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कार्य के लिए सक्रियता बढ़ाता है पुरस्कार: डॉ. मंजुल

Sat, 01 Sep 2018 12:47 AM IST
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:47 AM IST
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कार्य के लिए सक्रियता बढ़ाता है पुरस्कार: डॉ. मंजुल
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कार्य के लिए सक्रियता बढ़ाता है पुरस्कार : डॉ. मंजुल
साहित्य का मर्म व धर्म के लिए सम्मानित हो चुके हैं
डॉ. हरिवंशराय बच्चन को आदर्श मानते हैं डॉ. मंजुल
डॉ. शम्भूनाथ सिंह के सानिध्य में नवगीत की प्रेरणा
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। प्रसिद्ध साहित्यकार व कवि डॉ. रामनरेश सिंह मंजुल को उनके साहित्यिक क्षेत्र में योगदान के लिए प्रतिष्ठित साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चुना गया है। वर्ष 1997 में राज्य का सर्वोच्च शिक्षक सम्मान प्राप्त डॉ. मंजुल को कई साहित्यिक पुरस्कार मिले हैं।

जनपद के गौर ब्लॉक के सिद्धौर गांव के मूल निवासी डॉ. रामनरेश सिंह की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में हुई। जिला मुख्यालय स्थित सक्सेरिया इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद गोरखपुर के सेंट एंड्यूज डिग्री कॉलेज से स्नातक किया। वर्ष 1961 में गोरखपुर विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एमए उतीर्ण करने के बाद सहजनवां के कोलाराम मस्करा इंटर कॉलेज में प्रवक्ता बने। अध्यापन कार्य करते हुए ही हिन्दी से परास्नातक की शिक्षा पूरी की। यहां छह वर्ष अध्यापन के बाद वह गौर के कृषक इंटर कॉलेज में वर्ष 1967 में बतौर प्रवक्ता शिक्षण कार्य करने लगे। वर्ष 1973 से 30 जून 2003 तक हर्रैया कस्बे के नेशनल इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करते हुए साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहे। कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन को अपना काव्यादर्श मानने वाले डॉ. मंजुल को वर्ष 2006 में ललित निबंध व शोध निबन्धों की संग्रह की पुस्तक ‘साहित्य का मर्म व धर्म’ के लिए कई साहित्यिक मंचों पर सम्मानित किया गया था। गीतों के संग्रह (आदमी कितना अकेला) 2014 के लिए साहित्य के क्षेत्र का प्रतिष्ठित (बलबीर सिंह रंग साहित्य ) पुरस्कार मिल चुका है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के दौरान ही आधुनिक गीत सम्राट डॉ. शम्भूनाथ सिंह के सानिध्य में ही नवगीत लिखने की प्रेरणा मिली। डॉ. राम नरेश सिंह मंजुल को जब अमर उजाला से साहित्य भूषण पुरस्कार के लिए चुने जाने की खबर मिली तो सहसा उन्हें यकीन नहीं हुआ। आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें साहित्यिक गतिविधियों में और अधिक सक्रियता से कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। 78 की उम्र में भी काव्य मंचों पर सक्रिय मंजुल जी आकाशवाणी के अलावा नवनीत, नव निकास, सरस्वती सुमन, सहित कई पत्रिकाओं में लेख व रचनाओं के लिए जाने जाते हैं। ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह, विनय सिंह, शौर्येन्द्र सिंह, आशीष प्रताप सिंह, करुणेश प्रताप सिंह, राजेश प्रकाश श्रीवास्तव, फैयाज अहमद, कैलास यादव, लालबहादुर सिंह, शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य बधाई दी है।
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