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ये क्या! अचानक बढ़ गया फर्मों का मुनाफा
बरेली, ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2016 01:18 AM IST
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कारोबारी जगत में काफी कुछ अप्रत्याशित हो रहा है। ट्रेड टैक्स विभाग के पास पहुंच रही फाइलों के मुताबिक लंबे अर्से से बंद पड़ी डेढ़ सौ से ज्यादा फर्मों में अब अच्छा खासा कारोबार होने लगा है। कई उत्पादक फर्मों और ट्रेडर्स की तैयार हो रही बैलेंस सीट बता रही है, इस बार दिवाली सीजन बहुत ही गजब का रहा, बंपर सेल हुई और खूब उत्पादन भी हुआ। जाहिर है मुनाफा भी बढ़ा। कई अभियानों के बावजूद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) कारोबियों केरजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहा था लेकिन अब पिछले 11 दिनों में ही 55 आन लाइन आवेदन हो गए हैं। इसके लिए ट्रे़ड टैक्स कार्यालय में आवेदन कर दिए गए हैं। दरअसल ये सब नोटबंदी के साइड इफेक्ट्स हैं।
जिन विशेषज्ञों की मदद से उद्यमी और ट्रेडर्स अब तक आमदनी कम दिखा कर अपना असल मुनाफा बढ़ा लिया करते थे अब वही सलाह दे रहे हैं कि धंधे में मुनाफा दिखाना ही इस समय सबसे बेहतर है, वरना नोट गलने की नौबत आ जाएगी। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि कारोबारियों का एक बड़ा समूह काले धन का बोझ हल्का करने के लिए इस समय डेढ़ गुना ज्यादा एडवांस इनकम टैक्स अदा करने की तैयारी कर रहा है।
बरेली जिले में उत्पादन करने वाली बमुश्किल ढाई हजार औद्योगिक इकाइयां हैं जबकि ट्रेडर्स की संख्या 20 हजार से अधिक है। इनकेयहां पिछले माह तक जितना कारोबार और उत्पादन हुआ करता था, उसका 25 से 50 फीसदी ही रिकार्ड में दिखाते थे। उसी हिसाब से आमदनी दिखाई जाती रही थीं। 500 और एक हजार के नोटों का प्रचलन बंद हुआ तो कागजों में इनका उत्पादन भी बढ़ने लगा और कमाई भी।
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ट्रेडिंग और आय बढ़ाने का ये है फंडा
सीए, आयकर व ट्रेड टैक्स के एक्सपर्ट वकीलों की राय पर उत्पादन, बिक्री और आय डेढ़ से दो गुना दिखाकर अधिक टैक्स जमा करने के लिए रिकार्ड तैयार कर रहे हैं। नवरात्र और दिवाली पर बंपर बिक्री इस समय उत्पादन, ट्रेडिंग और आय बढ़ाने का तर्क है।
ये हैं मंडल के आंकड़े (आयकर)
वित्तीय वर्ष राजस्व (करोड़)
2015-16 215
2016-17 110 ( अप्रैल से सितंबर )
(अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर का एडवांस टैक्स पहले 50 करोड़ तक था जो इसबार 75 करोड़ होने का अनुमान है)
वाणिज्यकर से राजस्व (मंडल के आंकड़े)
वित्तीय वर्ष राजस्व (करोड़ रुपयों में)
2015-2016 1845
अक्तूबर 2016 0067.95
( हर महीने 60 से 70 करोड़ का औसत होता है लेकिन इस नवंबर और दिसंबर में (अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर)इस त्रैमास का टैक्स 150 फीसदी से अधिक मिलने की संभावना सीए और एक्सपर्ट जता रहे हैं)
‘उद्यमियों और ट्रेडर्स के पास अब वास्तविक आय दिखाना ही विकल्प है। इसीलिए वह 15 दिसंबर को जमा होने वाले एडवांस इनकम टैक्स में अपनी वास्तविक आमदनी का उल्लेख अवश्य करेंगे। दूसरी वजह अगले वित्तीय वर्ष से जीएसटी लागू होना है, उसके बाद अधिकांश कारोबार को छिपाया नहीं जा सकता, उसे रिकार्ड में लाना होगा। इसलिए नोटबंदी के बाद अभिलेखों में हकीकत दिखाई जा रही है।’
- मनोज मंगल, सीए
‘ उद्यमी, ट्रेडर्स या कारोबारी केसामने रिकार्ड से अधिक धन को घोषित करना जरूरी है। जिस पर 30 फीसदी टैक्स जमा करके शेष रकम को रिकार्ड में ला सकते हैं। नोटबंदी के बाद 15 दिसंबर तक बरेली में 150 प्रतिशत से अधिक इनकम टैक्स जमा होने की संभावना है। ’
