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Bareilly News: वेंडर्स को नहीं मिला क्यूआर कोड युक्त आईडी कार्ड, उत्पीड़न का हो रहे शिकार
Wed, 15 Apr 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:23 AM IST
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बरेली। रेलवे ने दो साल पहले वैध लाइसेंसधारी वेंडर्स को क्यूआर कोड युक्त डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य तो कर दिया, लेकिन जंक्शन के वैध वेंडर्स को अब तक ये उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में लाइसेंसधारी वैध वेंडर्स शोषण का शिकार हो रहे हैं। आरोप है कि आरपीएफ अवैध वेंडर्स को संरक्षण देकर वैध वेंडर्स को थाने में बैठा रही है।
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मुनासिब दामों में गुणवत्ता पूर्ण खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। इसके लिए रेलवे एक फीस लेकर वैध वेंडरों को लाइसेंस जारी करता है। स्टेशनों पर लाइसेंसधारी वेंडर्स ही खाने-पीने का सामान बेंच सकते हैं।
अवैध वेंडर्स पर नकेल कसने के लिए डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया था। डिजिटल आईडी कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर किसी भी वेंडर का नाम, फोटो, आधार नंबर, मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
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जंक्शन के वेंडर्स को अब तक डिजिटल आईडी कार्ड नहीं मिले हैं। ऐसे में जंक्शन पर अवैध वेंडर्स का दबदबा रहता है। इतना ही नहीं अवैध वेंडर्स को आरपीएफ का संरक्षण भी हासिल है। आरोप है कि कई अवैध वेंडर्स आरपीएफ थाने में तैनात स्टाफ के आवासों पर भी सेवा देते हैं। इसके विरोध में वेंडर्स सोसायटी लाइसेंस सरेंडर करने की चेतावनी भी दे चुकी है। सीएमआई सैय्यद इमरान ने बताया कि अवैध वेंडर्स को संरक्षण मामले में मुख्यालय स्तर से जांच चल रही है।
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रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मुनासिब दामों में गुणवत्ता पूर्ण खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। इसके लिए रेलवे एक फीस लेकर वैध वेंडरों को लाइसेंस जारी करता है। स्टेशनों पर लाइसेंसधारी वेंडर्स ही खाने-पीने का सामान बेंच सकते हैं।
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अवैध वेंडर्स पर नकेल कसने के लिए डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया था। डिजिटल आईडी कार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर किसी भी वेंडर का नाम, फोटो, आधार नंबर, मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी।
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जंक्शन के वेंडर्स को अब तक डिजिटल आईडी कार्ड नहीं मिले हैं। ऐसे में जंक्शन पर अवैध वेंडर्स का दबदबा रहता है। इतना ही नहीं अवैध वेंडर्स को आरपीएफ का संरक्षण भी हासिल है। आरोप है कि कई अवैध वेंडर्स आरपीएफ थाने में तैनात स्टाफ के आवासों पर भी सेवा देते हैं। इसके विरोध में वेंडर्स सोसायटी लाइसेंस सरेंडर करने की चेतावनी भी दे चुकी है। सीएमआई सैय्यद इमरान ने बताया कि अवैध वेंडर्स को संरक्षण मामले में मुख्यालय स्तर से जांच चल रही है।