Chaitra Navratri 2024: नवरात्र आज से प्रारंभ, जानिए घट स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के लिए मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारी की गई हैं। शहर के देवी मंदिरों की रौनक बढ़ गई है। भक्तों में भी उत्साह है।
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शक्ति की उपासना का पर्व वासंतिक नवरात्र मंगलवार से प्रारंभ हो गया है। बरेली में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के लिए मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारी की गई हैं। शहर के देवी मंदिरों की रौनक बढ़ गई है। भक्तों में भी उत्साह है। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार से नव संवत्सर का प्रारंभ होने से यह अत्यंत मंगलकारी साबित होगा।
कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर, डीडीपुरम व साहूकारा स्थिति नवदुर्गा शक्ति मंदिर, बदायूं रोड स्थित चौरासी घंटा मंदिर, नरियावल स्थित शीतला माता मंदिर, नेकपुर का ललिता देवी मंदिर, मनोकामना वैष्णो देवी धाम मंदिर, रोहली टोला में माहौर वैश्य नवदुर्गा मंदिर में तैयारियां पूरी हो गई हैं। नवरात्र में इन मंदिरों पर भक्तों की भीड़ होने के मद्देनजर व्यस्थाएं की गई हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के मुताबिक इस दिन दोपहर 2:18 बजे तक वैधृति योग रहेगा और अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11:45 से 12:36 बजे तक रहेगा। यह मुहूर्त घट स्थापना के लिए अत्यंत शुभ है। सुबह 6:24 से 10:28 बजे तक भी घट स्थापना की जा सकती है। इस दिन सुबह 7:32 बजे से पूरे दिन अमृत सिद्धि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग व्याप्त रहेगा। घट स्थापना शुभ मुहूर्त में की जाए तो हर कार्य तीव्रता से सिद्ध होता है।
ऐसे करें घट स्थापना
पूजा स्थल को साफ कर लें। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लें। शुभ मुहूर्त में मिट्टी के कलश में जल भरके हल्दी, रोली, अक्षत, सिक्का डाल दें। फिर पंच पल्लव रखें। उसके ऊपर मिट्टी का सकोर रख दें। सकोर के ऊपर नारियल रख दें।
घट के निकट ही नए कपड़े में माता की चौकी बनाएं। गौरी-गणेश की स्थापना करें। घट पूजा शुरू कर मां का स्मरण करें। जौ बोएं, अखंड ज्योति जलाएं। चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, पंचामृत से माता का भोग लगाएं। आरती कर मनवांक्षित फल की प्राप्ति के लिए कामना करें।