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खतरे से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:24 PM IST
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विक्रमजोत क्षेत्र के बंधे का बचाने के लिए बोल्डर डालते मजदूर।
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घाघरा का प्रकोप खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सरयू, शारदा व गिरजा के तीनों बैराजों से शनिवार 2लाख 44 हजार 910 क्यूसेक घन फुट पानी छोड़े जाने की सूचना है। जिसके कारण लगातार जलस्तर में बढ़ रहा है। घाघरा में कटान भी जारी है।
घाघरा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 11सेमी. ऊपर है। शनिवार शाम पांच बजे 92:820 मीटर से बढकर जलस्तर 92:840 पर पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक ऐसा तीनों बैराजों पानी छोड़े जाने के कारण हुआ है। ऐसे में लोलपुर-विक्रमजोत बांध के रैम्पो व स्परों पर धारा का दबाव बना हुआ है। लगातार बचाव राहत कार्यों से ठोकर नंबर एक व दो से सटी नदी की धारा गौरियानैन के पास से हटकर बहने लगी है। जिससे यहां कटान का खतरा टल गया है। मगर लोलपुर-विक्रमजोत बांध के किनारे बसे गांवों कल्याणपुर, भरथापुर, बाघानाला, मुंडेरीपुर, भदोई, पुरवा, रानीपुर, कठवनिया में अभी भी कटान जारी है। हालांकि बाढ़ कार्य खंड विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ चौकी पर रात्रि निवास करके निगरानी कर रहे हैं।
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घाघरा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 11सेमी. ऊपर है। शनिवार शाम पांच बजे 92:820 मीटर से बढकर जलस्तर 92:840 पर पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक ऐसा तीनों बैराजों पानी छोड़े जाने के कारण हुआ है। ऐसे में लोलपुर-विक्रमजोत बांध के रैम्पो व स्परों पर धारा का दबाव बना हुआ है। लगातार बचाव राहत कार्यों से ठोकर नंबर एक व दो से सटी नदी की धारा गौरियानैन के पास से हटकर बहने लगी है। जिससे यहां कटान का खतरा टल गया है। मगर लोलपुर-विक्रमजोत बांध के किनारे बसे गांवों कल्याणपुर, भरथापुर, बाघानाला, मुंडेरीपुर, भदोई, पुरवा, रानीपुर, कठवनिया में अभी भी कटान जारी है। हालांकि बाढ़ कार्य खंड विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ चौकी पर रात्रि निवास करके निगरानी कर रहे हैं।
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