फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   weather

कुमाऊं की बर्फवारी से कांपे शहरवासी

Sat, 14 Dec 2019 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2019 01:59 AM IST
विज्ञापन
weather
कुमाऊं की बर्फवारी से कांपे शहरवासी - फोटो : अमर उजाला, बरेली

रानीखेत, पिथौरागढ़ समेत उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी हिमपात से बढ़ी सर्दी
विज्ञापन

मौसम विज्ञानियों की आज भी बारिश की भविष्यवाणी, हवाएं बढ़ाएंगी और ठिठुरन
शुक्रवार को 27.2 मिमी बारिश से अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री गिरा

बरेली। शुक्रवार को दिन भर हवाओं के साथ लगातार बारिश से पारा लुढ़क गया। अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 16.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया तो न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री नीचे 13.3 डिग्री सेल्सियस तक जा गिरा। ठिठुरन बढ़ी तो सड़कों पर आवाजाही भी कम हो गई। भीड़भाड़ से अटे रहने वाले शहर के प्रमुख बाजारों में दिन में भी सन्नाटे जैसे माहौल दिखाई दिया। मौसम विज्ञानियों ने शनिवार को भी बारिश होने की भविष्यवाणी की है।
मौसम बुधवार से ही बदलना शुरू हो गया था। बादल छाये रहने और हवाएं चलने से तापमान गिरने लगा। बृहस्पतिवार को भी सुबह से बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। बृहस्पतिवार को आधी रात बारिश शुरू हुई और शुक्रवार को भी बादलों ने सुबह से बरसना शुरू किया तो थमने का नाम ही नहीं लिया। पूरे दिन में 27.2 मिमी बारिश से तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आ गई। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे सर्दी बढ़ेगी। शनिवार को भी बारिश होने की संभावना है। रविवार से मौसम बदल सकता है। हल्के बादल छाये रहेंगे लेकिन धूप भी खिलेगी।
विज्ञापन


गोभी-गेहूं को फायदा, आलू, मिर्च और मटर को बचाने की जरूरत
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि यह बारिश गोभी, पालक, मेथी, धनिया, गाजर, चुकंदर, टमाटर समेत मेड़ पर लगने वाली फसल के लिए अच्छी है। मटर और मिर्च के खेत में अगर पानी भर गया है तो उसे तुरंत निकाला जाए, वरना फूल गिर सकता है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलने से आलू की फसल को पछेती झुलसा और चिर्रा रोग का खतरा है। गेहूं अगर कुछ दिन पहले बोया गया है तो उसके लिए यह बारिश फायदेमंद है लेकिन अगर एक-दो दिन पहले ही बुआई हुई है तो नुकसान हो सकता है। ऐसे खेतों से तुरंत पानी निकाल देना बेहतरह रहेगा। मौसम खुलने पर दोबारा बुआई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed