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Bareilly News: नाथ कॉरिडोर के दो मार्गों का चौड़ीकरण अटका
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बरेली। नाथ काॅरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित किए गए वनखंडीनाथ और तपेश्वरनाथ मार्ग का चौड़ीकरण बजट और एनओसी के फेर में अटका हुआ है। धरातल पर काम शुरू न हो पाने की वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है।
नाथ कॉरिडोर परियोजना में 19 नवंबर 2023 को लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता ने 11 मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित किया था। नौ जगह काम शुरू हो गया। योजना के तहत वनखंडीनाथ मंदिर से एक्जीक्यूटिव क्लब होते हुए पहाड़गंज, अब्दुल्लापुर माफी होते हुए बड़ा बाइपास तक 3.5 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण भी होना था। सड़क चौड़ीकरण के लिए 37.62 करोड़ और जमीन अधिग्रहण पर 30.83 करोड़ रुपये खर्च होने थे। बजट ज्यादा होने की वजह से शासन ने वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की।
वहीं, तपेश्वरनाथ मंदिर के लिए सुभाषनगर की रेलवे काॅलोनी से होते हुए मार्ग गुजरता है। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण शुरू करना चाहा तो रेलवे ने रोक दिया। रेलवे के स्थानीय अभियंताओं का तर्क था कि भविष्य में रेल लाइनों विस्तार होगा तब जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसलिए सड़क के लिए जमीन नहीं दी जा सकती है।
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दूसरे विकल्पों पर हो विचार
वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक पर्यटन को विस्तार देने के लिए मार्गों का चौड़ीकरण पहली जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि देर सबेर सभी प्रस्तावों पर अमल होगा और नाथ नगरी पूरे देश में शिव भक्तों का मुख्य केंद्र बन सकेगी। मैं यही चाहता हूं कि सड़क का चौड़ीकरण अधिग्रहण के बगैर करने के विकल्प पर भी विचार होना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को सहूलियत मिले।
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वनखंडीनाथ मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी मिलती है तो निर्माण कराया जाएगा। रेलवे की एनओसी के लिए तपेश्वरनाथ मंदिर मार्ग का एलाइनमेंट बदला गया है। अब एनओसी के लिए मुरादाबाद के मंडल रेल प्रबंधक को प्रस्ताव भेजा गया है। -राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
अमर उजाला ब्यूरो
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नाथ कॉरिडोर परियोजना में 19 नवंबर 2023 को लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता ने 11 मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित किया था। नौ जगह काम शुरू हो गया। योजना के तहत वनखंडीनाथ मंदिर से एक्जीक्यूटिव क्लब होते हुए पहाड़गंज, अब्दुल्लापुर माफी होते हुए बड़ा बाइपास तक 3.5 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण भी होना था। सड़क चौड़ीकरण के लिए 37.62 करोड़ और जमीन अधिग्रहण पर 30.83 करोड़ रुपये खर्च होने थे। बजट ज्यादा होने की वजह से शासन ने वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की।
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वहीं, तपेश्वरनाथ मंदिर के लिए सुभाषनगर की रेलवे काॅलोनी से होते हुए मार्ग गुजरता है। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण शुरू करना चाहा तो रेलवे ने रोक दिया। रेलवे के स्थानीय अभियंताओं का तर्क था कि भविष्य में रेल लाइनों विस्तार होगा तब जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसलिए सड़क के लिए जमीन नहीं दी जा सकती है।
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दूसरे विकल्पों पर हो विचार
वास्तुविद सुमित अग्रवाल ने बताया कि धार्मिक पर्यटन को विस्तार देने के लिए मार्गों का चौड़ीकरण पहली जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि देर सबेर सभी प्रस्तावों पर अमल होगा और नाथ नगरी पूरे देश में शिव भक्तों का मुख्य केंद्र बन सकेगी। मैं यही चाहता हूं कि सड़क का चौड़ीकरण अधिग्रहण के बगैर करने के विकल्प पर भी विचार होना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को सहूलियत मिले।
वनखंडीनाथ मार्ग के चौड़ीकरण को मंजूरी मिलती है तो निर्माण कराया जाएगा। रेलवे की एनओसी के लिए तपेश्वरनाथ मंदिर मार्ग का एलाइनमेंट बदला गया है। अब एनओसी के लिए मुरादाबाद के मंडल रेल प्रबंधक को प्रस्ताव भेजा गया है। -राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
अमर उजाला ब्यूरो