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जिले में डेंगू के अब तक 15 मरीज, सभी स्वस्थ

Thu, 23 Sep 2021 11:59 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:59 PM IST
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15 patient found in basti district
जिले में डेंगू के अब तक 15 मरीज मिले
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- बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकते हैं डेंगू के लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में अब तक 15 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इन सभी का इलाज कर घर भेज दिया गया है। डेंगू के इलाज को लेकर स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सक्रिय है। जिला चिकित्सालय व ओपेक चिकित्सालय सहित सभी सीएचसी व पीएचसी पर डेंगू का इलाज संभव है। इसके लिए अलग से व्यवस्था बनाई गई है।
जिला मलेरिया अधिकारी आइए खान ने कहा कि डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है। यह एडीज मच्छर के काटने से होता है। डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकते आदि निकल आते हैं। डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं।
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एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने बताया कि डेंगू का वायरस 10 दिनों से अधिक समय तक जीवित नहीं रहता है। संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है तो रक्तस्राव और ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट आ जाती है, यहां तक पीड़ित की मौत भी हो सकती है। बताया कि डेंगू का कोई खास उपचार उपलब्ध नहीं है। लक्षणों को पहचानकर ही इस पर काबू पा सकते हैं। एडीज मच्छर या डेंगू प्रभवित मरीजों वाले क्षेत्र में रहने वालों, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता व प्लेटलेट्स कम होने पर डेंगू होने का खतरा बढ़ जाता है। ये मच्छर दिन में ही काटते हैं।
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डेंगू के लक्षण भी अलग-अलग नजर आते हैं। खासतौर से बच्चों और किशोरों में माइल्ड डेंगू होने पर कई बार कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। संक्रमित होने के बाद डेंगू के हल्के लक्षण चार से सात दिनों के अंदर नजर आने लगते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, आंखों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, ग्लैंड्स में सूजन आदि इसके लक्षण हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में रक्तस्राव होने लग जाता है। इसमें, रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से रक्तस्राव, मूत्र, मल या उल्टी में खून आना, त्वचा के नीचे रक्तस्राव होना, जो चोट जैसा नजर आ सकता है, सांस लेने में कठिनाई, थकान महसूस करना, चिड़चिड़ापन या बेचैनी आदि लक्षण दिखाई पड़ने लगते हैं।

एसीएमओ ने कहा कि डेंगू के 15 मरीज अब तक जिले में मिले हैं। सभी का इलाज करा कर उन्हें घर भेजा जा चुका है।
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ऐसे करें डेंगू से बचाव
डॉ. पीके श्रीवास्तव ने कहा कि डेंगू एक संचारी रोग है जो मच्छरों से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इसके लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। बचाव का सिर्फ एक तरीका है खुद को मच्छरों से बचाकर रखना। आप मॉस्किटो रेपलेंट्स, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम होने से पहले बंद कर दें। शरीर को पूरी तरह कवर करने वाले कपड़े पहनें। आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। कूलर का पानी बदलते रहें। गमलों, टूटे-फूटे बर्तनों, पुराने टायरों, जानवरों के भोजन के पात्र, प्लास्टिक के डिब्बों आदि में पानी न इकट्ठा होने दें। पानी को ढक कर रखें।
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