- रवींद्र कुमार सिंह, आयकर अधिवक्ता
‘सरकार का उद्देश्य है कि साफ सुथरा कारोबार हो। सरकार को टैक्स में अधिक राजस्व मिले और कारोबारियों को सुविधा मिले। वास्तविक आंकड़े तो अभी नहीं मिल पाएंगे लेकिन अब तक के रुझान से जिस तरह ट्रैड टैक्स जमा हो रहा है वह कारोबारी, जनता और सरकार के लिए अच्छा संकेत हैं।’
-वीपी सिंह अपर आयुक्त व्यापार कर
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जिन विशेषज्ञों की मदद से उद्यमी और ट्रेडर्स अब तक आमदनी कम दिखा कर अपना असल मुनाफा बढ़ा लिया करते थे अब वही सलाह दे रहे हैं कि धंधे में मुनाफा दिखाना ही इस समय सबसे बेहतर है, वरना नोट गलने की नौबत आ जाएगी। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि कारोबारियों का एक बड़ा समूह काले धन का बोझ हल्का करने के लिए इस समय डेढ़ गुना ज्यादा एडवांस इनकम टैक्स अदा करने की तैयारी कर रहा है।
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बरेली जिले में उत्पादन करने वाली बमुश्किल ढाई हजार औद्योगिक इकाइयां हैं जबकि ट्रेडर्स की संख्या 20 हजार से अधिक है। इनकेयहां पिछले माह तक जितना कारोबार और उत्पादन हुआ करता था, उसका 25 से 50 फीसदी ही रिकार्ड में दिखाते थे। उसी हिसाब से आमदनी दिखाई जाती रही थीं। 500 और एक हजार के नोटों का प्रचलन बंद हुआ तो कागजों में इनका उत्पादन भी बढ़ने लगा और कमाई भी।
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ट्रेडिंग और आय बढ़ाने का ये है फंडा
सीए, आयकर व ट्रेड टैक्स के एक्सपर्ट वकीलों की राय पर उत्पादन, बिक्री और आय डेढ़ से दो गुना दिखाकर अधिक टैक्स जमा करने के लिए रिकार्ड तैयार कर रहे हैं। नवरात्र और दिवाली पर बंपर बिक्री इस समय उत्पादन, ट्रेडिंग और आय बढ़ाने का तर्क है।
ये हैं मंडल के आंकड़े (आयकर)
वित्तीय वर्ष राजस्व (करोड़)
2015-16 215
2016-17 110 ( अप्रैल से सितंबर )
(अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर का एडवांस टैक्स पहले 50 करोड़ तक था जो इसबार 75 करोड़ होने का अनुमान है)
वाणिज्यकर से राजस्व (मंडल के आंकड़े)
वित्तीय वर्ष राजस्व (करोड़ रुपयों में)
2015-2016 1845
अक्तूबर 2016 0067.95
( हर महीने 60 से 70 करोड़ का औसत होता है लेकिन इस नवंबर और दिसंबर में (अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर)इस त्रैमास का टैक्स 150 फीसदी से अधिक मिलने की संभावना सीए और एक्सपर्ट जता रहे हैं)
‘उद्यमियों और ट्रेडर्स के पास अब वास्तविक आय दिखाना ही विकल्प है। इसीलिए वह 15 दिसंबर को जमा होने वाले एडवांस इनकम टैक्स में अपनी वास्तविक आमदनी का उल्लेख अवश्य करेंगे। दूसरी वजह अगले वित्तीय वर्ष से जीएसटी लागू होना है, उसके बाद अधिकांश कारोबार को छिपाया नहीं जा सकता, उसे रिकार्ड में लाना होगा। इसलिए नोटबंदी के बाद अभिलेखों में हकीकत दिखाई जा रही है।’
- मनोज मंगल, सीए
‘ उद्यमी, ट्रेडर्स या कारोबारी केसामने रिकार्ड से अधिक धन को घोषित करना जरूरी है। जिस पर 30 फीसदी टैक्स जमा करके शेष रकम को रिकार्ड में ला सकते हैं। नोटबंदी के बाद 15 दिसंबर तक बरेली में 150 प्रतिशत से अधिक इनकम टैक्स जमा होने की संभावना है। ’
- रवींद्र कुमार सिंह, आयकर अधिवक्ता
‘सरकार का उद्देश्य है कि साफ सुथरा कारोबार हो। सरकार को टैक्स में अधिक राजस्व मिले और कारोबारियों को सुविधा मिले। वास्तविक आंकड़े तो अभी नहीं मिल पाएंगे लेकिन अब तक के रुझान से जिस तरह ट्रैड टैक्स जमा हो रहा है वह कारोबारी, जनता और सरकार के लिए अच्छा संकेत हैं।’
-वीपी सिंह अपर आयुक्त व्यापार कर