं।
एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि शासन का निर्देश है कि बाहर की दवा किसी मरीज को न लिखी जाए। यदि डॉक्टर शासन के इन निर्देशों का पालन नहीं करते और किसी को शिकायत है तो वह सीधे उनसे शिकायत करे। कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
तीखी धूप में निकलने से खुद बचें और बच्चों को भी बचाएं, खुले और कटे सामग्री को प्रयोग खाने में न करें, बासी भोजन या मांस-मछली के प्रयोग से बचें, सुबह सूर्य निकलने से पहले घर के खिड़की और दरवाजे बंद रखें, शाम ढलने के बाद उसे खोल दें, जिससे हवा का आवागमन हो सके। यदि किसी को उल्टी-दस्त शुरू हो जाए तो सबसे पहले उसे ओआरएस घोल दें, उपलब्ध न हो तो चीनी पानी का घोल बनाकर एक चुटकी नमक डाल कर उसे लगातार पिलाएं, तेज बुखार की स्थिति में बीमार का शरीर ठंडे पानी से लगातार पोछते रहें और डॉक्टर की सलाह लें।
विज्ञापन
फोटो
900 की जगह 1500 से 2000 पहुंच रही ओपीडी
वायरल, उल्टी-दस्त व डायरिया से पीड़ित ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। आग उगल रहे मौसम से हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हैं। वायरल, उल्टी-दस्त और डायरिया की चपेट में आकर लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालात यह कि सामान्य दिनों में जहां 800 से 900 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे, वहीं अब इनकी संख्या 1500 से 2000 तक पहुंच रही है। जिला अस्पताल के डॉक्टर इसे मौसम का प्रभाव बता रहे हैं।
शनिवार को ‘अमर उजाला’ की टीम जिला अस्पताल की ओपीडी की पड़ताल की। सबसे ज्यादा मरीज वायरल, उल्टी-दस्त और डायरिया के मिले। हाथ में दर्द से परेशान उर्मिला ने बताया कि उसने नौ नंबर कक्ष में बैठने वाले डॉक्टर को दिखाया है, मगर ठीक से देखा भी नहीं और बाहर की दवाएं लिख दी। ओपीडी में डॉ. रामजी सोनी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज और फिजीशियन कक्ष के सामने भारी भीड़ थी। डाक्टरों ने बताया कि अधिकांश रोगी वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और डायरिया के आ रहे हैं। तीखी धूप के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक-एक दिन में दो-दो सौ मरीज देख रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे राम सुभग, दिलसान, रतिभान, जगेसर आदि ने बताया कि यहां डॉक्टर फीस तो नहीं लेते, मगर इतनी दवाएं बाहर से लिख देते हैं कि खरीदने में जेब खाली हो जाती है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टरों के पास बैठे बाहरी व्यक्ति ही पर्ची लिखते हैं। यह कौन लोग हैं, इसे डॉक्टर ही बता सकते हैं।
विज्ञापन
एसआईसी डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि शासन का निर्देश है कि बाहर की दवा किसी मरीज को न लिखी जाए। यदि डॉक्टर शासन के इन निर्देशों का पालन नहीं करते और किसी को शिकायत है तो वह सीधे उनसे शिकायत करे। कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
तीखी धूप में निकलने से खुद बचें और बच्चों को भी बचाएं, खुले और कटे सामग्री को प्रयोग खाने में न करें, बासी भोजन या मांस-मछली के प्रयोग से बचें, सुबह सूर्य निकलने से पहले घर के खिड़की और दरवाजे बंद रखें, शाम ढलने के बाद उसे खोल दें, जिससे हवा का आवागमन हो सके। यदि किसी को उल्टी-दस्त शुरू हो जाए तो सबसे पहले उसे ओआरएस घोल दें, उपलब्ध न हो तो चीनी पानी का घोल बनाकर एक चुटकी नमक डाल कर उसे लगातार पिलाएं, तेज बुखार की स्थिति में बीमार का शरीर ठंडे पानी से लगातार पोछते रहें और डॉक्टर की सलाह लें।