{"_id":"617da670f34a0b4654526a84","slug":"wife-said-had-faith-in-the-law-got-justice-bareilly-news-bly4646794194","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी बोली- कानून पर था भरोसा मिल गया न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी बोली- कानून पर था भरोसा मिल गया न्याय
प्रतीकात्मक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छोटे बेटे ने कहा- मैं और भाई घर पर होते तो जान बचानी होती मुश्किल
नवाबगंज। पति, बेटे और बेटी की मौत के मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा होने पर छोटे लाल की पत्नी रामा देवी का कहना है कि कोर्ट ने उनके भरोसे को बढ़ाया है। उनका कहना है कि सजा का फैसला आने पर पूरी घटना उन्हें याद आ गई है। इससे पुराने जख्म तो ताजा हो गए हैं लेकिन संतोष यह है कि आरोपियों को उनके किए की सजा मिल गई है।
छोटे लाल के बेटा महेश ने बताया कि घटना वाले दिन उनका भाई वीरेंद्र बरखन से सब्जी लेकर घर लौट रहा था। उसकी बाइक से मुकेश को टक्कर लग गई। इस पर दोनों में झगड़ा होने लगा। इसी बीच मुकेश के परिवार के अन्य लोग आ गए। आरोपियों पर खून सवार था। वे लोग जान लेने पर आमादा थे। उन्होंने सबसे पहले वीरेंद्र की हत्या की। फिर उनकी बहन नीरज, कमलेश और पिता छोटे लाल को निशाना बनाया। घटना के समय वह और उनके बड़े भाई आनंद खेत पर थे। घटना की सूचना मिली तो वे लोग मौके पर पहुंचे तब तक आरोपी भाग चुके थे। महेश ने बताया कि आरोपी इतने आक्रोश में थे कि अगर वह और उनके भाई आनंद सामने होते तो उन लोगों की भी हत्या कर देते।
नवाबगंज। पति, बेटे और बेटी की मौत के मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा होने पर छोटे लाल की पत्नी रामा देवी का कहना है कि कोर्ट ने उनके भरोसे को बढ़ाया है। उनका कहना है कि सजा का फैसला आने पर पूरी घटना उन्हें याद आ गई है। इससे पुराने जख्म तो ताजा हो गए हैं लेकिन संतोष यह है कि आरोपियों को उनके किए की सजा मिल गई है।
छोटे लाल के बेटा महेश ने बताया कि घटना वाले दिन उनका भाई वीरेंद्र बरखन से सब्जी लेकर घर लौट रहा था। उसकी बाइक से मुकेश को टक्कर लग गई। इस पर दोनों में झगड़ा होने लगा। इसी बीच मुकेश के परिवार के अन्य लोग आ गए। आरोपियों पर खून सवार था। वे लोग जान लेने पर आमादा थे। उन्होंने सबसे पहले वीरेंद्र की हत्या की। फिर उनकी बहन नीरज, कमलेश और पिता छोटे लाल को निशाना बनाया। घटना के समय वह और उनके बड़े भाई आनंद खेत पर थे। घटना की सूचना मिली तो वे लोग मौके पर पहुंचे तब तक आरोपी भाग चुके थे। महेश ने बताया कि आरोपी इतने आक्रोश में थे कि अगर वह और उनके भाई आनंद सामने होते तो उन लोगों की भी हत्या कर देते।