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लड़कियों पर नहीं समाज की सोच पर लगाएं बंदिशें
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बेटियों नहीं, समाज की सोच पर बंदिश की जरूरत
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज अगौना में अपराजिता अभियान के तहत हुई पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नारी अबला नहीं, सबला है। वह हर क्षेत्र में अपने दम पर सफलता हासिल कर रही है। उसमें आगे बढ़ने की लालसा है और लक्ष्य हासिल करने के लिए वह भरपूर प्रयास कर रही है। जरूरत है उन्हें उड़ने की आजादी देने की। ये विचार सीओ कलवारी अनिल कुमार सिंह ने शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज अगौना में आयोजित पुलिस की पाठशाला में व्यक्त किए। कहा कि बेटियों पर नहीं, बल्कि समाज की सोच पर बंदिश लगाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनिल कुमार सिंह ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानून की जानकारी दी। कहा कि बदलाव घर से शुरू होता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बेटे और बेटी में भेदभाव न करें। विशिष्ट अतिथि एसओ कलवारी जयप्रकाश दुबे ने यूपी 100, 1090, पावर एंजिल आदि सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्राओं को अपना सीयूजी और निजी मोबाइल नंबर भी दिया। कहा कि पुलिस 24 घंटे आपकी सुरक्षा को तत्पर है। मुसीबत के समय पर सूचना देने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्र में 15 मिनट और शहर में 5 मिनट में पुलिस आप के पास होगी। विद्यालय के प्रबंधक केपी मिश्र ने कहा यदि कोई शोहदा आपको परेशान करता है तो माता-पिता को इसकी तत्काल जानकारी दें। अंत में मुख्य अतिथि ने 236 छात्राओं को शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानाचार्य नंदिनी पांडेय, शिक्षक अनिता गुप्ता, राधिका चौरसिया, कृष्णा श्रीवास्तव, अख्तर जहां, सुतीक्ष्ण कुमार, हरिश्चंद्र यादव, सुशीला पांडेय, राजेश्वरी देवी, प्रतिमा, रामनयन यादव आदि की मौजूदगी रही।
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कम हुआ है भेदभाव
- प्रधानाध्यापक प्रमिला सिंह ने कहा कि समाज में बदलाव आया है। बेटे-बेटी में भेदभाव कम हुआ है। लड़कियों को भी उच्च शिक्षा दिलाई जा रही है।
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बहुत कुछ सीखने को मिला
- छात्रा अनामिका पांडेय ने कहा कि पुलिस की पाठशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। महिला सुरक्षा से जुड़े कानून की जानकारी के साथ ही हेल्पलाइन के बारे में बताया गया।
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बेटियों को खुद आगे आना होगा
- कलवारी थाने में तैनात आरक्षी विजय लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अराजकतत्वों के खिलाफ बेटियों को आगे आना होगा। शिकायत पर ही पुलिस उनकी मदद कर पाएगी।
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होने चाहिए ऐसे कार्यक्रम
- छात्रा उमना खातून ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम में उपयोगी जानकारी मिली। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज अगौना में अपराजिता अभियान के तहत हुई पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नारी अबला नहीं, सबला है। वह हर क्षेत्र में अपने दम पर सफलता हासिल कर रही है। उसमें आगे बढ़ने की लालसा है और लक्ष्य हासिल करने के लिए वह भरपूर प्रयास कर रही है। जरूरत है उन्हें उड़ने की आजादी देने की। ये विचार सीओ कलवारी अनिल कुमार सिंह ने शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आचार्य रामचंद्र शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज अगौना में आयोजित पुलिस की पाठशाला में व्यक्त किए। कहा कि बेटियों पर नहीं, बल्कि समाज की सोच पर बंदिश लगाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनिल कुमार सिंह ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानून की जानकारी दी। कहा कि बदलाव घर से शुरू होता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बेटे और बेटी में भेदभाव न करें। विशिष्ट अतिथि एसओ कलवारी जयप्रकाश दुबे ने यूपी 100, 1090, पावर एंजिल आदि सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने छात्राओं को अपना सीयूजी और निजी मोबाइल नंबर भी दिया। कहा कि पुलिस 24 घंटे आपकी सुरक्षा को तत्पर है। मुसीबत के समय पर सूचना देने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्र में 15 मिनट और शहर में 5 मिनट में पुलिस आप के पास होगी। विद्यालय के प्रबंधक केपी मिश्र ने कहा यदि कोई शोहदा आपको परेशान करता है तो माता-पिता को इसकी तत्काल जानकारी दें। अंत में मुख्य अतिथि ने 236 छात्राओं को शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानाचार्य नंदिनी पांडेय, शिक्षक अनिता गुप्ता, राधिका चौरसिया, कृष्णा श्रीवास्तव, अख्तर जहां, सुतीक्ष्ण कुमार, हरिश्चंद्र यादव, सुशीला पांडेय, राजेश्वरी देवी, प्रतिमा, रामनयन यादव आदि की मौजूदगी रही।
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कम हुआ है भेदभाव
- प्रधानाध्यापक प्रमिला सिंह ने कहा कि समाज में बदलाव आया है। बेटे-बेटी में भेदभाव कम हुआ है। लड़कियों को भी उच्च शिक्षा दिलाई जा रही है।
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बहुत कुछ सीखने को मिला
- छात्रा अनामिका पांडेय ने कहा कि पुलिस की पाठशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। महिला सुरक्षा से जुड़े कानून की जानकारी के साथ ही हेल्पलाइन के बारे में बताया गया।
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बेटियों को खुद आगे आना होगा
- कलवारी थाने में तैनात आरक्षी विजय लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अराजकतत्वों के खिलाफ बेटियों को आगे आना होगा। शिकायत पर ही पुलिस उनकी मदद कर पाएगी।
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होने चाहिए ऐसे कार्यक्रम
- छात्रा उमना खातून ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम में उपयोगी जानकारी मिली। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए।