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उत्तरैणी मेला लागि रौ बरेली बजारा...
बरेली
Updated Thu, 15 Jan 2015 01:26 AM IST
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उत्तराखंड की लोक संस्कृति समेटे उत्तरायणी मेले में बुधवार को भी खूब मस्ती हुई। भीड़ इस साल रिकार्ड तोड़ रही है। सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय और पहाड़ से आए कलाकाराें ने एक से एक प्रस्तुति दी। बिंदिया त्यर माथ पे चमकनी..., चूड़ी तेरि हाथ पे खनकनी... दिल धड़कौची.. और उत्तरैणी कू मेला लागि रौे बरेली बजारा...ने खूब समां बांधा। मंच संचालन भी कुमाउंनी में किया गया। मेला गुुरुवार तक लगेगा।
उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित मेले का बरेली क्लब ग्राउंड भी जैसे कम पड़ रहा है। भीड़ इतनी है कि लोगों को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी बाहर खड़े होकर देखना पड़ रहा। बुधवार को स्थानीय स्कूलाें व समितियाें की ओर से कार्यक्रम पेश किए गए। वहीं, उत्तराखंड से आए कलाकाराें ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। छोलिया नृत्य और सोका नृत्य की प्रस्तुति भी हुई। बुधवार को तुलसीमठ के महंत कमलनयन दास और सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव भी विशेष अतिथियों में शामिल रहे।
-केआरसी ओर से नुक्कड़ नाटक भी
मेले में कुमाऊं रेजीमेंट का दल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां बैगपाइपर धुन से लोगाें को मुग्ध किया जा रहा है। हर एक घंटे बाद बजने वाली आर्मी धुन को सुनकर लोग वहीं ठहर जाते हैं। बुधवार को इनके दल की ओर से नुक्कड़ नाटक भी पेश किया गया। इस नाटक में गंदगी को लेकर तंज कसे गए। लोगाें को बताया गया कि किस तरह सफाई अभियान में शामिल होकर देश को ऊंचा किया जा सकता है।
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-भूतपूर्व सैनिकाें का चिकित्सा शिविर
54 इंजीनियर रेजीमेंट और 6 माउंटेन डिव की ओर से बुधवार को भूतपूर्व सैनिका ने एक चिकित्सा शिविर लगाया है। यहां प्रकार की जांच की जा रही है। ब्लड ग्रुप, वजन, ब्लडप्रेशर व शुगर की जांच भी हो रही है।
- पद्मश्री डॉ. जेएस तितियाल का हुआ सम्मान
मेडिकल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक डॉ. जेएस तितियाल को उत्तरायणी मेले में सम्मानित किया गया। बुधवार को समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, महामंत्री देवेंद्र जोशी के साथ अन्य पदाधिकारियाें ने मिलकर उन्हें सम्मानित किया। डॉ. जेएस तितियाल को पिछले साल पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। डॉ. तितियाल ने बताया कि संस्कृति को बढ़ाने और बचाने का यह मेला बहुत जरूरी है।
- आज के कार्यक्रम
सांस्कृतिक कार्यक्रम रात नौ बजे तक
विशेष अतिथि का सम्मान 3 बजे
नुक्कड़ नाटक 3 बजे
कुमाऊं रेजीमेंट का बैगपाइपर शो 2 बजे
--- इनसेट
हो गई 40 लाख की बिक्री
मेले में बुधवार को स्टॉल संचालकाें के चेहरों पर मुस्कान उभरने लगी है। यहां लगे 140 स्टाल में एक भी स्टॉल ऐसा नहीं है जिसपर भीड़ न हो। लोगों को अपनी पसंद की वस्तुएं खरीदने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मेला संचालकों का अनुमान है कि एक दिन में करीब 40 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो गई है। हर स्टॉल पर पर करीब 40 से 50 हजार की बिक्री एक दिन में हुई है।
सबसे ज्यादा भीड़ कलकत्ता की कारीगरी वाले बांस के फूल व नागालैंड से आए ड्राई फ्लावर के स्टाल पर है। यहां एक से एक डिजाइन के मॉडल बनाए गए हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक है। वहीं पहाड़ के अनाज मंदुए का आटा, गहत और दूसरी मोटी दालें लोग थैलों ें में भरकर ले जा रहे हैं। इसके अलावा गर्म कपड़ों की भी मांग है। स्टॉल प्रभारी विपिन चंद्र शर्मा ने बताया कि कल से स्टॉलाें पर सामान खरीदने के लिए लोगाें को इंतजार करना पड़ रहा है। कपड़े, अनाज और मिठाई की मांग सबसे अधिक है।
