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सरकारी आस्था से क्या वास्ता..! वाल्मीकि जयंती पर नहीं दिखी समाज की भागेदारी

Sun, 01 Nov 2020 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 01:44 AM IST
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What is the deal with government faith .. Society's participation was not seen on Valmiki Jayanti
भगवान वाल्मीकि का पूजन अर्चन करते संतोष गंगवार और अन्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

जाटवपुरा के वाल्मीकि मेला स्थल पर अफसरों की भरमार मगर समाज के लोग नहीं
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केंद्रीय मंत्री और विधायकों ने भी लिया हिस्सा, पांच हजार दीपों से जगमगाया प्रांगण

बरेली। महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सरकारी आस्था का प्रदर्शन तो हुआ लेकिन समाज ने इससे कोई खास वास्ता नहीं दिखाया। माधोबाड़ी से नई बस्ती जाने वाले मार्ग पर स्थित वाल्मीकि मंदिर में अधिकारियों की मौजूदगी में दिन में रामायण पाठ हुआ और शाम को दीप जलाए गए लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में वाल्मीकि समुदाय की वह भागेदारी नहीं हो पाई जिसकी उम्मीद की गई थी। खुद भाजपाइयों की संख्या भी काफी कम रही।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने वाल्मीकि सद्भावना मेला समिति के साथ शनिवार को वाल्मीकि जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। जाटवपुरा में दोपहर साढ़े 12 बजे वाल्मीकि रामायण का संगीतमय पाठ शुरू हुआ। इस दौरान कलाकारों ने महर्षि वाल्मीकि, सीता-राम, लक्ष्मण, लव-कुश, निषाद राज और मां शबरी के चरित्र का मंचन भी किया। चूंकि प्रशासन की ओर से कार्यक्रम हो रहा था इसलिए अधिकारी एक-एक कर लगातार पहुंचते रहे। दोपहर के वक्त डीएम नितीश कुमार भी पहुंचे। हालांकि इसके बावजूद पंडाल का सन्नाटा नहीं टूटा।
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शाम छह बजे दीप प्रज्ज्वलन के समय जरूर कुछ चहल-पहल दिखी। इस दौरान पांच हजार दीप जलाए गए जिससे प्रांगण जगमगा उठा। रामायण पाठ के बाद आरती करके प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद हुए कवि सम्मेलन में कवि रोहित राकेश, रुचि शुक्ला, प्रेक्षा सक्सेना, सुभाष राहत, बाकर जैदी, रितेश साहनी, शालिनी मुक्ता ने काव्य पाठ किया। मेला समिति के अध्यक्ष मनोज थपलियाल ने बताया कि रामायण पाठ से पहले सुबह वाल्मीकि आश्रम के महंत बाबा हरनामदास ने हवन-पूजन किया।
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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, शहर विधायक डा. अरुण, मेयर उमेश गौतम, विधायक राजेश मिश्रा, भाजपा नगराध्यक्ष डॉ केएम अरोरा, गुलशन आनंद, एडीएम प्रशासन वीके सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ब्रजलाल सिंह समेत मेला समिति अध्यक्ष मनोज थपलियाल, आकाश पुष्कर, सुनील दत्त, योगेश बंटी, अरविंद वाल्मीकि आदि शामिल रहे।

भाजपा नेताओं के पास चंद घंटे पहले पहुंचा निमंत्रण

शासन की मंशा थी कि वाल्मीकि जयंती को पूरी भव्यता के साथ मनाया जाए, इसीलिए हर स्तर पर अफसरों की इस आयोजन के लिए जिम्मेदारियां तय की गई थीं लेकिन फिर भी कार्यक्रमों में जिस तरह समाज के लोगों की कमी दिखी, उससे शासन की मंशा पूरी नहीं होती दिखी। भाजपा नेताओं को भी प्रशासन का निमंत्रण शनिवार को कार्यक्रम के आयोजन से चंद घंटे पहले ही मिला। इसी कारण प्रमुख भाजपाइयों और उनके समर्थकों के अलावा इस कार्यक्रम में ज्यादा प्रतिनिधित्व नहीं रहा। ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह इस कार्यक्रम की रस्म अदायगी ही हो पाई।
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