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102 सेवा ठप, मरीज हो रहे परेशान
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एंबुलेंस नहीं मिलने बाइक से मासूम को अस्पताल ले जाते परिजन।
- फोटो : BASTI
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102 सेवा ठप, मरीज हो रहे परेशान
बस्ती। जीवनदायिनी एंबुलेंस संगठन के बैनर तले व एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र शेखर पांडेय व जिला महामंत्री आरबी साहू के नेतृत्व में कर्मियों ने मांगों के समर्थन में सोमवार को भी आंदोलन जारी रहा। आंदोलित कर्मी केवल 108 सेवा को संचालित कर रहे हैं। जबकि 102 सेवा का पहिया आठ दिनों से ठहरा हुआ है।
आंदोलित कर्मी इस बात से नाराज हैं कि अधिकार मांगने पर उन पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। निकालने की धमकी दी जा रही है। संघ के जिला महामंत्री आरबी साहू ने बताया कि प्रदेश में जीवनदायिनी एंबुलेंस संघ के समस्याओं का जब तक निराकरण नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा, मगर आम लोगों की जान कीमती है। ऐसे में 108 का संचालन किया जा रहा है। 108 के चालक गाड़ी लेकर मौके पर जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि सरकार से संगठन की मांग है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित किया जाए, कंपनी बदलने के बाद कर्मियों को न बदला जाए, अनुभवी कर्मियों को ही रखा जाए। कोरोना योद्धा कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए, शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये का बीमा सरकार जारी करने के अलावा अन्य जायज मांगों को पूरा करे। जिला सचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों से सरकार व शासन को कोई सहानुभूति नहीं है। आपदा काल में जब सब दहशत में थे तो एंबुलेंस के ये कर्मी जान की परवाह किए बिना दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। ऐसे में सरकार को अब उनके संबंध में गंभीर निर्णय लेना चाहिए। जिला संगठन मंत्री राममणि ओझा ने कहा कि एंबुलेंस कर्मी हक को पाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
निजी साधन से अस्पताल पहुंच रहे मरीज
सल्टौआ। एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को अस्पताल आने-जाने में असुविधा हो ही है। अचानक तबीयत खराब होने पर पत्नी का अस्पताल पर उपचार कराने आए राजू ने बताया कि प्राइवेट गाड़ी के सहारे अस्पताल आना पड़ा। शिवदयाल ने बताया बच्चे की तबीयत खराब होने पर अस्पताल आने के लिए समस्या झेलनी पड़ी। जगराम का कहना है एंबुलेंस चलने से काफी सहूलियत थी।
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डॉक्टर के समझाने पर काम पर लौटे
भानपुर। सीएचसी के तहत संचालित एंबुलेंस चालकों ने सोमवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार चौधरी के समझाने के बाद काम पर लौट आए हैं। अधीक्षक ने बताया कि एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर जाने से प्रभावित हो रही व्यवस्था को देखते हुए सीएचसी पर रामनगर ब्लॉक से पांच अस्थायी सफाई कर्मियों को चालक के तौर पर भेजा गया था। संवाद
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बस्ती। जीवनदायिनी एंबुलेंस संगठन के बैनर तले व एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष चंद्र शेखर पांडेय व जिला महामंत्री आरबी साहू के नेतृत्व में कर्मियों ने मांगों के समर्थन में सोमवार को भी आंदोलन जारी रहा। आंदोलित कर्मी केवल 108 सेवा को संचालित कर रहे हैं। जबकि 102 सेवा का पहिया आठ दिनों से ठहरा हुआ है।
आंदोलित कर्मी इस बात से नाराज हैं कि अधिकार मांगने पर उन पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। निकालने की धमकी दी जा रही है। संघ के जिला महामंत्री आरबी साहू ने बताया कि प्रदेश में जीवनदायिनी एंबुलेंस संघ के समस्याओं का जब तक निराकरण नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा, मगर आम लोगों की जान कीमती है। ऐसे में 108 का संचालन किया जा रहा है। 108 के चालक गाड़ी लेकर मौके पर जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि सरकार से संगठन की मांग है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित किया जाए, कंपनी बदलने के बाद कर्मियों को न बदला जाए, अनुभवी कर्मियों को ही रखा जाए। कोरोना योद्धा कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त किया जाए, शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये का बीमा सरकार जारी करने के अलावा अन्य जायज मांगों को पूरा करे। जिला सचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि एंबुलेंस कर्मियों से सरकार व शासन को कोई सहानुभूति नहीं है। आपदा काल में जब सब दहशत में थे तो एंबुलेंस के ये कर्मी जान की परवाह किए बिना दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। ऐसे में सरकार को अब उनके संबंध में गंभीर निर्णय लेना चाहिए। जिला संगठन मंत्री राममणि ओझा ने कहा कि एंबुलेंस कर्मी हक को पाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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निजी साधन से अस्पताल पहुंच रहे मरीज
सल्टौआ। एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को अस्पताल आने-जाने में असुविधा हो ही है। अचानक तबीयत खराब होने पर पत्नी का अस्पताल पर उपचार कराने आए राजू ने बताया कि प्राइवेट गाड़ी के सहारे अस्पताल आना पड़ा। शिवदयाल ने बताया बच्चे की तबीयत खराब होने पर अस्पताल आने के लिए समस्या झेलनी पड़ी। जगराम का कहना है एंबुलेंस चलने से काफी सहूलियत थी।
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डॉक्टर के समझाने पर काम पर लौटे
भानपुर। सीएचसी के तहत संचालित एंबुलेंस चालकों ने सोमवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार चौधरी के समझाने के बाद काम पर लौट आए हैं। अधीक्षक ने बताया कि एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर जाने से प्रभावित हो रही व्यवस्था को देखते हुए सीएचसी पर रामनगर ब्लॉक से पांच अस्थायी सफाई कर्मियों को चालक के तौर पर भेजा गया था। संवाद