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गृहस्थी बचाने में झुलसे युवक की अस्पताल से पहले मौत

Wed, 29 May 2019 12:29 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2019 12:29 AM IST
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गृहस्थी बचाने में झुलसे युवक की अस्पताल से पहले मौत
फोटो
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गृहस्थी बचाने में झुलसे युवक की अस्पताल से पहले मौत
बढ़या लाल सिंह गांव में सोमवार शाम आग में जले थे कई घर
सुभावन चौहान की मौत की सूचना पर पहुंचे भानपुर एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। रामनगर ब्लॉक के बढ़यालाल सिंह गांव में सोमवार शाम अज्ञात कारणों से लगी आग से गृहस्थी का सामान बचाने में झुलसे सुभावन चौहान (40) की मौत हो गई। गंभीर स्थिति देखकर जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, जहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
रात में ही परिवार के लोग शव को घर ले आए। सुबह पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज असनहरा योगेश कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया। सुभावन की मौत की सूचना पर एसडीएम राजेश सिंह ने भी पीड़ित के घर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों को शीघ्र ही गृह अनुदान और अहेतुक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने गांव के कोटेदार से पीड़ितों को राशन मुहैया कराने के लिए आपूर्ति निरीक्षक रमेश कुमार वर्मा को भी निर्देशित किया है। गांव पहुंचे ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद कुमार ने सुभावन, पूर्णमासी, हंसू, नंदलाल, मनोज कुमार, रामकरन, राम सहाय, विजय भान के साथ किशोरी की टंकी जलने की रिपोर्ट की थी। अगलगी में पीड़ितों को सहायता की बाबत एसडीएम राजेश सिंह ने बताया कि जिन लोगों के घर जले हैं, उन्हें शीघ्र ही गृह अनुदान के साथ अहेतुक सहायता दिलाई जाएगी। वहीं, सुभावन के परिवार को गृह अनुदान, अहेतुक सहायता और अनुग्रह राशि के साथ ही कृषक दुर्घटना बीमा योजना का भी लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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आज आती बहू, खुशियों की जगह मातम
गृहस्थी बचाने में झुलसे सुभावन की सोमवार देर रात मौत
परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में भी मातम
विमलेश श्रीवास्तव
भानपुर। बढ़यालाल सिंह गांव में सोमवार को लगी आग ने सुभावन चौहान के घर को ही नहीं जलाया बल्कि परिवार की सारी खुशियां भी पल भर में ही राख कर दी। मंगलवार को बेटे का दोंगा (बहू का आगमन) होना था।
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सुभावन चौहान पत्नी सावित्री बोल नहीं सकतीं। घर में चार बेटे शेर बहादुर, अमरजीत, पवन कुमार और संदीप हैं। बेटी उषा और किरण के अलावा बहू पूनम व कुसुम, पोता सुभाष और शिवानी के साथ परिवार के सभी जन खुशी-खुशी तैयारी में थे। आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी फिर भी मेहनत मजदूरी करके परिवार की गाड़ी सुभावान खींच रहे थे। तीसरे बेटे पवन का मंगलवार को (दोंगा) था। विवाह और गौना के बाद बहू का दूसरी बार सुसराल आगमन था। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। कपडे़ और सामान घर में रखे थे। अचानक लगी आग से इन्हीं सामान आदि को बचाते समय सुभावन बुरी तरह आग में झुलस गए। सोमवार शाम आनन-फानन सीएचसी रुधौली में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी स्थिति नाजुक देखकर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया जहां ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सुभावन की मौत ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
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