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क्षय रोगियों को घर-घर तलाशेगी टीम
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क्षय रोगियों को घर-घर तलाशेगी टीम
एक्टिव केस फाइडिंग टीम करेगी सर्वे
प्रत्येक टीम एक दिन में करेगी 50 घरों का सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पल्स पोलियो अभियान के तर्ज पर क्षय रोग के उन्मूलन को लेकर अब एसीएफ टीम क्षय रोगियों को घर-घर तलाशेगी। एक टीम कम से कम प्रत्येक दिन पचास घरों पर पहुंचकर उन्हें क्षय रोग के लक्षण बताएगी। इसके अलावा यदि बताए गए लक्षण के अनुसार घर में कोई भी सदस्य पाया जाता है तो उसके बलगम का नमूना लेकर उसे निकटस्थ सेंटर पर जांच कराया जाएगा। जांच में क्षय रोग पाए जाने पर संबंधित का इलाज चलेगा। साथ ही उसे केंद्र सरकार के कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जाएगा।
पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत क्षय रोग पर काबू पाने के लिए उस पर स्वास्थ्य महकमा कमर कस चुका है। 10 से 22 जून तक अभियान चलाकर टीम हर घर पहुंचेगी। यहां टीम घर के सदस्य से टीबी के लक्षण के बारे में पूछताछ करेगी। यदि उन्हें लक्षण नहीं मालूम होगा तो उसकी जानकारी देगी। यदि किसी परिवार में लक्षण से मिलते जुलते मरीज पाए जाएंगे तो उन्हें तत्काल मौके पर ही बलगम कप देकर नमूना लिया जाएगा। नमूने की जांच के आधार पर संबंधितों का इलाज शुरू हो जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि अभियान के क्रम में टीम 10 जून से मैदान में उतरेगी। टीबी को जड़ से समाप्त करने के संकल्पों के साथ अभियान को गति दी जाएगी। हर घर तक टीम जाएगी, जहां टीबी के लक्षण के रोगी मिलेंगे उनकी जांच कराकर उनका बेहतर इलाज किया जाएगा।
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एक्टिव केस फाइडिंग टीम करेगी सर्वे
प्रत्येक टीम एक दिन में करेगी 50 घरों का सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पल्स पोलियो अभियान के तर्ज पर क्षय रोग के उन्मूलन को लेकर अब एसीएफ टीम क्षय रोगियों को घर-घर तलाशेगी। एक टीम कम से कम प्रत्येक दिन पचास घरों पर पहुंचकर उन्हें क्षय रोग के लक्षण बताएगी। इसके अलावा यदि बताए गए लक्षण के अनुसार घर में कोई भी सदस्य पाया जाता है तो उसके बलगम का नमूना लेकर उसे निकटस्थ सेंटर पर जांच कराया जाएगा। जांच में क्षय रोग पाए जाने पर संबंधित का इलाज चलेगा। साथ ही उसे केंद्र सरकार के कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जाएगा।
पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत क्षय रोग पर काबू पाने के लिए उस पर स्वास्थ्य महकमा कमर कस चुका है। 10 से 22 जून तक अभियान चलाकर टीम हर घर पहुंचेगी। यहां टीम घर के सदस्य से टीबी के लक्षण के बारे में पूछताछ करेगी। यदि उन्हें लक्षण नहीं मालूम होगा तो उसकी जानकारी देगी। यदि किसी परिवार में लक्षण से मिलते जुलते मरीज पाए जाएंगे तो उन्हें तत्काल मौके पर ही बलगम कप देकर नमूना लिया जाएगा। नमूने की जांच के आधार पर संबंधितों का इलाज शुरू हो जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि अभियान के क्रम में टीम 10 जून से मैदान में उतरेगी। टीबी को जड़ से समाप्त करने के संकल्पों के साथ अभियान को गति दी जाएगी। हर घर तक टीम जाएगी, जहां टीबी के लक्षण के रोगी मिलेंगे उनकी जांच कराकर उनका बेहतर इलाज किया जाएगा।
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