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घटाई जाएगी ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 29 May 2016 02:15 AM IST
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केंद्र सरकार ने 2010 में ब्लाकों का सर्वे कर ड्राप आउट बच्चों की संख्या घटाने की योजना शुरू की थी। तब से लगातार प्रदेश सरकार ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या कम करने पर काम कर रही है। यह संख्या घट भी रही है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव ने पत्रकारों से वार्ता में माध्यमिक शिक्षा की स्थिति पर चर्चा की। पीलीभीत से लखनऊ जाते हुए वह कुछ समय के लिए बरेली सर्किट हाउस में रुके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार माध्यमिक शिक्षा में काफी बदलाव कर रही है। सीबीएसई की तर्ज पर अप्रैल में शैक्षिक सत्र शुरू होने लगा है। अप्रैल में दाखिले को लेकर भले ही अभी लोगों में जागरूकता नहीं है धीरे-धीर सुधार होगा। मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को फंड देना था, लेकिन नीति आयोग ने हाथ खींच लिए। इसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेशभर के 18 मॉडल विद्यालयों के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये दिए। ये सीबीएसई बोर्ड से चल रहे और आवासीय विद्यालय हैं। बाद में इन्हें पीपीपी मॉडल पर भी चलाने की योजना है। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर मंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग लगातार विज्ञापन निकाल रहा है। शिक्षकों की कमी भी जल्द पूरी हो जाएगी। शिक्षा के मुद्दों पर मंत्री ज्यादा नहीं बोल पाए, लेकिन जैसे ही राजनैतिक मामलों की बात चली तो उनकी आवाज तेज हो गई और जोश में आ गए। बोले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जो घोषणाएं की थीं, सबका क्रियान्वयन हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, किसान की स्थिति में भी सुधर हो रही है। आने वाले विधानसभा के चुनाव में वह सपा, भाजपा या बसपा में से किसमें नजदीकी मुकाबला मान रहे हैं, इस सवाल का जवाब देते से बचते रहे। बार-बार उन्होंने यही कहा कि सपा को पिछले चुनाव की अपेक्षा कहीं ज्यादा सीट मिलने वाली हैं। इसके अलावा हम कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दूरदृष्टि के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए सपा हमेशा आगे रहेगी।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार माध्यमिक शिक्षा में काफी बदलाव कर रही है। सीबीएसई की तर्ज पर अप्रैल में शैक्षिक सत्र शुरू होने लगा है। अप्रैल में दाखिले को लेकर भले ही अभी लोगों में जागरूकता नहीं है धीरे-धीर सुधार होगा। मॉडल स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को फंड देना था, लेकिन नीति आयोग ने हाथ खींच लिए। इसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेशभर के 18 मॉडल विद्यालयों के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये दिए। ये सीबीएसई बोर्ड से चल रहे और आवासीय विद्यालय हैं। बाद में इन्हें पीपीपी मॉडल पर भी चलाने की योजना है। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर मंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग लगातार विज्ञापन निकाल रहा है। शिक्षकों की कमी भी जल्द पूरी हो जाएगी। शिक्षा के मुद्दों पर मंत्री ज्यादा नहीं बोल पाए, लेकिन जैसे ही राजनैतिक मामलों की बात चली तो उनकी आवाज तेज हो गई और जोश में आ गए। बोले, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जो घोषणाएं की थीं, सबका क्रियान्वयन हो रहा है। सड़कें बन रही हैं, किसान की स्थिति में भी सुधर हो रही है। आने वाले विधानसभा के चुनाव में वह सपा, भाजपा या बसपा में से किसमें नजदीकी मुकाबला मान रहे हैं, इस सवाल का जवाब देते से बचते रहे। बार-बार उन्होंने यही कहा कि सपा को पिछले चुनाव की अपेक्षा कहीं ज्यादा सीट मिलने वाली हैं। इसके अलावा हम कुछ नहीं जानते। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दूरदृष्टि के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए सपा हमेशा आगे रहेगी।
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