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उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित मेले का बरेली क्लब ग्राउंड भी जैसे कम पड़ रहा है। भीड़ इतनी है कि लोगों को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी बाहर खड़े होकर देखना पड़ रहा। बुधवार को स्थानीय स्कूलाें व समितियाें की ओर से कार्यक्रम पेश किए गए। वहीं, उत्तराखंड से आए कलाकाराें ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। छोलिया नृत्य और सोका नृत्य की प्रस्तुति भी हुई। बुधवार को तुलसीमठ के महंत कमलनयन दास और सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव भी विशेष अतिथियों में शामिल रहे।
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-केआरसी ओर से नुक्कड़ नाटक भी
मेले में कुमाऊं रेजीमेंट का दल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां बैगपाइपर धुन से लोगाें को मुग्ध किया जा रहा है। हर एक घंटे बाद बजने वाली आर्मी धुन को सुनकर लोग वहीं ठहर जाते हैं। बुधवार को इनके दल की ओर से नुक्कड़ नाटक भी पेश किया गया। इस नाटक में गंदगी को लेकर तंज कसे गए। लोगाें को बताया गया कि किस तरह सफाई अभियान में शामिल होकर देश को ऊंचा किया जा सकता है।
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-भूतपूर्व सैनिकाें का चिकित्सा शिविर
54 इंजीनियर रेजीमेंट और 6 माउंटेन डिव की ओर से बुधवार को भूतपूर्व सैनिका ने एक चिकित्सा शिविर लगाया है। यहां प्रकार की जांच की जा रही है। ब्लड ग्रुप, वजन, ब्लडप्रेशर व शुगर की जांच भी हो रही है।
- पद्मश्री डॉ. जेएस तितियाल का हुआ सम्मान
मेडिकल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक डॉ. जेएस तितियाल को उत्तरायणी मेले में सम्मानित किया गया। बुधवार को समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, महामंत्री देवेंद्र जोशी के साथ अन्य पदाधिकारियाें ने मिलकर उन्हें सम्मानित किया। डॉ. जेएस तितियाल को पिछले साल पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। डॉ. तितियाल ने बताया कि संस्कृति को बढ़ाने और बचाने का यह मेला बहुत जरूरी है।
- आज के कार्यक्रम
सांस्कृतिक कार्यक्रम रात नौ बजे तक
विशेष अतिथि का सम्मान 3 बजे
नुक्कड़ नाटक 3 बजे
कुमाऊं रेजीमेंट का बैगपाइपर शो 2 बजे
--- इनसेट
हो गई 40 लाख की बिक्री
मेले में बुधवार को स्टॉल संचालकाें के चेहरों पर मुस्कान उभरने लगी है। यहां लगे 140 स्टाल में एक भी स्टॉल ऐसा नहीं है जिसपर भीड़ न हो। लोगों को अपनी पसंद की वस्तुएं खरीदने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मेला संचालकों का अनुमान है कि एक दिन में करीब 40 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हो गई है। हर स्टॉल पर पर करीब 40 से 50 हजार की बिक्री एक दिन में हुई है।
सबसे ज्यादा भीड़ कलकत्ता की कारीगरी वाले बांस के फूल व नागालैंड से आए ड्राई फ्लावर के स्टाल पर है। यहां एक से एक डिजाइन के मॉडल बनाए गए हैं। इनकी कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक है। वहीं पहाड़ के अनाज मंदुए का आटा, गहत और दूसरी मोटी दालें लोग थैलों ें में भरकर ले जा रहे हैं। इसके अलावा गर्म कपड़ों की भी मांग है। स्टॉल प्रभारी विपिन चंद्र शर्मा ने बताया कि कल से स्टॉलाें पर सामान खरीदने के लिए लोगाें को इंतजार करना पड़ रहा है। कपड़े, अनाज और मिठाई की मांग सबसे अधिक है।