फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   wild life

ठिरिया सैदपुर में मिला हिरन का शव, शिकारियों की गोली से मरने की आशंका

Sun, 11 Aug 2019 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 02:23 AM IST
विज्ञापन
wild life
नवाबगंज। ठिरिया सैदपुर में शनिवार को गन्ने के खेत में हिरन का शव मिलने से ग्रामीणों में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी, लेकिन देर शाम तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसको लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों के मुताबिक हिरन की मौत शिकारियों की गोली से हुई है। फिलहाल ग्रामीणों ने हिरन का शव खेत से उठाकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया है। उन्होंने वन विभाग की लापरवाही की शिकायत उच्च अधिकारियों के साथ ही सीएम पोर्टल पर करने की बात कही है।
विज्ञापन

नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव ठिरिया सैदपुर में शनिवार दोपहर करीब दो बजे खेत पर चारा लेने गए ग्रामीणों ने गांव के वीरपाल राठौर के गन्ने के खेत में एक हिरन का शव पड़ा देखा। शव के पास काफी खून पड़ा था। हिरन का शव मिलने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों का भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन देर शाम तक कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों के मुताबिक शिकार करने के उद्देश्य से हिरन के पेट में गोली मारी गई है, लेकिन किसी तरह हिरन शिकारियों से बचकर गन्ने के खेत में घुस गया। अंधेरा होने की वजह से उनके हाथ नहीं लग सका होगा, लेकिन घायल होने के कारण उसकी मौत हो गई होगी। वहीं कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने आवारा कुत्तों को एक हिरन को दौड़ाते देखा था। उन्होंने उसे बचाने का प्रयास भी किया था, लेकिन वह गन्ने के खेत में घुस गया था। हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि यदि कुत्तों ने हिरन नोचा होता तो उसके शरीर पर कई निशान होते, लेकिन हिरन के शरीर पर केवल एक ही घाव है, जो गोली का बताया जा रहा है।
विज्ञापन


शिकारियों का निवाला बन रहे हिरन, वन विभाग मौन
शिकारी लगातार इलाके में हिरनों का शिकार करके उन्हें निवाला बना रहे हैं, लेकिन वन विभाग पूरी तरह मौन साधे बैठा है। करीब छह महीने पहले जिगीनिया भगवंतपुर में भी एक हिरन का शव मिला था, उसके शरीर पर भी गोली के निशान मिले थे। वहीं घायल होने के बावजूद शिकारियों के चंगुल से भाग निकले हिरनों को आवारा कुत्ते नोचकर मार डालते हैं। ऐसे मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जंगल में फंदा डालकर करते हैं शिकार
शिकारी जंगल में तार का फंदा बनाकर डाल देते हैं, जिसमें हिरन फंसकर घायल हो जाते हैं। इसके बाद उन पर शिकारी कुत्ते छोड़ दिए जाते हैं, जो हिरन को दबोच लेते हैं। कई बार घायल हिरन शिकारियों के चंगुल से भाग निकलते हैं तो वह आवारा कुत्तों का निवाला बन जाते हैं क्योंकि घायल होने के कारण वह तेज नहीं भाग पाते हैं।


वन विभाग के कार्यालय में ठिरिया गांव के प्रधान ने हिरन के शव मिलने की सूचना दी है। मेरी दो दिन के लिए ड्यूटी बहेड़ी में लगी है। मेरे पास कार्यालय से फोन आया था। मौके पर कौन गया है। यह मेरी जानकारी में नहीं है। यदि कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं गया है तो रविवार को विभाग से कोई न कोई अधिकारी या कर्मचारी जांच को पहुंचेगा। - रामसरन, वन दरोगा नवाबगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed