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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Uttarakhand for not recruiting patients FAQ

उत्तराखंड के मरीजों को भर्ती न करने पर सवाल जवाब

Tue, 09 Feb 2016 01:28 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 09 Feb 2016 01:28 AM IST
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उत्तराखंड से आने वाले मरीजों को मानसिक अस्पताल में भर्ती न किये जाने को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को बरेली के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की ओर से इस संबंध में जवाब लखनऊ भेजा गया।
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मानसिक अस्पताल में कई बार उत्तराखंड के मरीजों को भर्ती न करने की बात सामने आई है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंची तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा। सख्त लहजे में पत्र भेजते हुए कहा कि मानसिक अस्पताल में दूसरे राज्य के मरीजों को इलाज न मिलना गंभीर बात है। प्रमुख सचिव के पास पत्र पहुंचा तो उन्हाेंने स्वास्थ्य महानिदेशक के मार्फत बरेली अपर निदेशक को पत्र भेजकर जवाब देने को कहा है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
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क्यों भर्ती नहीं कर रहा है अस्पताल
जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग होने से पहले प्रदेश के चाराें मानसिक अस्पताल को कुछ प्रमुख क्षेत्र बांटे गए थे, जिनको उन्हीं क्षेत्र के मरीजों को भर्ती करना था। राज्य अलग हुआ तो वर्ष 2008 में नया शासनादेश जारी हुआ। इसमें कहा गया कि मानसिक अस्पताल को राज्य के मरीज देखने हैं। इसमें सभी राज्य न लिखा होने से स्वास्थ्य अधिकारी उत्तराखंड को अलग राज्य मानकर मरीज को भर्ती नहीं करते हैं।
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