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रेलवे स्टेशन: यहां तो औधे मुंह है यात्री सुविधाएं
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आदर्श रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बदहाल
पूछताछ काउंटर के बगल में स्थित टिकट वेंडिंग मशीन खराब
डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं कर रहा काम, टूटी हुई है चारदीवारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नाम बड़ा और दर्शन छोटे वाली कहावत को धरातल पर देखना हो तो बस्ती रेलवे स्टेशन काफी है। इस स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा भी प्राप्त है, लेकिन यहां यात्री सुविधाएं औंधे मुंह गिरी हुईं हैं। पेयजल की व्यवस्था है लेकिन साफ-सुथरा माहौल नहीं। प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक है तो अन्य प्लेटफॉर्म उपेक्षित हैं। यही नहीं शीतल पेय जल के लिए लगा वाटर कूलर खराब है।
14 मई 18 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बस्ती रेलवे स्टेशन पर 189.5 लाख की उन्नत यात्री सुविधाओं का शुभारंभ किया था। 367 लाख लागत की स्वचालित सीढ़ी और कंक्रीट रोड भी बनवाया गया है। लेकिन इतना सब करने के बाद भी बस्ती रेलवे स्टेशन की सूरत जस की तस नजर आती है। स्टेशन परिसर में लगभग 20 लाख की लागत से बना डीलक्स शौचालय बदहाल हो रहा है। यहां से गंदेपानी की निकासी हो नहीं हो पा रही है, न ही ठीक से साफ-सफाई। प्लेटफॉर्मों पर मौजूद शौचालयों की स्थित इतनी बदतर हैं कि इनका प्रयोग करने से लोग परहेज करते हैं। यही नहीं जीआरपी थाने के बगल बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। प्लेटफॉर्मों पर कई जगह यात्री छाजन तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को धूप में खड़ा होकर ट्रेनों का इंतजार करना मजबूरी है। लोगों को आसनी से टिकट मिल सके, इसके लिए पूछताछ काउंटर के बगल स्थित टिकट वेंडिंग मशीन खराब पड़ी है। दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बने शौचालय में पानी तक की व्यवस्था नहीं है, इसमें लगा कमोड सिस्टम टूटा हुआ है। ट्रेनों की स्थिति की जानकारी देने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी काम नहीं कर रहा है। वाहन स्टैंड के बगल की दीवार टूटी हुई हैं। इस कारण कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर आसानी से आ जा सकता है। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है।
हाथी का दांत साबित हो रहा मेटल डिटेक्टर
यात्री सुरक्षा का दावा भले ही महकमे की ओर से किया जाता हो, लेकिन हकीकत इससे उलट है, यहां न तो आने जाने वाले यात्रियों के सामान की चेकिंग होती है और न ही संदिग्धों से पूछताछ। इतना ही नहीं प्लेटफॉर्म पर लगा मेटल डिटेक्टर यहां हाथी का दांत साबित हो रहा है, कारण कि यह चलता ही नहीं। ऐसे में अनहोनी पर सिर्फ लकीर पीटने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा।
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खामियों को दूर किया जाएगा : स्टेशन अधीक्षक
बस्ती रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विश्वंभर चौधरी का कहना है कि जहां तक प्लेटफॉर्म और परिसर की साफ-सफाई की बात है तो अपने स्तर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाती। शुद्ध पेयजल के लिए व्यापक इंतजाम हैं। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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आदर्श रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बदहाल
पूछताछ काउंटर के बगल में स्थित टिकट वेंडिंग मशीन खराब
डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं कर रहा काम, टूटी हुई है चारदीवारी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नाम बड़ा और दर्शन छोटे वाली कहावत को धरातल पर देखना हो तो बस्ती रेलवे स्टेशन काफी है। इस स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा भी प्राप्त है, लेकिन यहां यात्री सुविधाएं औंधे मुंह गिरी हुईं हैं। पेयजल की व्यवस्था है लेकिन साफ-सुथरा माहौल नहीं। प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक है तो अन्य प्लेटफॉर्म उपेक्षित हैं। यही नहीं शीतल पेय जल के लिए लगा वाटर कूलर खराब है।
14 मई 18 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बस्ती रेलवे स्टेशन पर 189.5 लाख की उन्नत यात्री सुविधाओं का शुभारंभ किया था। 367 लाख लागत की स्वचालित सीढ़ी और कंक्रीट रोड भी बनवाया गया है। लेकिन इतना सब करने के बाद भी बस्ती रेलवे स्टेशन की सूरत जस की तस नजर आती है। स्टेशन परिसर में लगभग 20 लाख की लागत से बना डीलक्स शौचालय बदहाल हो रहा है। यहां से गंदेपानी की निकासी हो नहीं हो पा रही है, न ही ठीक से साफ-सफाई। प्लेटफॉर्मों पर मौजूद शौचालयों की स्थित इतनी बदतर हैं कि इनका प्रयोग करने से लोग परहेज करते हैं। यही नहीं जीआरपी थाने के बगल बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। प्लेटफॉर्मों पर कई जगह यात्री छाजन तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को धूप में खड़ा होकर ट्रेनों का इंतजार करना मजबूरी है। लोगों को आसनी से टिकट मिल सके, इसके लिए पूछताछ काउंटर के बगल स्थित टिकट वेंडिंग मशीन खराब पड़ी है। दिव्यांगों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बने शौचालय में पानी तक की व्यवस्था नहीं है, इसमें लगा कमोड सिस्टम टूटा हुआ है। ट्रेनों की स्थिति की जानकारी देने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी काम नहीं कर रहा है। वाहन स्टैंड के बगल की दीवार टूटी हुई हैं। इस कारण कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर आसानी से आ जा सकता है। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है।
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हाथी का दांत साबित हो रहा मेटल डिटेक्टर
यात्री सुरक्षा का दावा भले ही महकमे की ओर से किया जाता हो, लेकिन हकीकत इससे उलट है, यहां न तो आने जाने वाले यात्रियों के सामान की चेकिंग होती है और न ही संदिग्धों से पूछताछ। इतना ही नहीं प्लेटफॉर्म पर लगा मेटल डिटेक्टर यहां हाथी का दांत साबित हो रहा है, कारण कि यह चलता ही नहीं। ऐसे में अनहोनी पर सिर्फ लकीर पीटने के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा।
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खामियों को दूर किया जाएगा : स्टेशन अधीक्षक
बस्ती रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विश्वंभर चौधरी का कहना है कि जहां तक प्लेटफॉर्म और परिसर की साफ-सफाई की बात है तो अपने स्तर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाती। शुद्ध पेयजल के लिए व्यापक इंतजाम हैं। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।