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Bareilly News: सेवाधाम कॉलोनी में बिना बारिश के ही सड़कों पर जलभराव
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बरेली। सैदपुर हाकिंस की 40 साल पुरानी सेवाधाम कॉलोनी में 250 से अधिक परिवार बिना बारिश सड़कों पर जलभराव झेल रहे हैं। जलभराव से सड़क टूट गई। हर रोज कोई न कोई गिरता जरूर है। बृहस्पतिवार को मौके का हाल देखा तो लोगों का दर्द सामने आया। पार्षद भी पहुंचे।
लोगों ने पार्षद से सवाल किया- जब वे लोग नगर निगम को गृहकर, जलकर और संपत्ति कर दे रहे हैं तो फिर उन्हें जलभराव से राहत क्यों नहीं मिल पा रही है। पार्षद ने जवाब में कहा कि वे तो अपने स्तर से नगर आयुक्त के सामने कई बार लोगों की तकलीफ का मुद्दा उठा चुके हैं। नगर निगम ने जल निगम की निर्माण शाखा से जल भराव का स्थायी समाधान निकालने के लिए स्थलीय सर्वे कराया। नाला निर्माण का एस्टीमेट बना और शासन तक भेजा गया। पार्षद के मुताबिक नगर आयुक्त का कहना है कि मंजूरी मिलने पर नाले का निर्माण हो सकेगा। ब्यूरो
रिश्तेदार भी नहीं आना चाहते हमारे घर
मैंने भूखंड और मकान पर एक करोड़ रुपये खर्च किया। इसके बावजूद घर के सामने जलभराव हो रहा है। हाल यह है कि रिश्तेदार भी आना नहीं चाहते। -घनश्याम
जब टैक्स ले रहे हैं तो सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन नाला निर्माण के नाम पर अभियंता सिर्फ एस्टीमेट तक सीमित हैं। - एमआर यदुवंशी
अगर यहां रहने वालों के मकान और भूखंड की कीमत करीब 250 करोड़ रुपये है। निगम को टैक्स भी दे रहे हैं, पर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। - राकेश सिंह कठेरिया
खाली भूखंड तालाब बन गए। टैक्स लेकर भी नगर निगम सुविधाएं नहीं दे रहा। पार्षद मौके तक आए, पर किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली। - राजेंद्र आर्या, पुजारी, ओंकारेश्वरनाथ मंदिर
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वर्जन
जल निगम की सीएनडीएस ने सर्वे करके नाले के लिए एस्टीमेट बनाया था, लेकिन नाला अब तक नहीं बन सका। नगर आयुक्त ने कहा था कि जल्द मंजूरी मिल सकती है, लेकिन अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। - नवल किशोर, पार्षद, वार्ड-55
सैदपुर हाकिंस में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाला निर्माण प्रस्तावित है। मंजूरी होते ही निर्माण शुरू होगा तब तक के लिए पंपसेट लगवाकर पानी हटवाएंगे। -संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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लोगों ने पार्षद से सवाल किया- जब वे लोग नगर निगम को गृहकर, जलकर और संपत्ति कर दे रहे हैं तो फिर उन्हें जलभराव से राहत क्यों नहीं मिल पा रही है। पार्षद ने जवाब में कहा कि वे तो अपने स्तर से नगर आयुक्त के सामने कई बार लोगों की तकलीफ का मुद्दा उठा चुके हैं। नगर निगम ने जल निगम की निर्माण शाखा से जल भराव का स्थायी समाधान निकालने के लिए स्थलीय सर्वे कराया। नाला निर्माण का एस्टीमेट बना और शासन तक भेजा गया। पार्षद के मुताबिक नगर आयुक्त का कहना है कि मंजूरी मिलने पर नाले का निर्माण हो सकेगा। ब्यूरो
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रिश्तेदार भी नहीं आना चाहते हमारे घर
मैंने भूखंड और मकान पर एक करोड़ रुपये खर्च किया। इसके बावजूद घर के सामने जलभराव हो रहा है। हाल यह है कि रिश्तेदार भी आना नहीं चाहते। -घनश्याम
जब टैक्स ले रहे हैं तो सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन नाला निर्माण के नाम पर अभियंता सिर्फ एस्टीमेट तक सीमित हैं। - एमआर यदुवंशी
अगर यहां रहने वालों के मकान और भूखंड की कीमत करीब 250 करोड़ रुपये है। निगम को टैक्स भी दे रहे हैं, पर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। - राकेश सिंह कठेरिया
खाली भूखंड तालाब बन गए। टैक्स लेकर भी नगर निगम सुविधाएं नहीं दे रहा। पार्षद मौके तक आए, पर किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली। - राजेंद्र आर्या, पुजारी, ओंकारेश्वरनाथ मंदिर
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जल निगम की सीएनडीएस ने सर्वे करके नाले के लिए एस्टीमेट बनाया था, लेकिन नाला अब तक नहीं बन सका। नगर आयुक्त ने कहा था कि जल्द मंजूरी मिल सकती है, लेकिन अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। - नवल किशोर, पार्षद, वार्ड-55
सैदपुर हाकिंस में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नाला निर्माण प्रस्तावित है। मंजूरी होते ही निर्माण शुरू होगा तब तक के लिए पंपसेट लगवाकर पानी हटवाएंगे। -संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त